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लंबे इंतजार के बाद हुआ पीएचडी एंट्रेंस
ब्यूरो/ अमर उजाला, बागपत
Updated Tue, 10 May 2016 12:12 AM IST
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पीएचडी की प्रवेश परीक्षा के दौरान बैग की चेकिंग करती शिक्षिका
- फोटो : अमर उजाला
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बड़ौत। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ ने पहली बार मंडल में पांच परीक्षा केंद्र में सोमवार को पीएचडी के शोधार्थियों के लिए प्रवेश परीक्षा कराई। विश्वविद्यालय ने दिगंबर जैन डिग्री कॉलेज को भी प्रवेश परीक्षा केंद्र बनाया। सोमवार को प्रवेश परीक्षा के लिए कॉलेज में शोधार्थियों की भीड़ उमड़ पड़ी। परीक्षा को शांतिपूर्ण ढंग से कराने के लिए कॉलेज प्रशासन के अलावा पुलिस प्रशासन भी अलर्ट नजर आया। परीक्षा शुरू होते ही कॉलेज को चारों ओर से सील कर दिया।
पीएचडी प्रवेश परीक्षा पहले यूपी लेवल पर होती थी और अधिकांश शोधार्थी नेट के माध्यम से प्रवेश प्रक्रिया सम्पन्नकरते थे। लेकिन विभिन्न कारणों के चलते वर्ष 2008 मेें प्रवेश परीक्षा बंद की। शोधार्थियों की बढ़ती शिकायतों को देख पहली बार चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ ने मंडल के बागपत, बुलंदशहर, सहारनपुर, मेरठ और गाजियाबाद में सोमवार को परीक्षा कराई।
हालांकि पहले यह परीक्षा 20 मार्च को होनी थी। नगर के दिगंबर जैन डिग्री कॉलेज को भी पीएचडी प्रवेश परीक्षा केंद्र बनाया। कॉलेज में दो पाली में परीक्षा हुई। परीक्षा को शांतिपूर्ण ढंग से कराने के लिए कई दिनों से कॉलेज और पुलिस प्रशासन व्यवस्थाओं में जुटा रहा।
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कॉलेज के प्राचार्य डॉ. वीरेंद्र सिंह ने बताया दोनों पाली में 400 शोधार्थियों को परीक्षा में शामिल होना था, इसमें से 326 शोधार्थी उपस्थित रहे और 73 शोधार्थी अनुपस्थित। जबकि एक शोधार्थी का फार्म विवि ने विभिन्न कारणों से रोक दिया था। पहली पाली (9 से 11 बजे तक) में जहां सामान्य ज्ञान का पेपर था, वहीं दूसरी पाली (2 से 5 बजे तक ) विषयवार परीक्षा थी।
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पीएचडी प्रवेश परीक्षा पहले यूपी लेवल पर होती थी और अधिकांश शोधार्थी नेट के माध्यम से प्रवेश प्रक्रिया सम्पन्नकरते थे। लेकिन विभिन्न कारणों के चलते वर्ष 2008 मेें प्रवेश परीक्षा बंद की। शोधार्थियों की बढ़ती शिकायतों को देख पहली बार चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ ने मंडल के बागपत, बुलंदशहर, सहारनपुर, मेरठ और गाजियाबाद में सोमवार को परीक्षा कराई।
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हालांकि पहले यह परीक्षा 20 मार्च को होनी थी। नगर के दिगंबर जैन डिग्री कॉलेज को भी पीएचडी प्रवेश परीक्षा केंद्र बनाया। कॉलेज में दो पाली में परीक्षा हुई। परीक्षा को शांतिपूर्ण ढंग से कराने के लिए कई दिनों से कॉलेज और पुलिस प्रशासन व्यवस्थाओं में जुटा रहा।
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कॉलेज के प्राचार्य डॉ. वीरेंद्र सिंह ने बताया दोनों पाली में 400 शोधार्थियों को परीक्षा में शामिल होना था, इसमें से 326 शोधार्थी उपस्थित रहे और 73 शोधार्थी अनुपस्थित। जबकि एक शोधार्थी का फार्म विवि ने विभिन्न कारणों से रोक दिया था। पहली पाली (9 से 11 बजे तक) में जहां सामान्य ज्ञान का पेपर था, वहीं दूसरी पाली (2 से 5 बजे तक ) विषयवार परीक्षा थी।