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श्रद्धालुओं ने जिनेन्द्र भगवान की पूजा की
Updated Sun, 17 Jun 2018 01:04 AM IST
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बड़ौत (बागपत)। विहर्ष सभागार में अतिवीर महाराज के सानिध्य में चल रहे तीन दिवसीय 24 तीर्थंकर विधान के दूसरे दिन इंद्र-इंद्राणियों ने जिनेंद्र भगवान की पूजा की।
सौधर्म इंद्र बने सुरेश जैन के नेतृत्व में कुबरे इंद्र राकेश जैन, यज्ञनायक मुकेश बजाज, सानत इंद्र दिनेश जैन, इंसान इंद्र मुकेश जैन, माहेंद्र इंद्र विपिन जैन ने 24 तीर्थंकर भगवान की जिन प्रतिमाओं का विधि-विधान से अभिषेक तथा शांति धारा की। इस अवसर पर कुबेर इंद्र द्वारा रक्त वर्षा की गई। बाल ब्रहचारी राज किंग जैन की मधुर भजनों ने जैन श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। महिलाओं ने प्रभु की भक्ति मेें प्रसन्न होकर नृत्य किए।
इस अवसर पर एलाचार्य अतिवीर महाराज ने कहा कि नर जीवन प्रभु भजन के लिए मिला है। आज व्यक्ति में प्रदर्शन करने की भावना बढ़ती जा रही है, लोग मुझे अच्छा कहेें, मेरी स्थिति को अच्छा समझें, इसलिए स्वयं की वास्तविक स्थिति नहीं होते हुए भी व्यक्ति ने भौतिक संसाधन जुटा रखे हैं, चाहे वह लोन लेकर ही क्यों न लेने पड़े। उन्होंने कहा कि हमें प्रदर्शन की भावना से हटकर आत्मदर्शन की भावना अपने भीतर जागृति करनी है। हमेें छोटे-छोटे नियमों के द्वारा त्याग की ओर बढ़ना चाहिए। इस अवसर पर सुभाष जन, वरदान जैन, प्रदीप जैन, सुरेश जैन, रमेश जैन, राकेश जैन, प्रवीण जैन रहे।
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सौधर्म इंद्र बने सुरेश जैन के नेतृत्व में कुबरे इंद्र राकेश जैन, यज्ञनायक मुकेश बजाज, सानत इंद्र दिनेश जैन, इंसान इंद्र मुकेश जैन, माहेंद्र इंद्र विपिन जैन ने 24 तीर्थंकर भगवान की जिन प्रतिमाओं का विधि-विधान से अभिषेक तथा शांति धारा की। इस अवसर पर कुबेर इंद्र द्वारा रक्त वर्षा की गई। बाल ब्रहचारी राज किंग जैन की मधुर भजनों ने जैन श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। महिलाओं ने प्रभु की भक्ति मेें प्रसन्न होकर नृत्य किए।
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इस अवसर पर एलाचार्य अतिवीर महाराज ने कहा कि नर जीवन प्रभु भजन के लिए मिला है। आज व्यक्ति में प्रदर्शन करने की भावना बढ़ती जा रही है, लोग मुझे अच्छा कहेें, मेरी स्थिति को अच्छा समझें, इसलिए स्वयं की वास्तविक स्थिति नहीं होते हुए भी व्यक्ति ने भौतिक संसाधन जुटा रखे हैं, चाहे वह लोन लेकर ही क्यों न लेने पड़े। उन्होंने कहा कि हमें प्रदर्शन की भावना से हटकर आत्मदर्शन की भावना अपने भीतर जागृति करनी है। हमेें छोटे-छोटे नियमों के द्वारा त्याग की ओर बढ़ना चाहिए। इस अवसर पर सुभाष जन, वरदान जैन, प्रदीप जैन, सुरेश जैन, रमेश जैन, राकेश जैन, प्रवीण जैन रहे।
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