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एटीएम से 71 लाख रुपये निकालने वालों की अग्रिम जमानत नामंजूर
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बागपत। एटीएम में रुपये डालने वाली कंपनी के दो कस्टोडियन की अग्रिम जमानत नामंजूर कर दी गई है। उन दोनों ने एटीएम से 71 लाख रुपये निकाल लिए थे। इस कारण उन पर मुकदमा दर्ज कराया गया था।
जिला शासकीय अधिवक्ता सुनील पंवार ने बताया कि मेरठ की सीएमएस इंफो सिस्टम के ब्रांच मैनेजर राजकुमार ने बागपत कोतवाली में 4 दिसंबर 2021 को मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि उनके ब्रांच ऑफिस के अंतर्गत बागपत भी आता है। उनकी कंपनी की विभिन्न बैंकों के एटीएम में रुपये डालने की जिम्मेदारी है। इसके लिए उन्होंने कस्टोडियन रखे हुए हैं। उनकी जिम्मेदारी एटीएम में रुपये डालने के साथ रोजाना मिलान कराने की होती है। बागपत रूट के कस्टोडियन आकाश निवासी नवादा व विपिन तोमर निवासी फतेहपुर पुट्ठी थे। 26 नवंबर को बागपत रूट के एटीएम का ऑडिट करने के लिए इन दोनों को बुलवाया गया, लेकिन वे नहीं पहुंचे। इसके बाद उनके परिजनों से संपर्क किया। वे दोनों को लेकर मेरठ कार्यालय पहुंचे। वहां उन दोनों को बताया कि एटीएम से करीब 23 लाख रुपये गायब हैं। इसके बाद दबाव बनाया गया तो परिजनों ने 17 लाख रुपये जमा करा दिए। इसके बाद एटीएम का ऑडिट शुरू कराया तो पता चला कि बागपत रोड के एटीएम से 71 लाख 34 हजार रुपये गायब हैं। इसके बाद इन लोगों ने दस लाख रुपये और जमा कराए। इस तरह करीब 44 लाख से ज्यादा रुपये उन पर हैं। रुपये नहीं देने पर दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में दोनों ने अग्रिम जमानत के लिए जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुधीर कुमार की कोर्ट में याचिका डाली थी। उनकी अग्रिम जमानत को नामंजूर कर दिया गया है।
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जिला शासकीय अधिवक्ता सुनील पंवार ने बताया कि मेरठ की सीएमएस इंफो सिस्टम के ब्रांच मैनेजर राजकुमार ने बागपत कोतवाली में 4 दिसंबर 2021 को मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि उनके ब्रांच ऑफिस के अंतर्गत बागपत भी आता है। उनकी कंपनी की विभिन्न बैंकों के एटीएम में रुपये डालने की जिम्मेदारी है। इसके लिए उन्होंने कस्टोडियन रखे हुए हैं। उनकी जिम्मेदारी एटीएम में रुपये डालने के साथ रोजाना मिलान कराने की होती है। बागपत रूट के कस्टोडियन आकाश निवासी नवादा व विपिन तोमर निवासी फतेहपुर पुट्ठी थे। 26 नवंबर को बागपत रूट के एटीएम का ऑडिट करने के लिए इन दोनों को बुलवाया गया, लेकिन वे नहीं पहुंचे। इसके बाद उनके परिजनों से संपर्क किया। वे दोनों को लेकर मेरठ कार्यालय पहुंचे। वहां उन दोनों को बताया कि एटीएम से करीब 23 लाख रुपये गायब हैं। इसके बाद दबाव बनाया गया तो परिजनों ने 17 लाख रुपये जमा करा दिए। इसके बाद एटीएम का ऑडिट शुरू कराया तो पता चला कि बागपत रोड के एटीएम से 71 लाख 34 हजार रुपये गायब हैं। इसके बाद इन लोगों ने दस लाख रुपये और जमा कराए। इस तरह करीब 44 लाख से ज्यादा रुपये उन पर हैं। रुपये नहीं देने पर दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में दोनों ने अग्रिम जमानत के लिए जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुधीर कुमार की कोर्ट में याचिका डाली थी। उनकी अग्रिम जमानत को नामंजूर कर दिया गया है।
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