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यमुना में छोड़ा 8.14 लाख क्यूसेक पानी, 28 गांव में अलर्ट
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बागपत यमुना में बढ़ता जलस्तर
- फोटो : BAGHPAT
यमुना में छोड़ा 8.14 लाख क्यूसेक पानी, 28 गांव में अलर्ट
बागपत। पहाड़ों और मैदानी क्षेत्रों में निरंतर हो रही बारिश के बाद यमुना का जलस्तर बढने लगा है। हथिनीकुंड बैराज से 8.14 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण जिले के 28 गांव में अलर्ट जारी कर दिया गया है। एडीएम और एसडीएम ने यमुना किनारे के गांवों का दौरा किया। गांवों में प्रधान और लेखपालों के माध्यम से ग्रामीणों को जागरूक किया गया। बाढ़ चौकियों को भी अलर्ट जारी कर दिया गया है।
हथिनीकुंड बैराज से रविवार शाम पांच बजे तक 8.14 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा चुका है। सोमवार को यह पानी बागपत जिले में पहुंच जाएगा, जिस कारण किनारे के गांवों में जलभराव हो सकता है। एडीएम अनिल कुमार मिश्रा ने बताया कि यमुना का जलस्तर बढने के चलते अलर्ट जारी कर दिया गया है। यमुना नदी क्षेत्र में पडने वाले गांवों में बाढ़ से बचाव के लिए कार्य योजना प्रशासन ने तैयार कर ली है। तीनों तहसील क्षेत्रों में 11 स्थानों पर बाढ़ चौकी और 11 स्थानों पर राहत स्थल बनाए गए है। इन सभी स्थानों पर डीएम शकुंतला गौतम के आदेश पर कर्मचारियों की तैनाती कर दी गई है। लेखपाल और ग्राम सचिवों को गांवों में पहुंचकर ग्रामीणों को सचेत करा दिया गया है। डेनेज खंड शामली-मुजफ्फरनगर के सहायक अभियंता अशोक कुमार धीमान ने बताया कि 8.14 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। अभी ओर भी पानी छोड़ा जाएगा। इसकी सूचना जिला स्तर पर भिजवा दी गई है।
सीडीओ पीसी जायसवाल ने बताया कि बाढ़ के चलते अलर्ट जारी कर दिया गया है। ड्यूटी चार्ट जारी कर दिया गया है। शिफ्टों में अधिकारी और कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी गई है। प्रशासन ने अपनी सभी तैयारियां पूरी कर ली है।
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यह गांव है यमुना नदी से प्रभावित
बागपत तहसील के बागपत, पाली, सिसाना, निवाड़ा, गौरीपुर ज्वाहरनगर, नैथला, फैजुल्लापुर, फैजपुर निनाना, खेड़ा इस्लामपुर, राजपुर खामपुर, सुल्तानपुर हटाना, खेकड़ा तहसील के काठा, नंगला बहलोलपुर, मवीकलां, सांकरौद, सुऽानपुर, नूरपुर खालसा, अब्दुलपुर, बड़ौत तहसील के छपरौली, टांडा, नांगल, कुर्डी, बदरखा, ककौर, शबगा, जागौस, अकबरपुर, खेडी प्रधान, कोताना आदि गांव शामिल है।
बाढ़ चौकी स्थल
बागपत तहसील क्षेत्र में बागपत तहसील, थाना बालैनी, थाना चांदीनगर, खेकड़ा तहसील की पुलिस चौकी पाठशाला, पुलिस चौकी रटौल, बड़ौत तहसील में थाना बिनौली, पुलिस चौकी बामनौली, थाना छपरौली, प्राथमिक पाठशाला जागौस, बरनावा पुलिस चौकी, कोताना पंचायत चौपाल को बाढ़ चौकी बनाया गया है।
आज यमुना की तरफ मत जाना
बागपत। प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है। ग्रामीणों से कहा गया कि सहारनपुर से छोड़ा गया पानी सोमवार को जिले में आएगा। ऐसे में यह पानी गांव तक पहुंचेंगा। ग्रामीणों से आह्वान किया गया कि वह यमुना नदी को पार करने की कोशिश न करें और न ही नहाने जाएं। यमुना नदी पर न जाने के लिए अलर्ट कर दिया गया है।
बाढ़ से कईं बार बदतर हुए हालात
बागपत। पहले भी यमुना नदी ने कई बार लोगों को मुश्किलों में डाला है। पानी अधिक आने के कारण बाढ़ के हालात बने हैं। टांडा के ग्रामीण शहजाद, सलीम और फुरकान का कहना है कि कई बार बाढ़ के हालात पहले भी बन चुके हैं।
फसलें तबाह होनी शुरू, किसानों की बढ़ी चिंता
बागपत। किसानों की चिंता बढ़ गई है। यमुना किनारे के खेतों तक पानी पहुंचना शुरू हो गया है। सब्जियों की फसलें डूब गई हैं। चारे और ईंख की फसल में जलभराव से किसान परेशान हैं। किसानों का कहना है कि सोमवार को और अधिक मुश्किलें हो सकती हैं।
यमुना छोडे गए पानी से सतर्कता बढ़ी
छपरौली। हथिनी कुंड बैराज से छोड़े गए पानी की सूचना से क्षेत्र में सतर्कता बढ़ गई है ।टांडा, नांगल, छपरौली, कूड़ी, बदरखा, ककौर मांढी, शबगा एवं जागोस गांव जमुना किनारे बसे है। ग्राम प्रधान व प्रशासनिक अधिकारियों ने गांव में सूचना प्रसारित करा दी है कि यमुना की ओर न जाए कभी भी पानी आ सकता है, जिससे जानमाल की क्षति होने का अंदेशा है । प्रशासन ने चौकसी बढ़ा दी है। एसडीएम बड़ौत गुलशन कुमार भी टीम के साथ गांवों के दौरे पर हैं और लोगों को सूचित कर रहे हैं कि वे सावधानी बरतें।
यमुना नदी के किनारे रहने वाले को दूसरी जगह रहने के लिए किया अलर्ट
प्रशासन की ओर यमुना के किनारे पर मकान बनाकर रहे लोगों को दूसरी जगह रहने के लिए कहा गया है। इसके लिए लेखपालों को जिम्मेदारी दी गई है। लोगों को पहले ही यमुना नदी क्षेत्र से दूसरे जगह रहने के लिए अलर्ट जारी किया गया है।
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बागपत। पहाड़ों और मैदानी क्षेत्रों में निरंतर हो रही बारिश के बाद यमुना का जलस्तर बढने लगा है। हथिनीकुंड बैराज से 8.14 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण जिले के 28 गांव में अलर्ट जारी कर दिया गया है। एडीएम और एसडीएम ने यमुना किनारे के गांवों का दौरा किया। गांवों में प्रधान और लेखपालों के माध्यम से ग्रामीणों को जागरूक किया गया। बाढ़ चौकियों को भी अलर्ट जारी कर दिया गया है।
हथिनीकुंड बैराज से रविवार शाम पांच बजे तक 8.14 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा चुका है। सोमवार को यह पानी बागपत जिले में पहुंच जाएगा, जिस कारण किनारे के गांवों में जलभराव हो सकता है। एडीएम अनिल कुमार मिश्रा ने बताया कि यमुना का जलस्तर बढने के चलते अलर्ट जारी कर दिया गया है। यमुना नदी क्षेत्र में पडने वाले गांवों में बाढ़ से बचाव के लिए कार्य योजना प्रशासन ने तैयार कर ली है। तीनों तहसील क्षेत्रों में 11 स्थानों पर बाढ़ चौकी और 11 स्थानों पर राहत स्थल बनाए गए है। इन सभी स्थानों पर डीएम शकुंतला गौतम के आदेश पर कर्मचारियों की तैनाती कर दी गई है। लेखपाल और ग्राम सचिवों को गांवों में पहुंचकर ग्रामीणों को सचेत करा दिया गया है। डेनेज खंड शामली-मुजफ्फरनगर के सहायक अभियंता अशोक कुमार धीमान ने बताया कि 8.14 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। अभी ओर भी पानी छोड़ा जाएगा। इसकी सूचना जिला स्तर पर भिजवा दी गई है।
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सीडीओ पीसी जायसवाल ने बताया कि बाढ़ के चलते अलर्ट जारी कर दिया गया है। ड्यूटी चार्ट जारी कर दिया गया है। शिफ्टों में अधिकारी और कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी गई है। प्रशासन ने अपनी सभी तैयारियां पूरी कर ली है।
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यह गांव है यमुना नदी से प्रभावित
बागपत तहसील के बागपत, पाली, सिसाना, निवाड़ा, गौरीपुर ज्वाहरनगर, नैथला, फैजुल्लापुर, फैजपुर निनाना, खेड़ा इस्लामपुर, राजपुर खामपुर, सुल्तानपुर हटाना, खेकड़ा तहसील के काठा, नंगला बहलोलपुर, मवीकलां, सांकरौद, सुऽानपुर, नूरपुर खालसा, अब्दुलपुर, बड़ौत तहसील के छपरौली, टांडा, नांगल, कुर्डी, बदरखा, ककौर, शबगा, जागौस, अकबरपुर, खेडी प्रधान, कोताना आदि गांव शामिल है।
बाढ़ चौकी स्थल
बागपत तहसील क्षेत्र में बागपत तहसील, थाना बालैनी, थाना चांदीनगर, खेकड़ा तहसील की पुलिस चौकी पाठशाला, पुलिस चौकी रटौल, बड़ौत तहसील में थाना बिनौली, पुलिस चौकी बामनौली, थाना छपरौली, प्राथमिक पाठशाला जागौस, बरनावा पुलिस चौकी, कोताना पंचायत चौपाल को बाढ़ चौकी बनाया गया है।
आज यमुना की तरफ मत जाना
बागपत। प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है। ग्रामीणों से कहा गया कि सहारनपुर से छोड़ा गया पानी सोमवार को जिले में आएगा। ऐसे में यह पानी गांव तक पहुंचेंगा। ग्रामीणों से आह्वान किया गया कि वह यमुना नदी को पार करने की कोशिश न करें और न ही नहाने जाएं। यमुना नदी पर न जाने के लिए अलर्ट कर दिया गया है।
बाढ़ से कईं बार बदतर हुए हालात
बागपत। पहले भी यमुना नदी ने कई बार लोगों को मुश्किलों में डाला है। पानी अधिक आने के कारण बाढ़ के हालात बने हैं। टांडा के ग्रामीण शहजाद, सलीम और फुरकान का कहना है कि कई बार बाढ़ के हालात पहले भी बन चुके हैं।
फसलें तबाह होनी शुरू, किसानों की बढ़ी चिंता
बागपत। किसानों की चिंता बढ़ गई है। यमुना किनारे के खेतों तक पानी पहुंचना शुरू हो गया है। सब्जियों की फसलें डूब गई हैं। चारे और ईंख की फसल में जलभराव से किसान परेशान हैं। किसानों का कहना है कि सोमवार को और अधिक मुश्किलें हो सकती हैं।
यमुना छोडे गए पानी से सतर्कता बढ़ी
छपरौली। हथिनी कुंड बैराज से छोड़े गए पानी की सूचना से क्षेत्र में सतर्कता बढ़ गई है ।टांडा, नांगल, छपरौली, कूड़ी, बदरखा, ककौर मांढी, शबगा एवं जागोस गांव जमुना किनारे बसे है। ग्राम प्रधान व प्रशासनिक अधिकारियों ने गांव में सूचना प्रसारित करा दी है कि यमुना की ओर न जाए कभी भी पानी आ सकता है, जिससे जानमाल की क्षति होने का अंदेशा है । प्रशासन ने चौकसी बढ़ा दी है। एसडीएम बड़ौत गुलशन कुमार भी टीम के साथ गांवों के दौरे पर हैं और लोगों को सूचित कर रहे हैं कि वे सावधानी बरतें।
यमुना नदी के किनारे रहने वाले को दूसरी जगह रहने के लिए किया अलर्ट
प्रशासन की ओर यमुना के किनारे पर मकान बनाकर रहे लोगों को दूसरी जगह रहने के लिए कहा गया है। इसके लिए लेखपालों को जिम्मेदारी दी गई है। लोगों को पहले ही यमुना नदी क्षेत्र से दूसरे जगह रहने के लिए अलर्ट जारी किया गया है।