खेकड़ा। पीएचसी पर शुक्रवार को आयोजित हाई रिस्क प्रेग्नेंसी डे पर चिकित्सकों ने 150 गर्भवती महिलाओं की जांच की। इनमें 22 चिह्नित महिलाओं को आवश्यक उपचार दिया गया। सभी महिलाओं की कोरोना जांच भी की गई।
शिविर में चिकित्सक डॉ. प्रियंका की टीम ने आशा कार्यकर्ताओं के सहयोग से 150 गर्भवती महिलाओं की जांच की। सभी का हीमोग्लोबिन आदि के अतिरिक्त कोरोना टेस्ट भी कराया गया। इनमें 22 महिलाओं में खून की कमी को देखते हुए हाई रिस्क श्रेणी में चयनित किया गया। उनको आवश्यक उपचार के साथ सावधानी बरतने की सलाह दी गई। सीएचसी अधीक्षक डॉ. ताहिर ने बताया कि तेजी से घटते हीमोग्लोबिन और सेहत की अनदेखी के चलते महिलाएं हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की चपेट में आ रही हैं। प्रदेश भर में प्रत्येक एक हजार से अधिक गर्भवती महिलाएं काल के गाल में समा जाती हैं। गर्भवती महिलाओं में हीमोग्लोबिन की स्तर बढ़ाने को 90 दिन के लिए 180 आयरन टेबलेट्स दी जाती हैं। दरअसल, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी में हीमोग्लोबिन का स्तर पांच से कम रह जाता है, जबकि महिलाओं में 10 से 12 का स्तर होना चाहिए। बताया कि गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को काफी एहतियात बरतने की जरूरत होती है। लापरवाही की वजह से वह हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की चपेट में आ जाती हैं। इस मौके पर डा. प्रियंका कंसाना, डॉ. प्रगति अग्रवाल, डॉ. सोनल, स्टाफ नर्स दिव्या, प्रिया राज, आरिफा, तबस्सुम, वार्ड आया लक्ष्मी, एलटी नफीस खान, मनोज कुमार, सतीश, गौरव भारद्वाज, आशेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।