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साई ने अंकुर को बनाया कोच, ओलंपिक में पदक दिलाना लक्ष्य

Sun, 09 Dec 2018 12:47 AM IST
Updated Sun, 09 Dec 2018 12:47 AM IST
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साई ने अंकुर को बनाया कोच, ओलंपिक में पदक दिलाना लक्ष्य
बागपत। ओलंपियन अर्जुन अवार्डी पैरा एथलीट अंकुर धामा को भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) ने बतौर कोच नियुक्ति दी। धामा ने कहा कि ओलंपिक खेलों में पदक दिलाना उनका लक्ष्य है। वह अपनी तैयारी के अलावा नई पौध के खिलाड़ियों को तैयार करेंगे, ताकि देश को पदक मिलें। पैरा खिलाड़ियों को प्रोत्साहन और सामने लाने की मुहिम चलाई जाएगी। अंकुर के परिवार में खुशी है।
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बचपन में ही आंखों की रोशनी गंवाने वाले 24 साल के पैरा एथलीट अंकुर धामा को सितंबर माह में ही राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अर्जुन अवार्ड से नवाजा था। युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके अंकुर धामा जांबाज खिलाड़ी होने के अलावा अब भारतीय खेल प्राधिकरण में बतौर कोच नियुक्त किए हैं। जल्द ही उनके लिए सेंटर तय कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य ओलंपिक पदक जीतना और ओलंपिक पदक जीतने वाले खिलाड़ी तैयार करना है। उन्होंने अपनी तैयारी शुरू कर दी। भाई गौरव धामा, मां संतोष देवी ने कहा कि साईं की तरफ से मिली नई जिम्मेदारी पर भी अंकुर खतरा उतरेगा। वह कभी हिम्मत नहीं हारता और खेल ही उसके जीवन का लक्ष्य है। पैरा एथलीट अंकुर धामा ने आईबीपीएस की ओर से आयोजित होने वाली पीओ की परीक्षा में सफलता हासिल की। उसके भाई गौरव धामा ने बताया कि परीक्षा में चयन के बाद यूनियन बैंक की दिल्ली स्थित शाखा में सहायक मैनेजर के पद पर कार्यरत है।
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आंखों की रोशनी गई, जिंदगी में उजाला
बागपत। खेकड़ा में 20 साल पहले एथलीट अंकुर धामा की आंखों में होली के दिन रंग चला गया। इससे अंकुर की आंखों की रोशनी चली गई, लेकिन आठ सौ एवं 1500 मीटर के इस पैरा एथलीट ने देश को कई स्वर्ण पदक दिलाए और ओलंपिक खेलों में हिस्सा लिया। वर्तमान में वह ओलंपिक की तैयारी में ही जुटा है। अंकुर के भाई गौरव धामा ने बताया कि पांच साल की उम्र में अंकुर की आंखों में रंग चला गया। तमाम इलाज कराया, लेकिन रोशनी नहीं लौटी। परिवार ने उसका दाखिला दिल्ली के लोदी रोड स्थित जेपीएम सीनियर सेकेंडरी स्कूल फॉर ब्लाइंड में करवा। यहीं से अंकुर की जिंदगी बदल गई। शिक्षकों ने अंकुर के खेलों के प्रति रुझान को देख उसे दौड़ में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।
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फिर कामयाबी के शिखर पर अंकुर धामा
बागपत। अंकुर धामा के खेल की बात करें तो पहली बार बड़ी कामयाबी साल 2009 में मिली। वर्ल्ड यूथ एंड स्टूडेंट चैंपियनशिप में अंकुर धामा ने दो गोल्ड मेडल जीतकर पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोहा मनवाया था। अंकुर धामा ने साल 2014 में एशियन पैरा गेम्स में एक सिल्वर और दो कांस्य मेडल जीते थे।
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