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जिला कारागार में जल्दी बनेगी पुलिस चौकी
Updated Wed, 29 Aug 2018 01:21 AM IST
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बागपत।
जिला कारागार में जल्दी ही पुलिस चौकी का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए उप्र शासन के संयुक्त सचिव सूर्य प्रकाश सिंह सेंगर ने पत्र जारी कर स्वीकृति प्रदान की। चौकी का निर्माण 15.45 लाख रुपये की लागत से कराया जाएगा।
उप्र शासन के संयुक्त सचिव सूर्य प्रकाश सिंह सेंगर ने महानिरीक्षक कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं लखनऊ को पत्र जारी कर बताया कि जिला कारागार बागपत में पुलिस चौकी के निर्माण के लिए 15.45 लाख रुपये की लागत पर प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान कर चालू वित्तीय वर्ष 2018-19 में व्यय के लिए शत प्रतिशत धनराशि की वित्तीय स्वीकृति कुछ शर्तों के अधीन प्रदान की जाती है। निर्माण कार्य प्रारंभ करने से पूर्व सक्षम स्तर से निर्माण कार्य की स्वीकृति अवश्य प्राप्त कर ली जाएगी। सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त होने के बाद ही कार्य प्रारंभ किया जाएगा। मानक व गुणवत्ता की जिम्मेदारी महानिरीक्षक कारागार की होगी। लेबर सेस की धनराशि का भुगतान श्रम विभाग को किया जाएगा।
विदित रहे कि नौ जुलाई को जिला जेल में पूर्वांचल के डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद शासन की नींद टूटी। जेल में कोई पुलिस चौकी न होने के कारण प्रतिबंधित सामान अंदर पहुंच जाता है। जेल के पीछे दीवारों के ऊपर से मादक पदार्थ, मोबाइल अंदर फेंक दिए जाते है। पुलिस चौकी खुलने से इन पर रोक लगेगी।
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जिला कारागार में जल्दी ही पुलिस चौकी का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए उप्र शासन के संयुक्त सचिव सूर्य प्रकाश सिंह सेंगर ने पत्र जारी कर स्वीकृति प्रदान की। चौकी का निर्माण 15.45 लाख रुपये की लागत से कराया जाएगा।
उप्र शासन के संयुक्त सचिव सूर्य प्रकाश सिंह सेंगर ने महानिरीक्षक कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं लखनऊ को पत्र जारी कर बताया कि जिला कारागार बागपत में पुलिस चौकी के निर्माण के लिए 15.45 लाख रुपये की लागत पर प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान कर चालू वित्तीय वर्ष 2018-19 में व्यय के लिए शत प्रतिशत धनराशि की वित्तीय स्वीकृति कुछ शर्तों के अधीन प्रदान की जाती है। निर्माण कार्य प्रारंभ करने से पूर्व सक्षम स्तर से निर्माण कार्य की स्वीकृति अवश्य प्राप्त कर ली जाएगी। सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त होने के बाद ही कार्य प्रारंभ किया जाएगा। मानक व गुणवत्ता की जिम्मेदारी महानिरीक्षक कारागार की होगी। लेबर सेस की धनराशि का भुगतान श्रम विभाग को किया जाएगा।
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विदित रहे कि नौ जुलाई को जिला जेल में पूर्वांचल के डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद शासन की नींद टूटी। जेल में कोई पुलिस चौकी न होने के कारण प्रतिबंधित सामान अंदर पहुंच जाता है। जेल के पीछे दीवारों के ऊपर से मादक पदार्थ, मोबाइल अंदर फेंक दिए जाते है। पुलिस चौकी खुलने से इन पर रोक लगेगी।
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