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Baghpat News: पशु तोड़ रहे दम, अफसरों का नहीं ध्यान
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निरपुड़ा गांव में बीमार पशु को दिखाते ग्रामीण । स्रोत:ग्रामीण
- निरपुड़ा गांव में 20 दिन में 18 पशुओं की हो चुकी है मौत, 25 से अधिक पशु बीमार
- पशुओं में फैल रही बीमारी के कारण हो रही मौत, कैंप नहीं लगाने पर लोगों में रोष
संवाद न्यूज एजेंसी
दोघट। निरपुड़ा गांव में पशुओं में फैली बीमारी से 20 दिन में 18 पशुओं की मौत हो चुकी है, जबकि 25 से अधिक पशु बीमारी की चपेट में आ गए हैं। पशुओं की मौत होने के बाद भी पशु चिकित्सा विभाग के अफसर भी ध्यान नहीं रहे हैं, जिससे लोगों में रोष बना हुआ है।
निरपुड़ा गांव में एक माह से पशुओं में बीमारी फैली हुई है। इसके चलते अब तक 20 दिनों में 18 पशुओं की मौत होने के बाद भी पशु चिकित्सक गांव की तरफ नहीं जा रहे है। गांव में 25 से अधिक पशु बीमारी की चपेट में है। विरेंद्र राणा, मुनेश देवी, शुभम राणा आदि ने बताया कि चार दिन में सुधीर की भैंस, राहुल की गाय, सुनील की भैंस, नोमहल की गाय, ऋषिपाल की गाय, संतु की गाय की मौत हो चुकी है। जबकि देवेंद्र के तीन पशु, विनोद का एक पशु, सहदेव का एक पशु, मुनेश के दो पशु, नरेंद्र ढुलान, जगबीरा, नरेंद्र, राजू राजपाल आदि के पशु बीमार है। बताया कि पशुओं के मुंह से अचानक लार टपकना शुरू हो जाती है और फिर पशु पैरों से लंगड़ाना शुरू कर देता है। फिर उनके खुर में सड़न होने के बाद वह चारा खाना छोड़ देते है। इसके बाद वह धीरे-धीरे दम तोड़ देते हैं।
लोगों का कहना है कि निजी चिकित्सकों से उपचार करा रहे हैं। इसके बाद पशुओं की बीमारी में कोई आराम नहीं लग रहा। शिकायत के बाद भी पशु चिकित्सक ठीक से उपचार नहीं कर पा रहे है। ऐसे में उन्हें काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। वहीं निरपुड़ा पशु चिकित्सालय प्रभारी डाॅ. देवेंद्र कुमार का कहना है कि पशुओं में फैली बीमारी रोकने के लिए खुद टीम के साथ लगे हुए है। इस समय अधिकांश पशुओं को बीमारी से राहत भी मिल चुकी है। छह पशु बीमार हैं, जिनका उपचार किया जा रहा है।
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- पशुओं में फैल रही बीमारी के कारण हो रही मौत, कैंप नहीं लगाने पर लोगों में रोष
संवाद न्यूज एजेंसी
दोघट। निरपुड़ा गांव में पशुओं में फैली बीमारी से 20 दिन में 18 पशुओं की मौत हो चुकी है, जबकि 25 से अधिक पशु बीमारी की चपेट में आ गए हैं। पशुओं की मौत होने के बाद भी पशु चिकित्सा विभाग के अफसर भी ध्यान नहीं रहे हैं, जिससे लोगों में रोष बना हुआ है।
निरपुड़ा गांव में एक माह से पशुओं में बीमारी फैली हुई है। इसके चलते अब तक 20 दिनों में 18 पशुओं की मौत होने के बाद भी पशु चिकित्सक गांव की तरफ नहीं जा रहे है। गांव में 25 से अधिक पशु बीमारी की चपेट में है। विरेंद्र राणा, मुनेश देवी, शुभम राणा आदि ने बताया कि चार दिन में सुधीर की भैंस, राहुल की गाय, सुनील की भैंस, नोमहल की गाय, ऋषिपाल की गाय, संतु की गाय की मौत हो चुकी है। जबकि देवेंद्र के तीन पशु, विनोद का एक पशु, सहदेव का एक पशु, मुनेश के दो पशु, नरेंद्र ढुलान, जगबीरा, नरेंद्र, राजू राजपाल आदि के पशु बीमार है। बताया कि पशुओं के मुंह से अचानक लार टपकना शुरू हो जाती है और फिर पशु पैरों से लंगड़ाना शुरू कर देता है। फिर उनके खुर में सड़न होने के बाद वह चारा खाना छोड़ देते है। इसके बाद वह धीरे-धीरे दम तोड़ देते हैं।
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लोगों का कहना है कि निजी चिकित्सकों से उपचार करा रहे हैं। इसके बाद पशुओं की बीमारी में कोई आराम नहीं लग रहा। शिकायत के बाद भी पशु चिकित्सक ठीक से उपचार नहीं कर पा रहे है। ऐसे में उन्हें काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। वहीं निरपुड़ा पशु चिकित्सालय प्रभारी डाॅ. देवेंद्र कुमार का कहना है कि पशुओं में फैली बीमारी रोकने के लिए खुद टीम के साथ लगे हुए है। इस समय अधिकांश पशुओं को बीमारी से राहत भी मिल चुकी है। छह पशु बीमार हैं, जिनका उपचार किया जा रहा है।
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