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हरे चारे के साथ गोवंशीय पशुओं को खिलाई जाएगी सब्जियां
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हरे चारे के साथ गोवंशीय पशुओं को खिलाई जाएगी सब्जियां
बागपत। गोवंशीय पशुओं को भूसे में हरे चारे के साथ-साथ सब्जियां भी खिलाई जाएगी। शरीर में ऊर्जा बनी रहे इसके लिए एक समय में गुड़ दिया जाएगा। गोवंश आश्रय स्थलों पर नियमित रूप से सफाई होगी। मुंहपका, खुरपका, गलघोंटू और अन्य बीमारियों से बचाव के लिए गोवंशों की नियमित जांच होगी और टीकाकरण कराया जाएगा। मुख्य सचिव डॉ. अनूपचंद पांडेय ने इस संबंध में कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में गोवंश आश्रय स्थलों का निर्माण चल रहा है। कुछ गांव में भूमि का चयन किया गया है, जिसकी एस्टीमेट भेजा गया है। वहीं शहरी क्षेत्रों में भी कार्रवाई चल रही है। शासन ने गोवंशीय पशुओं की सेहत का भी ख्याल रखा है। चारे के लिए जहां एक करोड़ रुपये स्वीकृत हो गए हैं। गोवंशीय पशुओं को भूसे के साथ हरा चारा और हरी सब्जियां भी मिलाई जाएगी। वहीं एक समय में गुड़ भी खिलाया जाएगा। मुख्य सचिव डॉ. अनूप चंद्र पांडेय ने डीएम को जारी किए आदेश में कहा कि पशुओं को 90 प्रतिशत चारा में घास, हरा चारा, सूखी घास, भूसा व दस प्रतिशत सब्जियां दी जाए, ताकि उनको समय-समय पर पौष्टिक आहार मिलता रहे। ऊर्जा देने के लिए गुड़ भी दिया जाए। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राजपाल सिंह ने बताया कि पशुओं के चारे के लिए एक करोड़ का बजट जारी किया गया है। इसमें पौष्टिक और ऊर्जा पहुंचाने वाले आहार दिए जाएंगे।
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बीमारी रोकने के लिए पशुओं को लगाए जाएंगे टीके
बागपत। गोवंश आश्रय स्थलों में रखे गए गोवंशीय पशुओं को खुरपका, मुंहपका, गलघोंटू और अन्य बीमारी की रोकथाम के लिए हर छह माह में टीके लगाए जाएंगे। पशुओं को अन्य बीमारी से बचाव के लिए भी टीकाकरण किया जाएगा।
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साफ-सफाई पर दिया जाएगा ध्यान
बागपत। मुख्य सचिव ने आदेश दिए हैं कि आश्रय स्थलों पर नियमित साफ सफाई पर ध्यान दिया जाए, जिससे पशुओं में बीमारी न हो। गोशाला में गोवंशीय पशु स्थल पर सफाई गर्मी में सुबह आठ बजे से दस बजे और शाम को पांच बजे से सात बजे, शेड की सफाई गर्मी में सुबह पांच से शाम सात बजे और सर्दी में सुबह नौ से ग्यारह बजे तक होगी।
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बागपत। गोवंशीय पशुओं को भूसे में हरे चारे के साथ-साथ सब्जियां भी खिलाई जाएगी। शरीर में ऊर्जा बनी रहे इसके लिए एक समय में गुड़ दिया जाएगा। गोवंश आश्रय स्थलों पर नियमित रूप से सफाई होगी। मुंहपका, खुरपका, गलघोंटू और अन्य बीमारियों से बचाव के लिए गोवंशों की नियमित जांच होगी और टीकाकरण कराया जाएगा। मुख्य सचिव डॉ. अनूपचंद पांडेय ने इस संबंध में कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में गोवंश आश्रय स्थलों का निर्माण चल रहा है। कुछ गांव में भूमि का चयन किया गया है, जिसकी एस्टीमेट भेजा गया है। वहीं शहरी क्षेत्रों में भी कार्रवाई चल रही है। शासन ने गोवंशीय पशुओं की सेहत का भी ख्याल रखा है। चारे के लिए जहां एक करोड़ रुपये स्वीकृत हो गए हैं। गोवंशीय पशुओं को भूसे के साथ हरा चारा और हरी सब्जियां भी मिलाई जाएगी। वहीं एक समय में गुड़ भी खिलाया जाएगा। मुख्य सचिव डॉ. अनूप चंद्र पांडेय ने डीएम को जारी किए आदेश में कहा कि पशुओं को 90 प्रतिशत चारा में घास, हरा चारा, सूखी घास, भूसा व दस प्रतिशत सब्जियां दी जाए, ताकि उनको समय-समय पर पौष्टिक आहार मिलता रहे। ऊर्जा देने के लिए गुड़ भी दिया जाए। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राजपाल सिंह ने बताया कि पशुओं के चारे के लिए एक करोड़ का बजट जारी किया गया है। इसमें पौष्टिक और ऊर्जा पहुंचाने वाले आहार दिए जाएंगे।
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बीमारी रोकने के लिए पशुओं को लगाए जाएंगे टीके
बागपत। गोवंश आश्रय स्थलों में रखे गए गोवंशीय पशुओं को खुरपका, मुंहपका, गलघोंटू और अन्य बीमारी की रोकथाम के लिए हर छह माह में टीके लगाए जाएंगे। पशुओं को अन्य बीमारी से बचाव के लिए भी टीकाकरण किया जाएगा।
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साफ-सफाई पर दिया जाएगा ध्यान
बागपत। मुख्य सचिव ने आदेश दिए हैं कि आश्रय स्थलों पर नियमित साफ सफाई पर ध्यान दिया जाए, जिससे पशुओं में बीमारी न हो। गोशाला में गोवंशीय पशु स्थल पर सफाई गर्मी में सुबह आठ बजे से दस बजे और शाम को पांच बजे से सात बजे, शेड की सफाई गर्मी में सुबह पांच से शाम सात बजे और सर्दी में सुबह नौ से ग्यारह बजे तक होगी।