{"_id":"5a43f7054f1c1bf4688c3aa9","slug":"71514403589-baghpat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकार के अनुदान पर गोवंशों का होगा भरण-पोषण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकार के अनुदान पर गोवंशों का होगा भरण-पोषण
Updated Thu, 28 Dec 2017 01:09 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बागपत। गौशालाओं में गौवंश के भरण-पोषण के लिए सरकार से अनुदान मिलेगा। आमदनी बढ़ाने के लिए अन्य स्रोत बनाए जाएंगे। जिला स्तर पर कमेटी गठित होगा। इसमें अफसरों के साथ गौशाला संचालक मंडल रहेगा। फरवरी से कार्य शुरू हो जाएगा। शासन ने इसके प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए है।
प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोवंश के प्रति संवेदनशील है। जिसको देखते हुए पंजीकृत गौशाला के लिए अनुदान की व्यवस्था की गई है। जिससे गौवंश का भरण-पोषण होगा। इसके साथ-साथ आमदनी बढ़ाने के स्रोत बनाए जाएंगे। संचालकों को कंपोस्ट खाद, अगरबत्ती बनाना, फिनाइल बनाना सहित अन्य व्यवस्था करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। उपकरण लगाने के लिए सरकार से लाभ मिलेगा। इसके लिए प्रचार-प्रसार किया जाएगा। पशु पालन विभाग के प्रशासन एवं विकास निदेशक डॉ. चरण सिंह यादव ने डीएम, सीडीओ और सीवीओ को पत्र के माध्यम से निर्देश दिए जो भी पंजीकृत गौशाला है वहां पर गौवंश के लिए भरण-पोषण के लिए अनुदान दिया जाएगा। इसके लिए जिला स्तर पर एक कमेटी बनाई जाएगी। कमेटी में जिला स्तर के अफसर और गौशाला संचालन मंडल से पदाधिकारियों को शामिल किया जाएगा। फरवरी तक योजना पूरी तरह लागू हो जाएगी। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राजपाल सिंह ने बताया कि योजना का प्रचार-प्रसार किया जाएगा। जल्द कमेटी का गठन होगा। एक गौवंश पर 300 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से सरकार अनुदान देगी। गौशाला में खुद की आमदनी के लिए उपकरण लगवाएं जाएंगे। जिस पर सरकार से अनुदान मिलेगा। फरवरी में योजना संचालित हो जाएगी।
दो गौशाला में हैं 400 गोवंश
जिले में दो पंजीकृत गौशालाएं हैं। जहां पर 400 गौवंश का भरण-पोषण हो रहा है। सीवीओ डॉ. राजपाल ने बताया कि एक गौशाला बड़ौत में है जहां पर करीब 250 गौवंश है। वहीं अमीनगर सराय गोशाला में 150 गौवंश हैं। संचालित गौशाला में योजना को लागू कराया जाएगा।
विज्ञापन
आवारा गौवंश के लिए गंभीर है शासन
आवारा गौवंश को आसरा देने के लिए भी शासन गंभीर है। इसके लिए डीएम और जिला पंचायत के एएमए को विशेष सचिव ने काजी हाउस (पशु बाडे़) को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। डीएम ने सीडीओ को डीपीआरओ और एएमए के साथ बैठक कर तहसील क्षेत्र में इसकी व्यवस्था कराने के निर्देशित कर चुके है।
विज्ञापन
प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोवंश के प्रति संवेदनशील है। जिसको देखते हुए पंजीकृत गौशाला के लिए अनुदान की व्यवस्था की गई है। जिससे गौवंश का भरण-पोषण होगा। इसके साथ-साथ आमदनी बढ़ाने के स्रोत बनाए जाएंगे। संचालकों को कंपोस्ट खाद, अगरबत्ती बनाना, फिनाइल बनाना सहित अन्य व्यवस्था करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। उपकरण लगाने के लिए सरकार से लाभ मिलेगा। इसके लिए प्रचार-प्रसार किया जाएगा। पशु पालन विभाग के प्रशासन एवं विकास निदेशक डॉ. चरण सिंह यादव ने डीएम, सीडीओ और सीवीओ को पत्र के माध्यम से निर्देश दिए जो भी पंजीकृत गौशाला है वहां पर गौवंश के लिए भरण-पोषण के लिए अनुदान दिया जाएगा। इसके लिए जिला स्तर पर एक कमेटी बनाई जाएगी। कमेटी में जिला स्तर के अफसर और गौशाला संचालन मंडल से पदाधिकारियों को शामिल किया जाएगा। फरवरी तक योजना पूरी तरह लागू हो जाएगी। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राजपाल सिंह ने बताया कि योजना का प्रचार-प्रसार किया जाएगा। जल्द कमेटी का गठन होगा। एक गौवंश पर 300 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से सरकार अनुदान देगी। गौशाला में खुद की आमदनी के लिए उपकरण लगवाएं जाएंगे। जिस पर सरकार से अनुदान मिलेगा। फरवरी में योजना संचालित हो जाएगी।
विज्ञापन
दो गौशाला में हैं 400 गोवंश
जिले में दो पंजीकृत गौशालाएं हैं। जहां पर 400 गौवंश का भरण-पोषण हो रहा है। सीवीओ डॉ. राजपाल ने बताया कि एक गौशाला बड़ौत में है जहां पर करीब 250 गौवंश है। वहीं अमीनगर सराय गोशाला में 150 गौवंश हैं। संचालित गौशाला में योजना को लागू कराया जाएगा।
विज्ञापन
आवारा गौवंश के लिए गंभीर है शासन
आवारा गौवंश को आसरा देने के लिए भी शासन गंभीर है। इसके लिए डीएम और जिला पंचायत के एएमए को विशेष सचिव ने काजी हाउस (पशु बाडे़) को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। डीएम ने सीडीओ को डीपीआरओ और एएमए के साथ बैठक कर तहसील क्षेत्र में इसकी व्यवस्था कराने के निर्देशित कर चुके है।