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सीडब्ल्यूसी के आदेश पर लावारिश बच्ची का कराया मेडिकल
Updated Fri, 15 Jun 2018 01:32 AM IST
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बागपत। सिसाना गांव में सीडब्ल्यूसी ने लावारिस बच्ची का संज्ञान लेकर बाल संरक्षण 181 की सुगमकर्ता को आदेशित कर उसका मेडिकल कराया। अब बच्ची आगरा बाल गृह में रहेगी। मजदूर के परिवार ने टीम सेे बच्ची को न ले जाने की गुहार लगाई।
दिल्ली-सहारनपुर हाइवे स्थित सिसाना गांव 30 दिन पहले एक लावारिस बच्ची रोते मिली । गांव के जीत सिंह ने मासूम से उसके माता-पिता के बारे में पूछताछ की। उसने कुछ नहीं बताया तो परिवार के लोगों ने अपने पास ही रख लिया । उसे लेने अभी तक कोई रिश्तेदार नहीं पहुंचा। सीडब्ल्यूसी ने मामले का संज्ञान लेकर अब उस बच्ची को बाल गृह भेजने का निर्णय लिया। 181 की सुगमकर्ताओं ने बुधवार को भेजकर बच्ची को ले जाने की जानकारी दी । बृहस्पतिवार को गीता के नेतृत्व में टीम सिसाना गांव में पहुंची और बच्ची को जिला अस्पताल ले जाकर मेडिकल कराया। शुक्रवार को टीम उसे आगरा बालगृह लेकर जाएगी। बच्ची को न ले जाने के लिए मजदूर के परिवार ने आग्रह किया, लेकिन टीम ने कानून का हवाला दिया। सीडब्ल्यूसी के न्यायिक मजिस्ट्रेट राजीव यादव ने बताया कि अगर जीत सिंह का परिवार बच्ची को एडोप्ट करना चाहता है तो उसकी प्रक्रिया पूरी करनी होगी। उन्हें जरूरी दस्तावेज भी जमा कराने होंगे। इसके बाद वह बच्ची को कानूनी रूप से परिवार में शामिल कर सकते हैं। अभी फिलहाल बच्ची आगरा स्थित बाल गृह में रहेगी।
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दिल्ली-सहारनपुर हाइवे स्थित सिसाना गांव 30 दिन पहले एक लावारिस बच्ची रोते मिली । गांव के जीत सिंह ने मासूम से उसके माता-पिता के बारे में पूछताछ की। उसने कुछ नहीं बताया तो परिवार के लोगों ने अपने पास ही रख लिया । उसे लेने अभी तक कोई रिश्तेदार नहीं पहुंचा। सीडब्ल्यूसी ने मामले का संज्ञान लेकर अब उस बच्ची को बाल गृह भेजने का निर्णय लिया। 181 की सुगमकर्ताओं ने बुधवार को भेजकर बच्ची को ले जाने की जानकारी दी । बृहस्पतिवार को गीता के नेतृत्व में टीम सिसाना गांव में पहुंची और बच्ची को जिला अस्पताल ले जाकर मेडिकल कराया। शुक्रवार को टीम उसे आगरा बालगृह लेकर जाएगी। बच्ची को न ले जाने के लिए मजदूर के परिवार ने आग्रह किया, लेकिन टीम ने कानून का हवाला दिया। सीडब्ल्यूसी के न्यायिक मजिस्ट्रेट राजीव यादव ने बताया कि अगर जीत सिंह का परिवार बच्ची को एडोप्ट करना चाहता है तो उसकी प्रक्रिया पूरी करनी होगी। उन्हें जरूरी दस्तावेज भी जमा कराने होंगे। इसके बाद वह बच्ची को कानूनी रूप से परिवार में शामिल कर सकते हैं। अभी फिलहाल बच्ची आगरा स्थित बाल गृह में रहेगी।
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