{"_id":"51-68868","slug":"Baghpat-68868-51","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिपाही की घुड़चढ़ी में चली गोली ने भतीजे की जान ली ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिपाही की घुड़चढ़ी में चली गोली ने भतीजे की जान ली
Baghpat
Updated Tue, 25 Feb 2014 05:30 AM IST
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बागपत। बंदपुर गांव में रविवार रात करीब साढ़े नौ बजे यूपी पुलिस के सिपाही रोबिन की घुड़चढ़ी के दौरान फायरिंग में एक गोली दूल्हे के भतीजे लवी को जा लगी, जिससे उसका भेजा उड़ गया। उसने अस्पताल के रास्ते में ही दम तोड़ दिया। घटना में गांव के ही तीन युवकों पर गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज कराया गया है, इनमें से अभी एक भी नहीं पकड़ा गया है।
घुड़चढ़ी रणसिंह चौधरी के बेटे रोबिन चौधरी की हो रही थी। उसके दोस्त और रिश्तेदार खुशी से नाच रहे थे। उसकी बारात मुजफ्फरनगर के जैतपुर गढ़ी में जानी थी। जैसे ही घुड़चढ़ी आजाद के घर के पास पहुंची, खुशी में गोली चलनी शुरू हो गई। तीन युवक तमंचे लेकर आए और हवा में लहराने लगे।
पुलिस के मुताबिक एक युवक तमंचा लोड कर रहा था, तभी गोली चल गई। उसके पास में ही रोबिन का रिश्ते का भतीजा लवी (20) खड़ा था। गोली उसके सिर में लगी और उसका भेजा उड़ गया। वह लहूलुहान होकर गिर पड़ा। अफरा-तफरी मच गई। नाच-गाना बंद हो गया। हाहाकार मच गया। लोग लवी को लेकर सीएचसी भागे। यहां से रेफर कर दिया गया, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।
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लवी के पिता विनोद कुमार यह मानने को तैयार नहीं है कि उनका बेटा खुशी में की जा रही फायरिंग में मरा है। उनका कहना है कि भले ही उनकी किसी से रंजिश न हो, लेकिन उनके बेटे की हत्या की गई है। उन्होंने गांव के ही आदेश, उसके छछरपुर गांव निवासी मामा राजीव और हरियाणा निवासी बहनोई आनंद के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की धारा 304 आईपीसी के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने इनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश देना शुरू कर दिया है। तीनों अपने घर से भाग गए हैं।
लवी की मौत से शोक में डूबा गांव
बागपत। किसान विनोद के दो बच्चों में एक बेटा लवी (20) और एक बेटी रीतिका थी। अब सिर्फ रीतिका रह गई है। लवी विनायक कॉलेज में बीए द्वितीय वर्ष का छात्र था। उसकी मौत से पूरा गांव शोक में डूबा है।
गमगीन माहौल में गई बारात
बागपत। लवी की मौत के बाद रोबिन की शादी बेहद सादगी से हुई। उसके पिता भी बारात में नहीं गए। गिनती के लोग जाकर दुल्हन ले आए। उधर, लवी का शव पोस्टमार्टम हाउस पहुंचा, तो गांव के सैकड़ों लोग पहुंच गए। लवी के रिश्तेदारों की आंख से आंसू रुक नहीं रहे।
पुलिस सोती रहेगी, लोग मरते रहेंगे
बागपत। यह पहली घटना नहीं है जब शादी में हो रही फायरिंग में किसी की जान गई हो, हर दूसरे-तीसरे महीने ऐसी वारदात हो रही है। खेकड़ा में पिछले साल सुन्हेड़ा गांव के शादी में चली गोली से बच्चे की मौत हुई थी। बड़ौत क्षेत्र के धनौरा गांव में युवक घायल हुआ था। यह हाल तब है जबकि शासन हर महीने खुशी में फायरिंग से होने वाली घटनाओं का ब्योरा मांगता है।
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घुड़चढ़ी रणसिंह चौधरी के बेटे रोबिन चौधरी की हो रही थी। उसके दोस्त और रिश्तेदार खुशी से नाच रहे थे। उसकी बारात मुजफ्फरनगर के जैतपुर गढ़ी में जानी थी। जैसे ही घुड़चढ़ी आजाद के घर के पास पहुंची, खुशी में गोली चलनी शुरू हो गई। तीन युवक तमंचे लेकर आए और हवा में लहराने लगे।
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पुलिस के मुताबिक एक युवक तमंचा लोड कर रहा था, तभी गोली चल गई। उसके पास में ही रोबिन का रिश्ते का भतीजा लवी (20) खड़ा था। गोली उसके सिर में लगी और उसका भेजा उड़ गया। वह लहूलुहान होकर गिर पड़ा। अफरा-तफरी मच गई। नाच-गाना बंद हो गया। हाहाकार मच गया। लोग लवी को लेकर सीएचसी भागे। यहां से रेफर कर दिया गया, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।
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लवी के पिता विनोद कुमार यह मानने को तैयार नहीं है कि उनका बेटा खुशी में की जा रही फायरिंग में मरा है। उनका कहना है कि भले ही उनकी किसी से रंजिश न हो, लेकिन उनके बेटे की हत्या की गई है। उन्होंने गांव के ही आदेश, उसके छछरपुर गांव निवासी मामा राजीव और हरियाणा निवासी बहनोई आनंद के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की धारा 304 आईपीसी के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने इनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश देना शुरू कर दिया है। तीनों अपने घर से भाग गए हैं।
लवी की मौत से शोक में डूबा गांव
बागपत। किसान विनोद के दो बच्चों में एक बेटा लवी (20) और एक बेटी रीतिका थी। अब सिर्फ रीतिका रह गई है। लवी विनायक कॉलेज में बीए द्वितीय वर्ष का छात्र था। उसकी मौत से पूरा गांव शोक में डूबा है।
गमगीन माहौल में गई बारात
बागपत। लवी की मौत के बाद रोबिन की शादी बेहद सादगी से हुई। उसके पिता भी बारात में नहीं गए। गिनती के लोग जाकर दुल्हन ले आए। उधर, लवी का शव पोस्टमार्टम हाउस पहुंचा, तो गांव के सैकड़ों लोग पहुंच गए। लवी के रिश्तेदारों की आंख से आंसू रुक नहीं रहे।
पुलिस सोती रहेगी, लोग मरते रहेंगे
बागपत। यह पहली घटना नहीं है जब शादी में हो रही फायरिंग में किसी की जान गई हो, हर दूसरे-तीसरे महीने ऐसी वारदात हो रही है। खेकड़ा में पिछले साल सुन्हेड़ा गांव के शादी में चली गोली से बच्चे की मौत हुई थी। बड़ौत क्षेत्र के धनौरा गांव में युवक घायल हुआ था। यह हाल तब है जबकि शासन हर महीने खुशी में फायरिंग से होने वाली घटनाओं का ब्योरा मांगता है।