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एकजुट परिवार ही सशक्त राष्ट्र का आधार : साध्वी प्राची
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-सिरसली गांव के वैदिक निकेतन धाम में चार दिवसीय महायज्ञ शुरू
फोटो-दो
संवाद न्यूज एजेंसी
बिनौली। सिरसली गांव के वैदिक निकेतन धाम पर रविवार को चार दिवसीय अर्थववेद पारायण महायज्ञ शुरू किया गया। इसमें श्रद्धालुओं ने आहुति देकर देश में सुख-शांति के लिए प्रार्थना की।
महायज्ञ का शुभारंभ साध्वी डॉ. प्राची आर्य ने ओम पताका का ध्वजारोहण कर किया। यज्ञ के ब्रह्मा आचार्य देवपाल शास्त्री ने यज्ञ संपन्न कराया। यजमान डॉ. प्रशांत आर्य व डॉ. हर्षिता रहे। सस्वर वेदपाठ आचार्य प्रगति आर्य और शामली के कन्या गुरुकुल की छात्राओं ने किया। डॉ. प्राची आर्य ने कहा कि एकजुट परिवार ही सशक्त राष्ट्र का आधार है। यज्ञ से देव-पूजा, दान प्रेम, परोपकार और संयम की शिक्षा मिलती है। सामूहिक यज्ञ करने से समाज और देश की उन्नति होती है। यज्ञ के ब्रह्मा आचार्य देवपाल शास्त्री ने कहा कि यज्ञ भारतीय संस्कृति में परिवार और समाज को जोड़ने, आत्म विकास करने और प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने का सशक्त माध्यम है। यज्ञ में सत्यवेश महाराज व आचार्य हरबीर आर्य ने उपदेश और सहदेव सिंह ने भजन प्रस्तुत किए। यज्ञ में आचार्य सुनील कुमार, राजू तोमर सिरसली, अजय आर्य, आशीष आर्य, आर्यन, देव आर्य, अक्षित, प्रज्ञादेव आदि मौजूद रहे।
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बिनौली। सिरसली गांव के वैदिक निकेतन धाम पर रविवार को चार दिवसीय अर्थववेद पारायण महायज्ञ शुरू किया गया। इसमें श्रद्धालुओं ने आहुति देकर देश में सुख-शांति के लिए प्रार्थना की।
महायज्ञ का शुभारंभ साध्वी डॉ. प्राची आर्य ने ओम पताका का ध्वजारोहण कर किया। यज्ञ के ब्रह्मा आचार्य देवपाल शास्त्री ने यज्ञ संपन्न कराया। यजमान डॉ. प्रशांत आर्य व डॉ. हर्षिता रहे। सस्वर वेदपाठ आचार्य प्रगति आर्य और शामली के कन्या गुरुकुल की छात्राओं ने किया। डॉ. प्राची आर्य ने कहा कि एकजुट परिवार ही सशक्त राष्ट्र का आधार है। यज्ञ से देव-पूजा, दान प्रेम, परोपकार और संयम की शिक्षा मिलती है। सामूहिक यज्ञ करने से समाज और देश की उन्नति होती है। यज्ञ के ब्रह्मा आचार्य देवपाल शास्त्री ने कहा कि यज्ञ भारतीय संस्कृति में परिवार और समाज को जोड़ने, आत्म विकास करने और प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने का सशक्त माध्यम है। यज्ञ में सत्यवेश महाराज व आचार्य हरबीर आर्य ने उपदेश और सहदेव सिंह ने भजन प्रस्तुत किए। यज्ञ में आचार्य सुनील कुमार, राजू तोमर सिरसली, अजय आर्य, आशीष आर्य, आर्यन, देव आर्य, अक्षित, प्रज्ञादेव आदि मौजूद रहे।
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