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अधर में आधार कार्ड, लटकी डीबीटी
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Tue, 13 Feb 2018 12:42 AM IST
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आधार कार्ड
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सरकारी भवनों में आधार कार्ड बनाने के नियम से लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। खेकड़ा तहसील की डीबीटी (डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर) योजना भी अधर में लटक गई है।
खेकड़ा क्षेत्र में करीब 20-25 हजार ऐसे लोग हैं, जिनके आधार कार्ड नहीं बने हैं। आधार के लिए लोकेशन फीड करने के नियम से यह समस्या खड़ी हुई है। प्रदेश में योजना के लिए खेकड़ा तहसील का चयन किया है, लेकिन आधार कार्ड समस्या बने हैं।
इसके अलावा महिलाओं के बैंक खाते आधार से लिंक नहीं होना भी समस्या बन गया है। खेकड़ा में आधार कार्ड के एक सेंटर संचालित है, लेकिन इस पर देहात के लोग नहीं पहुंच रहे हैं। जिला आपूर्ति विभाग की माने तो डीबीटी के लिए करीब 84 हजार लोगों के आधार कार्ड चाहिए, लेकिन विभाग के पास अभी तक 60-65 हजार लोगों के आधार ही मिले हैं।
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कॉमन सर्विस सेंटर के जिला प्रबंधक प्रदीप शर्मा ने बताया कि सरकारी भवन में आधार कार्ड बनाने के नियम के कारण काफी संख्या में सेंटर बंद हो गए है। विभिन्न कंपनियों के जिले में अभी 27 सेंटर चल रहे है, जिनमें आधार कार्ड बनाएं जा रहे है। शासन के निर्देशानुसार ही कार्य किया जा रहा है।
क्या कहते हैं केंद्र संचालक
जन सुविधा केंद्र संचालक मोहम्मद हसन ने बताया कि सरकारी भवन की लोकेशन फीड कर ही अब आधार कार्ड बनाने का नियम है। सिस्टम को अगर दूसरी लोकेशन पर रखते हैं तो ऑन नहीं होता, जिस कारण आधार कार्ड बनने में परेशानी खड़ी हो रही है।
निशु ने कहा कि सरकारी भवन में आधार कार्ड बनाना अनिवार्य कर दिया है। जिस कारण उनके सेंटर बंद हो गया है। इससे उनका रोजगार भी प्रभावित हो गया है। शाहिल का कहना है कि लोकेशन सेट कराना और सरकारी भवन में इसे लगाना सही नहीं है। लोकेशन दुकानों पर सेट कर आधार कार्ड बनाने की अनुमति दी जाए। ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़ा।
लाखों का भुगतान भी रोका गया
बागपत। प्रत्येक आधार कार्ड पर केंद्र संचालक को दिया जाने वाले भुगतान भी लंबे समय से नहीं किया जा रहा है। इस कारण केंद्र संचालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई केंद्रों की आईडी भी ब्लॉक कर दी गई है। केंद्र संचालकों का कहना है कि उनका लाखों रुपये का भुगतान केंद्रों का संचालन करने वाली कंपनियों पर बकाया है।
क्या कहते हैं जिला आपूर्ति अधिकारी
जिला आपूर्ति अधिकारी चमन शर्मा ने बताया कि आधार न बनने से डीबीटी योजना की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ रही है। जल्द ही आठ से दस गांवों में आधार मशीनें लगवाई जाएगी। इसके लिए कॉमन सर्विस सेंटर के लखनऊ के अधिकारियों से बातचीत की जा रही है।
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खेकड़ा क्षेत्र में करीब 20-25 हजार ऐसे लोग हैं, जिनके आधार कार्ड नहीं बने हैं। आधार के लिए लोकेशन फीड करने के नियम से यह समस्या खड़ी हुई है। प्रदेश में योजना के लिए खेकड़ा तहसील का चयन किया है, लेकिन आधार कार्ड समस्या बने हैं।
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इसके अलावा महिलाओं के बैंक खाते आधार से लिंक नहीं होना भी समस्या बन गया है। खेकड़ा में आधार कार्ड के एक सेंटर संचालित है, लेकिन इस पर देहात के लोग नहीं पहुंच रहे हैं। जिला आपूर्ति विभाग की माने तो डीबीटी के लिए करीब 84 हजार लोगों के आधार कार्ड चाहिए, लेकिन विभाग के पास अभी तक 60-65 हजार लोगों के आधार ही मिले हैं।
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कॉमन सर्विस सेंटर के जिला प्रबंधक प्रदीप शर्मा ने बताया कि सरकारी भवन में आधार कार्ड बनाने के नियम के कारण काफी संख्या में सेंटर बंद हो गए है। विभिन्न कंपनियों के जिले में अभी 27 सेंटर चल रहे है, जिनमें आधार कार्ड बनाएं जा रहे है। शासन के निर्देशानुसार ही कार्य किया जा रहा है।
क्या कहते हैं केंद्र संचालक
जन सुविधा केंद्र संचालक मोहम्मद हसन ने बताया कि सरकारी भवन की लोकेशन फीड कर ही अब आधार कार्ड बनाने का नियम है। सिस्टम को अगर दूसरी लोकेशन पर रखते हैं तो ऑन नहीं होता, जिस कारण आधार कार्ड बनने में परेशानी खड़ी हो रही है।
निशु ने कहा कि सरकारी भवन में आधार कार्ड बनाना अनिवार्य कर दिया है। जिस कारण उनके सेंटर बंद हो गया है। इससे उनका रोजगार भी प्रभावित हो गया है। शाहिल का कहना है कि लोकेशन सेट कराना और सरकारी भवन में इसे लगाना सही नहीं है। लोकेशन दुकानों पर सेट कर आधार कार्ड बनाने की अनुमति दी जाए। ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़ा।
लाखों का भुगतान भी रोका गया
बागपत। प्रत्येक आधार कार्ड पर केंद्र संचालक को दिया जाने वाले भुगतान भी लंबे समय से नहीं किया जा रहा है। इस कारण केंद्र संचालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई केंद्रों की आईडी भी ब्लॉक कर दी गई है। केंद्र संचालकों का कहना है कि उनका लाखों रुपये का भुगतान केंद्रों का संचालन करने वाली कंपनियों पर बकाया है।
क्या कहते हैं जिला आपूर्ति अधिकारी
जिला आपूर्ति अधिकारी चमन शर्मा ने बताया कि आधार न बनने से डीबीटी योजना की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ रही है। जल्द ही आठ से दस गांवों में आधार मशीनें लगवाई जाएगी। इसके लिए कॉमन सर्विस सेंटर के लखनऊ के अधिकारियों से बातचीत की जा रही है।