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सिनौली में शनिवार को उत्खनन कार्य बंद
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बड़ौत (बागपत)। भारतीय पुरातत्व सर्वेेक्षण उत्खनन शाखा द्वितीय एवं भारतीय पुरातत्व संस्थान लाल किला दिल्ली द्वारा संयुक्त रूप से सिनौली में प्रथम व द्वितीय चरण के बाद तृतीय चरण में चल रहे उत्खनन कार्य शनिवार को बंद रहा।
15 जनवरी से सिनौली मेें तृतीय चरण का उत्खनन कार्य शुरू हुआ। डेढ़ माह से अधिक समय में यहां से मानव बस्ती के प्रमाण मिल चुके हैं, इसके अलावा ईंटों की विशाल दीवार, दुर्लभ पॉट्री के साथ-साथ एक ट्रेंच से महिला का कंकाल प्राप्त हुआ, जिसके कानों से स्वर्ण आभूषण भी प्राप्त हुए हैं। इस महिला को बाहर निकालते हुए टीम को एक शाही ताबूत भी मिला। संभावना जताई जा रही है कि महिला का कंकाल 4500 वर्ष पुराना है और किसी शाही परिवार से है। शोधार्थियों को बेशकीमती चाकू भी बरामद हुआ है। इसके अलावा शोधार्थियों को राजेंद्र व श्रीराम के खेत में एक-एक विशाल दीवार, श्रीराम के खेत में एक कंकाल, मिट्टी की भट्ठी दिखाई दे रही है, जिसके पास सावधानी से उत्खनन कार्य किया जा रहा है। हालांकि शनिवार को उत्खनन कार्य बंद रहा।
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15 जनवरी से सिनौली मेें तृतीय चरण का उत्खनन कार्य शुरू हुआ। डेढ़ माह से अधिक समय में यहां से मानव बस्ती के प्रमाण मिल चुके हैं, इसके अलावा ईंटों की विशाल दीवार, दुर्लभ पॉट्री के साथ-साथ एक ट्रेंच से महिला का कंकाल प्राप्त हुआ, जिसके कानों से स्वर्ण आभूषण भी प्राप्त हुए हैं। इस महिला को बाहर निकालते हुए टीम को एक शाही ताबूत भी मिला। संभावना जताई जा रही है कि महिला का कंकाल 4500 वर्ष पुराना है और किसी शाही परिवार से है। शोधार्थियों को बेशकीमती चाकू भी बरामद हुआ है। इसके अलावा शोधार्थियों को राजेंद्र व श्रीराम के खेत में एक-एक विशाल दीवार, श्रीराम के खेत में एक कंकाल, मिट्टी की भट्ठी दिखाई दे रही है, जिसके पास सावधानी से उत्खनन कार्य किया जा रहा है। हालांकि शनिवार को उत्खनन कार्य बंद रहा।
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