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हृदयगति रुकने से सेना के जवान की मौत
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गांगनौली गांव में शहीद प्रवीण का शव पहुंचने पर श्रद्धांजली देते जवान व ग्रामीण
- फोटो : BAGHPAT
दोघट (बागपत)। सेना में कार्यरत गांगनौली गांव के जवान की हृदय गति रुकने से मौत हो गई। जवान इन दिनों झांसी में तैनात था। जवान का पार्थिव शरीर गांव पहुंचने पर गम का माहौल बन गया। परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। गमगीन माहौल के बीच अंतिम संस्कार कर दिया गया।
गांगनौली निवासी प्रवीण कुमार पुत्र पद्म सिंह वर्ष 2005 में मेरठ से आर्मी में भर्ती हुआ था। लेह लद्दाख से उसकी पोस्टिंग झांसी हो गई थी। 12 जनवरी को छुट्टी पूरी कर वह झांसी पहुंच गया था। बताया गया कि झांसी पहुंचने के बाद शाम छह बजे उसकी हालत अचानक बिगडने पर साथी अस्पताल ले गए। जहां उसकी मौत हो गई। जवान की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। मृतक जवान के बड़े भाई कंवरपाल ने बताया कि प्रवीण ने झांसी पहुंचकर परिजनों को जानकारी दी थी।
मंगलवार को जवान का पार्थिव शरीर गांगनौली गांव पहुंचा। जिससे गांव शोक में डूब गया। गांव में आर्मी के जवानों ने राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया। प्रवीण के बड़े बेटे आर्यन ने उनकी चिता को मुखाग्नि दी। पिता पद्म सिंह, मां रामबीरी, पत्नी रचना, बेटा आर्यन व शिवांश तथा भाई कंवरपाल का रो रोकर बुरा हाल रहा। नरेंद्र सिंह, संजीव राठी, राजेंद्र चौधरी, कृष्णपाल, पूर्व प्रधान धर्मेंद्र राठी, सतवीर, एसएसआई सुशील कुमार मौजूद रहे
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गांगनौली निवासी प्रवीण कुमार पुत्र पद्म सिंह वर्ष 2005 में मेरठ से आर्मी में भर्ती हुआ था। लेह लद्दाख से उसकी पोस्टिंग झांसी हो गई थी। 12 जनवरी को छुट्टी पूरी कर वह झांसी पहुंच गया था। बताया गया कि झांसी पहुंचने के बाद शाम छह बजे उसकी हालत अचानक बिगडने पर साथी अस्पताल ले गए। जहां उसकी मौत हो गई। जवान की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। मृतक जवान के बड़े भाई कंवरपाल ने बताया कि प्रवीण ने झांसी पहुंचकर परिजनों को जानकारी दी थी।
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मंगलवार को जवान का पार्थिव शरीर गांगनौली गांव पहुंचा। जिससे गांव शोक में डूब गया। गांव में आर्मी के जवानों ने राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया। प्रवीण के बड़े बेटे आर्यन ने उनकी चिता को मुखाग्नि दी। पिता पद्म सिंह, मां रामबीरी, पत्नी रचना, बेटा आर्यन व शिवांश तथा भाई कंवरपाल का रो रोकर बुरा हाल रहा। नरेंद्र सिंह, संजीव राठी, राजेंद्र चौधरी, कृष्णपाल, पूर्व प्रधान धर्मेंद्र राठी, सतवीर, एसएसआई सुशील कुमार मौजूद रहे
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