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गजब फैसला : रिश्वत के आरोप माने जाएंगे निराधार
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बागपत। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी रिश्वत मांगने के आरोपों को लेकर सहमे हुए हैं। इसके चलते सीएमओ ने शिकायत होने से पहले ही विज्ञप्ति जारी कर दी। जिसमें एक सेवानिवृत्त कर्मचारी का जिक्र करते हुए कहा यदि वह कोई आरोप लगाती हैं तो उसे निराधार और सत्य से परे माना जाएगा।
पिछले दिनों स्वास्थ्य विभाग से सेवानिवृत्त बदरखा निवासी सोहनवीरी ने महकमे के एक कर्मचारी पर देयों के भुगतान के लिए रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था। इसका ऑडियो भी वायरल किया था। इसके आधार पर कर्मचारी को कार्यमुक्त कर दो सदस्यीय टीम को जांच सौंपी थी। अब सीएमओ ने विज्ञप्ति जारी की है। इसमें बालैनी निवासी सेवानिवृत्त एचएलवी सुशीला देवी का जिक्र है।
सीएमओ के अनुसार विभाग ने 31 अगस्त 2020 को सेवानिवृत्त सुशीला देवी के देयों का नियमानुसार भुगतान कर दिया है। अवशेष देयों के भुगतान की प्रक्रिया जारी है। भविष्य में इस संबंध में सुशीला देवी विभाग के अधिकारी अथवा कर्मचारी पर कोई आरोप लगाती हैं तो उसे निराधार माना जाएगा और शिकायत करने पर वह स्वयं जिम्मेदार होंगी। इसका सीधा अर्थ है कि अधिकारियों को डर है कि सुशीला देवी भी ऐसी ही शिकायत कर सकती हैं। इससे पहले ही आरोपों को निराधार बताया जाना समझ से परे है।
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पिछले दिनों स्वास्थ्य विभाग से सेवानिवृत्त बदरखा निवासी सोहनवीरी ने महकमे के एक कर्मचारी पर देयों के भुगतान के लिए रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था। इसका ऑडियो भी वायरल किया था। इसके आधार पर कर्मचारी को कार्यमुक्त कर दो सदस्यीय टीम को जांच सौंपी थी। अब सीएमओ ने विज्ञप्ति जारी की है। इसमें बालैनी निवासी सेवानिवृत्त एचएलवी सुशीला देवी का जिक्र है।
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सीएमओ के अनुसार विभाग ने 31 अगस्त 2020 को सेवानिवृत्त सुशीला देवी के देयों का नियमानुसार भुगतान कर दिया है। अवशेष देयों के भुगतान की प्रक्रिया जारी है। भविष्य में इस संबंध में सुशीला देवी विभाग के अधिकारी अथवा कर्मचारी पर कोई आरोप लगाती हैं तो उसे निराधार माना जाएगा और शिकायत करने पर वह स्वयं जिम्मेदार होंगी। इसका सीधा अर्थ है कि अधिकारियों को डर है कि सुशीला देवी भी ऐसी ही शिकायत कर सकती हैं। इससे पहले ही आरोपों को निराधार बताया जाना समझ से परे है।
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