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मेरठ रैली से निकलेंगे टिकट के दावेदार
Baghpat
Updated Wed, 15 Oct 2014 05:32 AM IST
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बागपत। लोकसभा चुनाव में चारों खाने चित्त होने के बाद रालोद की आज (रविवार) पहली बड़ी परीक्षा है। रालोद के नेता इसके लिए तैयार भी हैं। बागपत के महारथियों ने मेरठ की किसान स्वाभिमान रैली में भीड़ जुटाकर अपनी शक्ति के प्रदर्शन की तैयारी की है। इससे पता चलेगा कौन कितने पानी में है। इसी आधार पर 2017 विधानसभा चुनाव के लिए टिकट पर भी दावा पेश किया जाना है।
दिल्ली में 12 तुगलक रोड बंगले को पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह का स्मारक घोषित कराने के लिए रालोद की आज मेरठ में किसान स्वाभिमान रैली है। इसमें दूर दूर से लोग पहुंचेंगे, लेकिन सबसे ज्यादा भीड़ जुटाने की जिम्मेदारी बागपत के रालोदियों पर ही है। खास तौर से उन नेताओं की परीक्षा होनी है जो 2017 का विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी अभी से कर रहे हैं। इनमें सबसे बड़ा इम्तिहान छपरौली के विधायक वीरपाल राठी को देना है। लोकसभा चुनाव में रालोद मुखिया चौधरी अजित सिंह छपरौली में भी पिछड़ गए थे।
इससे पहले कभी ऐसा नहीं हुआ था। अजित सिंह क्या रालोद का कोई भी उम्मीदवार कभी भी छपरौली में नहीं पिछड़ा। आज की मेरठ रैली में सबकी नजर इस पर रहेगी कि छपरौली से कितनी भीड़ जाती है रैली में शामिल होने के लिए। यह भी देखा जाएगा विधायक के साथ कितने लोग जाते हैं। इसी तरह बागपत और बड़ौत विधानसभा क्षेत्र में भी चुनाव लड़ने की तैयारी में कई लोग लगे हैं। इनकी पकड़ का भी रैली में पता चल जाएगा।
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कहां से कौन कौन ?
बागपत
यहां लंबे समय से पूर्व मंत्री नवाब कोकब हमीद चुनाव लड़ते आए हैं, लेकिन इस बार टिकट दावेदारी में और भी कई नाम अभी से चल रहे हैं। रालोद नेताओं का कहना है कि जिला पंचायत चेयरमैन योगेश धामा, धनपाल गुर्जर और पूर्व विधायक मदन भैया भी तैयारी में लगे हैं।
बड़ौत
यहां सबसे लंबी लाइन है। पिछला चुनाव लड़े अश्वनी तोमर, पूर्व विधायक अजय कुमार और अजय तोमर, जिलाध्यक्ष अनिल जैन, जिला पंचायत सदस्य सतीश चौधरी, कर्नल (रिटायर्ड ) ब्रहम पाल तोमर, मांगेराम एडवोकेट, सुभाष पहलवान चुनाव लड़ने की तैयारी में बताए गए हैं।
छपरौली
विधायक वीरपाल राठी के अलावा ईंट भट्ठा यूनियन के अध्यक्ष विक्रम राणा, धनपाल खोखर, राम कुमार चेयरमैन, सोमपाल राठी टीकरी, राजू तोमर सिरसली और जिला पंचायत सदस्य धीरज उज्ज्वल के नाम अभी से चल पड़े हैं टिकट के दावेदारों के रूप में।
कितने मुस्लिम जाएंगे मेरठ की रैली में
बागपत। राजनीति के लिहाज से मेरठ की किसान स्वाभिमान रैली में दो बातों पर सभी की नजर रहेगी। एक तो जाट नौजवानों का जोश कैसा रहता है। लोकसभा चुनाव में बड़ी संख्या में जाट युवा भाजपा के रंग में रंग गए थे। दूसरा मुस्लिमों की भागीदारी कितनी रहेगी। खास तौर से मूले जाट गांवों पर नजर रहेगी। बागपत में असारा, ओसिक्का, मिलाना, पलड़ा और पलड़ी मूले जाट बहुल गांव हैं। इन्हें भी जाट आरक्षण का लाभ मिला है, लेकिन लोकसभा चुनाव में जाट-मुस्लिम समीकरण नहीं बन पाया था। बागपत लोकसभा सीट पर मुस्लिम वोटरों ने खुलकर साइकिल चलाई थी। इसी की बदौलत सपा उम्मीदवार गुलाम मौहम्मद को अजित सिंह से ज्यादा वोट मिले थे।
कोकब का जाना मुश्किल
बागपत। पूर्व मंत्री नवाब कोकब हमीद का मेरठ की रैली में शामिल होना मुश्किल है। उनकी तबीयत खराब चल रही है। उन्होंने बताया स्वास्थ्य अभी ठीक नहीं है। उनकी कोशिश तो रहेगी जाने की, लेकिन लग नहीं रहा कि पहुंच पाएंगे।
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दिल्ली में 12 तुगलक रोड बंगले को पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह का स्मारक घोषित कराने के लिए रालोद की आज मेरठ में किसान स्वाभिमान रैली है। इसमें दूर दूर से लोग पहुंचेंगे, लेकिन सबसे ज्यादा भीड़ जुटाने की जिम्मेदारी बागपत के रालोदियों पर ही है। खास तौर से उन नेताओं की परीक्षा होनी है जो 2017 का विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी अभी से कर रहे हैं। इनमें सबसे बड़ा इम्तिहान छपरौली के विधायक वीरपाल राठी को देना है। लोकसभा चुनाव में रालोद मुखिया चौधरी अजित सिंह छपरौली में भी पिछड़ गए थे।
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इससे पहले कभी ऐसा नहीं हुआ था। अजित सिंह क्या रालोद का कोई भी उम्मीदवार कभी भी छपरौली में नहीं पिछड़ा। आज की मेरठ रैली में सबकी नजर इस पर रहेगी कि छपरौली से कितनी भीड़ जाती है रैली में शामिल होने के लिए। यह भी देखा जाएगा विधायक के साथ कितने लोग जाते हैं। इसी तरह बागपत और बड़ौत विधानसभा क्षेत्र में भी चुनाव लड़ने की तैयारी में कई लोग लगे हैं। इनकी पकड़ का भी रैली में पता चल जाएगा।
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कहां से कौन कौन ?
बागपत
यहां लंबे समय से पूर्व मंत्री नवाब कोकब हमीद चुनाव लड़ते आए हैं, लेकिन इस बार टिकट दावेदारी में और भी कई नाम अभी से चल रहे हैं। रालोद नेताओं का कहना है कि जिला पंचायत चेयरमैन योगेश धामा, धनपाल गुर्जर और पूर्व विधायक मदन भैया भी तैयारी में लगे हैं।
बड़ौत
यहां सबसे लंबी लाइन है। पिछला चुनाव लड़े अश्वनी तोमर, पूर्व विधायक अजय कुमार और अजय तोमर, जिलाध्यक्ष अनिल जैन, जिला पंचायत सदस्य सतीश चौधरी, कर्नल (रिटायर्ड ) ब्रहम पाल तोमर, मांगेराम एडवोकेट, सुभाष पहलवान चुनाव लड़ने की तैयारी में बताए गए हैं।
छपरौली
विधायक वीरपाल राठी के अलावा ईंट भट्ठा यूनियन के अध्यक्ष विक्रम राणा, धनपाल खोखर, राम कुमार चेयरमैन, सोमपाल राठी टीकरी, राजू तोमर सिरसली और जिला पंचायत सदस्य धीरज उज्ज्वल के नाम अभी से चल पड़े हैं टिकट के दावेदारों के रूप में।
कितने मुस्लिम जाएंगे मेरठ की रैली में
बागपत। राजनीति के लिहाज से मेरठ की किसान स्वाभिमान रैली में दो बातों पर सभी की नजर रहेगी। एक तो जाट नौजवानों का जोश कैसा रहता है। लोकसभा चुनाव में बड़ी संख्या में जाट युवा भाजपा के रंग में रंग गए थे। दूसरा मुस्लिमों की भागीदारी कितनी रहेगी। खास तौर से मूले जाट गांवों पर नजर रहेगी। बागपत में असारा, ओसिक्का, मिलाना, पलड़ा और पलड़ी मूले जाट बहुल गांव हैं। इन्हें भी जाट आरक्षण का लाभ मिला है, लेकिन लोकसभा चुनाव में जाट-मुस्लिम समीकरण नहीं बन पाया था। बागपत लोकसभा सीट पर मुस्लिम वोटरों ने खुलकर साइकिल चलाई थी। इसी की बदौलत सपा उम्मीदवार गुलाम मौहम्मद को अजित सिंह से ज्यादा वोट मिले थे।
कोकब का जाना मुश्किल
बागपत। पूर्व मंत्री नवाब कोकब हमीद का मेरठ की रैली में शामिल होना मुश्किल है। उनकी तबीयत खराब चल रही है। उन्होंने बताया स्वास्थ्य अभी ठीक नहीं है। उनकी कोशिश तो रहेगी जाने की, लेकिन लग नहीं रहा कि पहुंच पाएंगे।