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Baghpat News: जाट सभा में तीन घंटे मंथन के बाद सोमेंद्र ढाका बने अध्यक्ष
Mon, 27 Oct 2025 12:21 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
Updated Mon, 27 Oct 2025 12:21 AM IST
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बागपत के जिला जाट भवन में नवनियुक्त चुने गए एडवोकेट सोमेंद्र ढाका का स्वागत करते लोग। संवाद
बागपत। जिला जाट सभा में काफी घमासान के बाद तीन घंटे तक मंथन हुआ, तब जाकर समाज के पंचों ने सोमेंद्र ढाका को अध्यक्ष चुना। सोमेंद्र ढाका ने अध्यक्ष बनने से इंकार कर दिया। उनको सभी ने मनाया तो वह मान गए। इस सप्ताह कार्यकारिणी की घोषणा भी की जाएगी। वहीं आम सभा में जिला जाट सभा का तीन साल का आय-व्यय का ब्योरा भी रखा गया।
जिला जाट सभा के पदाधिकारियों का तीन साल का कार्यकाल 22 अगस्त को खत्म हो गया था मगर अध्यक्ष देवेंद्र धामा ने कार्यकाल पांच साल का करने के लिए प्रस्ताव रजिस्ट्रार को भेज दिया था। इसको लेकर विवाद हो गया और महासचिव गजेंद्र कुंडू समेत कई पदाधिकारियों ने विरोध में इस्तीफा दे दिया था। तब घोषणा की गई थी कि 26 अक्तूबर को अध्यक्ष का चुनाव कराया जाएगा।
अध्यक्ष पद के लिए काफी दावेदार आने लगे थे और इस कारण घमासान होता देखकर पंद्रह दिन पहले चुनाव समिति घोषित की गई थी। इसमें एडवोकेट सोमेंद्र ढाका, सुनील पंवार, वीरेंद्र पंवार, जयवीर सिंह को रखा गया और इनको अध्यक्ष के नाम पर आम सहमति बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। अध्यक्ष के लिए 25 से ज्यादा दावेदार होने के कारण यह समिति भी किसी एक नाम पर सहमति नहीं जता सकी मगर पूर्व निर्धारित तिथि के अनुसार जाट भवन में अध्यक्ष के चुनाव के लिए आम सभा के सदस्यों की बैठक बुलाई गई। यह बैठक सुबह करीब 11 बजे शुरू हो गई थी। जहां अध्यक्ष पद के लिए खींचतान बढ़ने लगी तो समाज के वरिष्ठ सदस्यों को पंच बनाते हुए समिति बनाई गई।
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इसमें डॉ. महावीर सिंह, धर्मपाल बाघू, चरण सिंह खोखर, धर्मपाल रमाला, कृष्णपाल चेयरमैन, सुनील पंवार एडवोकेट, डॉ. जगपाल तेवतिया, जयवीर सिंह, रामवीर ढाका, नरेश चौधरी, प्रमोद प्रमुख काठा, अशोक तोमर, विक्रम आर्य को शामिल किया गया। इन सभी ने बंद कमरे में जाकर आपस में बातचीत की और एक घंटे के मंथन के बाद सभा के पहले महासचिव रह चुके एडवोकेट सोमेंद्र ढाका के नाम पर सहमति जताई।
कमरे से बाहर आकर मंच से डॉ. जगपाल तेवतिया ने सोमेंद्र ढाका को अध्यक्ष बनाने की घोषणा की तो सभी ने उस पर सहमति जता दी। तभी सोमेंद्र ढाका ने कहा कि वह चुनाव समिति के सदस्य रहे हैं, इसलिए उनको अध्यक्ष बनाना ठीक नहीं है। उनकी जगह किसी अन्य को अध्यक्ष बना दिया जाए। उनको काफी देर तक मनाया गया तो वह अध्यक्ष बनने के लिए तैयार हो गए। उनका सभी ने फूलमाला पहनाकर स्वागत किया।
-- अध्यक्ष बनने के मंसूबे धराशायी, अन्य पद कब्जाने में लगे
जिला जाट सभा के नवनियुक्त अध्यक्ष सोमेंद्र ढाका ने कहा कि एक सप्ताह में कार्यकारिणी की घोषणा की जाएगी। इस कार्यकारिणी में शामिल होने के लिए लोगों ने जुगत लगानी शुरू कर दी। इनमें वे लोग भी शामिल हैं जो अभी तक अध्यक्ष के लिए दावेदारी कर रहे थे। उनके अध्यक्ष बनने के मंसूबे धराशायी हो गए तो अब वह अन्य पद कब्जाने में लग गए हैं। वहीं अध्यक्ष सोमेंद्र ढाका का कहना है कि समाज की बेहतरी के लिए कार्य किए जाएंगे।
- तीन साल की आय व खर्च का ब्योरा भी रखा
अध्यक्ष रहे देवेंद्र धामा ने आम सभा की बैठक में पिछले तीन साल की आय और खर्च का ब्योरा भी रखा। उन्होंने बताया कि 26,96,700 रुपये की आय हुई है, इनमें दान व सदस्यता, जाट भवन की बुकिंग से हुई आय मुख्य है। इनके अलावा 24,38,254 रुपये खर्च हुए हैं। इनमें जाट सभा ने 5,60,441 कार्यक्रमों पर खर्च किए तो एक प्लॉट भी 12,68,264 रुपये से खरीदा गया। भवन मरम्मत, कर्मियों के वेतन समेत अन्य पर भी लाखों रुपये खर्च किए गए। अब 2,58,445 रुपये बाकी हैं।
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जिला जाट सभा के पदाधिकारियों का तीन साल का कार्यकाल 22 अगस्त को खत्म हो गया था मगर अध्यक्ष देवेंद्र धामा ने कार्यकाल पांच साल का करने के लिए प्रस्ताव रजिस्ट्रार को भेज दिया था। इसको लेकर विवाद हो गया और महासचिव गजेंद्र कुंडू समेत कई पदाधिकारियों ने विरोध में इस्तीफा दे दिया था। तब घोषणा की गई थी कि 26 अक्तूबर को अध्यक्ष का चुनाव कराया जाएगा।
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अध्यक्ष पद के लिए काफी दावेदार आने लगे थे और इस कारण घमासान होता देखकर पंद्रह दिन पहले चुनाव समिति घोषित की गई थी। इसमें एडवोकेट सोमेंद्र ढाका, सुनील पंवार, वीरेंद्र पंवार, जयवीर सिंह को रखा गया और इनको अध्यक्ष के नाम पर आम सहमति बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। अध्यक्ष के लिए 25 से ज्यादा दावेदार होने के कारण यह समिति भी किसी एक नाम पर सहमति नहीं जता सकी मगर पूर्व निर्धारित तिथि के अनुसार जाट भवन में अध्यक्ष के चुनाव के लिए आम सभा के सदस्यों की बैठक बुलाई गई। यह बैठक सुबह करीब 11 बजे शुरू हो गई थी। जहां अध्यक्ष पद के लिए खींचतान बढ़ने लगी तो समाज के वरिष्ठ सदस्यों को पंच बनाते हुए समिति बनाई गई।
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इसमें डॉ. महावीर सिंह, धर्मपाल बाघू, चरण सिंह खोखर, धर्मपाल रमाला, कृष्णपाल चेयरमैन, सुनील पंवार एडवोकेट, डॉ. जगपाल तेवतिया, जयवीर सिंह, रामवीर ढाका, नरेश चौधरी, प्रमोद प्रमुख काठा, अशोक तोमर, विक्रम आर्य को शामिल किया गया। इन सभी ने बंद कमरे में जाकर आपस में बातचीत की और एक घंटे के मंथन के बाद सभा के पहले महासचिव रह चुके एडवोकेट सोमेंद्र ढाका के नाम पर सहमति जताई।
कमरे से बाहर आकर मंच से डॉ. जगपाल तेवतिया ने सोमेंद्र ढाका को अध्यक्ष बनाने की घोषणा की तो सभी ने उस पर सहमति जता दी। तभी सोमेंद्र ढाका ने कहा कि वह चुनाव समिति के सदस्य रहे हैं, इसलिए उनको अध्यक्ष बनाना ठीक नहीं है। उनकी जगह किसी अन्य को अध्यक्ष बना दिया जाए। उनको काफी देर तक मनाया गया तो वह अध्यक्ष बनने के लिए तैयार हो गए। उनका सभी ने फूलमाला पहनाकर स्वागत किया।
जिला जाट सभा के नवनियुक्त अध्यक्ष सोमेंद्र ढाका ने कहा कि एक सप्ताह में कार्यकारिणी की घोषणा की जाएगी। इस कार्यकारिणी में शामिल होने के लिए लोगों ने जुगत लगानी शुरू कर दी। इनमें वे लोग भी शामिल हैं जो अभी तक अध्यक्ष के लिए दावेदारी कर रहे थे। उनके अध्यक्ष बनने के मंसूबे धराशायी हो गए तो अब वह अन्य पद कब्जाने में लग गए हैं। वहीं अध्यक्ष सोमेंद्र ढाका का कहना है कि समाज की बेहतरी के लिए कार्य किए जाएंगे।
- तीन साल की आय व खर्च का ब्योरा भी रखा
अध्यक्ष रहे देवेंद्र धामा ने आम सभा की बैठक में पिछले तीन साल की आय और खर्च का ब्योरा भी रखा। उन्होंने बताया कि 26,96,700 रुपये की आय हुई है, इनमें दान व सदस्यता, जाट भवन की बुकिंग से हुई आय मुख्य है। इनके अलावा 24,38,254 रुपये खर्च हुए हैं। इनमें जाट सभा ने 5,60,441 कार्यक्रमों पर खर्च किए तो एक प्लॉट भी 12,68,264 रुपये से खरीदा गया। भवन मरम्मत, कर्मियों के वेतन समेत अन्य पर भी लाखों रुपये खर्च किए गए। अब 2,58,445 रुपये बाकी हैं।

बागपत के जिला जाट भवन में नवनियुक्त चुने गए एडवोकेट सोमेंद्र ढाका का स्वागत करते लोग। संवाद