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जौहड़ी की मासूम निशानेबाज के पहाड़ जैसे इरादे

Sun, 10 Sep 2017 01:35 AM IST
Updated Sun, 10 Sep 2017 01:35 AM IST
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जौहड़ी की मासूम निशानेबाज के पहाड़ जैसे इरादे
बागपत। सिर पर बीएसफ की टोपी लगाए जौहड़ी की शूटिंग रेंज में घूम रही नौ साल की डॉली जाटव को देखकर बेबी डॉल समझने की भूल मत करना। यह वही निशानेबाज है जिसने जयपुर शूटिंग चैंपियनशिप में दो पदक जीतकर तहलका मचा दिया है। दुनिया की नंबर एक निशानेबाज बनने के लिए वह इन दिनों पसीना बहा रही है।
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जौहड़ी गांव की मासूम शूटर डॉली को इन दिनों देश की सबसे कम उम्र की निशानेबाजों में गिना जा रहा है। ईंट भट्ठे पर पथाई करने वाले मजदूर संजय जाटव की बेटी डॉली के इरादे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धाक जमाने के हैं। उसकी रोजमर्रा की जिंदगी अभाव से शुरू होती है और उम्मीद पर खत्म। उसके पास न पिस्टल है और गोलियां। घर में न टीवी है और नही आधुनिक सुख-सुविधाएं, लेकिन डॉली के पास जिद और जज्बा है। कहती है कि खेल शुरू कर दिया है, आगे बढ़ना है। कुछ लोग मदद कर रहे हैं। देश को निशानेबाजों की फौज देने वाले डॉ. राजपाल सिंह ने उसे तराशना शुरू किया। बीएसएफ के इंदौर सेंटर से लौटी डॉली कहती है कि उसे अधिकारियों ने रेंज में अभ्यास करने की छूट दी है। समय-समय पर वह वहां जाकर अभ्यास करेगी। पिस्टल और गोलियां बीएसएफ देगी। तीन दिन पहले उसने रेंज पर ट्रेनिंग कर रहे देश के करीब 150 आईपीएस ऑफिसर के सामने निशानेबाजी का ऐसा प्रदर्शन किया कि अफसर उसके कायल हो गए। डॉ. राजपाल सिंह कहते हैं कि इतनी कम उम्र में डॉली का हौसला बड़ी बात है।
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माता पिता करते हैं भट्ठे पर ईट पथाई
बागपत। डॉली का एक दूसरा रूप भी है। उसके माता पिता भट्ठे पर ईट पथाई करते और वह परिवार का सहयोग करते नजर आती है। कहती है कि छुट्टी के दिन उसे मम्मी-पापा का सहयोग कर अच्छा लगता है। वह गांव के ही स्कूल में कक्षा दो की छात्रा है।
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ईंट भट्ठे से मां ले गई शूटिंग रेंज तक
बागपत। डॉली के पिता संजय जाटव और माता सुनीता है। पांच भाई बहन हैं। सबसे बड़ी डॉली, इसके बाद मानसी, प्रिंस, राधिका और प्रियांशु। निशानेबाजी क्यों चुनी, इसके पीछे भी दिलचस्प कहानी है। वह मां के साथ ईंट भट्ठे पर काम कर रही थी। मां ने उसका हाथ पकड़ा और सीधे जौहड़ी की शूटिंग रेंज पर लेकर पहुंची। डॉ. राजपाल सिंह से कहा इसे भी कुछ सिखा दो। डॉली की उम्र कम थी, लेकिन रेंज पर उसकी सीखने की प्रवृत्ति की बदौलत ही वह नाम कमाने लगी है।



सत्यपाल सिंह ने भी बढ़ाया हौसला
बागपत। एक दिन पहले ही वह दिल्ली में केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह से मिली। केंद्रीय मंत्री ने उसकी प्रतिभा के किस्से सुने और उसका हौसला बढ़ाया। गौरतलब है कि जौहड़ी के निशानेबाजों की दुनिया में धाक है। सीएम योगी आदित्य नाथ खुद यहां के खिलाड़ियों की प्रशंसा कर चुके हैं। डॉ. राजपाल सिंह उम्मीद जताते हैं कि वह एक दिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रोशन करेगी।
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