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29 साल बार मकर संक्राति पर तीन ग्रहों का बनेगा संयोग
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संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। इस बार मकर संक्राति खास है। मकर संक्राति पर 29 साल बाद एक साथ तीन ग्रहों का संयोग बनेगा। वहीं, कुछ पंचाग के अनुसार 14 जनवरी तो कुछ के अनुसार 15 जनवरी को मकर संक्रांति मनाना शुभ है।
खास योग
मकर संक्रांति के दिन रोहिणी नक्षत्र और ब्रह्म योग बन रहा है। यह खास संयोग कई राशियों के लिए शुभ परिणाम लेकर आएगा। सूर्य के मकर राशि में आने से मकर संक्रांति के दिन 29 वर्ष बाद तीन ग्रहों का संयोग बनेगा। जिसमें सूर्य, बुध और शनि तीन ग्रहों की युति से त्रिग्रही योग बनेगा। महाभारत की कथा के अनुसार भीष्म पितामह ने अपनी देह त्यागने के लिए मकर संक्रांति का दिन ही चुना था। कहा जाता है कि आज ही के दिन गंगाजी भगीरथ के पीछे-पीछे चलकर कपिल मुनि के आश्रम से होकर सागर में जा मिली थीं। इसीलिए आज के दिन गंगा स्नान व तीर्थ स्थलों पर स्नान दान का विशेष महत्व माना गया है। ज्योतिषानुसार यदि कुंडली में सूर्य शनि का दोष है तो मकर संक्रांति पर्व पर सूर्य उपासना से पिता पुत्र के खराब संबंध अच्छे होते हैं। सूर्य के अच्छे प्रभाव से यश, सरकारी पक्ष और पिता से लाभ, आत्मविश्वास में वृद्धि, सिरदर्द, आंखों के रोग, हड्डियों के रोग व हृदय रोग से आराम मिलता है।
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बड़ौत। इस बार मकर संक्राति खास है। मकर संक्राति पर 29 साल बाद एक साथ तीन ग्रहों का संयोग बनेगा। वहीं, कुछ पंचाग के अनुसार 14 जनवरी तो कुछ के अनुसार 15 जनवरी को मकर संक्रांति मनाना शुभ है।
खास योग
मकर संक्रांति के दिन रोहिणी नक्षत्र और ब्रह्म योग बन रहा है। यह खास संयोग कई राशियों के लिए शुभ परिणाम लेकर आएगा। सूर्य के मकर राशि में आने से मकर संक्रांति के दिन 29 वर्ष बाद तीन ग्रहों का संयोग बनेगा। जिसमें सूर्य, बुध और शनि तीन ग्रहों की युति से त्रिग्रही योग बनेगा। महाभारत की कथा के अनुसार भीष्म पितामह ने अपनी देह त्यागने के लिए मकर संक्रांति का दिन ही चुना था। कहा जाता है कि आज ही के दिन गंगाजी भगीरथ के पीछे-पीछे चलकर कपिल मुनि के आश्रम से होकर सागर में जा मिली थीं। इसीलिए आज के दिन गंगा स्नान व तीर्थ स्थलों पर स्नान दान का विशेष महत्व माना गया है। ज्योतिषानुसार यदि कुंडली में सूर्य शनि का दोष है तो मकर संक्रांति पर्व पर सूर्य उपासना से पिता पुत्र के खराब संबंध अच्छे होते हैं। सूर्य के अच्छे प्रभाव से यश, सरकारी पक्ष और पिता से लाभ, आत्मविश्वास में वृद्धि, सिरदर्द, आंखों के रोग, हड्डियों के रोग व हृदय रोग से आराम मिलता है।
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