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हसनपुर जिवानी में ग्रामीणों को नसीब नहीं होता टंकी का पानी
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रमाला (बागपत)। हसनपुर जिवानी में 18 साल बाद भी लोगों को पाइप पेयजल योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। लोगों को यहां शुद्ध जल नहीं मिलता। घटिया पाइप यहां की सबसे बड़ी परेशानी है। जिस समय पाइप लाइन बिछाई जा रही थी, इसी दौरान इसका विरोध किया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। लोगों को शुद्ध जल नहीं मिल रहा है।
गांवों में पाइप पेयजल योजना से शुद्ध पानी पहुंचाने का दावा हवा हवाई साबित हुआ है। सभी परियोजनाएं घटिया पाइपों के कारण शोपीस बनकर खड़ी है। हसनपुर जिवानी गांव की पाइप पेयजल योजना 18 वर्ष पुरानी है। गांव की आबादी सात हजार होने के बावजूद यह योजना धड़ाम हुई है। गांव के महमूद, जितेंद्र, महिपाल, प्रमोद, सहेंद्र ने बताते हैं कि घटिया पाइपों के कारण गांव को योजना का लाभ नहीं हो सका है।
गांव में पानी सप्लाई कराने का प्रयास
हसनपुर जिवानी गांव के प्रधान नीरज तोमर ने बताया कि वर्ष 2000 में टंकी लगी थी। उस समय कुछ ही दिन टंकी चली, इसके बाद खराबी आ गई थी। उन्होंने पंचायत निधि से टंकी को चलवाया। समस्या यहां घटिया पाइपों की हैं। पानी छोड़ते ही जगह-जगह पाइप लाइन फट जाती है। अभी तक यह टंकी हस्तांतरित भी नहीं हुई है। एक ऑपरेटर रखा हुआ है, लेकिन उसे मानदेय नहीं दिया जाता है। 50 घरों में कनेक्शन हैं। इन घरों से होने वाली वसूली से टूटफूट को सही करवाते रहते हैं। पूरे गांव में पानी नहीं जाता है, इसके लिए पूरा प्रयास किया जा रहा है।
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हसनपुर जिवानी गांव निवासी ब्रजवीर ने बताया कि टंकी को लगे 18 वर्ष हो गए हैं, लेकिन पूरे गांव में पानी सप्लाई नहीं होता है। गांव के लोगों को इसका कोई लाभ नहीं मिल रहा है।
अन्नु का कहना है कि सरकार की उपेक्षा के कारण ही गांव के लोगों को शुद्ध पानी नहीं मिल रहा है। प्रशासन अगर जांच कराकर समाधान कराए तो हर घर में शुद्ध पानी मिले।
संजीव ने कहा कि घटिया पाइपों के कारण पानी सप्लाई नहीं होता है। टंकी का लोगों को कोई लाभ नहीं मिला है। अपने विकल्पों से जलापूर्ति कर रहे है। टंकी भी चालू करवाई जानी चाहिए।
रविंद्र सिंह ने कहा कि ग्रामीणों को पेयजल की आपूर्ति होनी चाहिए। जहां पाइप खराब लगे हैं, उन्हें ठीक कराया जाना चाहिए।
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गांवों में पाइप पेयजल योजना से शुद्ध पानी पहुंचाने का दावा हवा हवाई साबित हुआ है। सभी परियोजनाएं घटिया पाइपों के कारण शोपीस बनकर खड़ी है। हसनपुर जिवानी गांव की पाइप पेयजल योजना 18 वर्ष पुरानी है। गांव की आबादी सात हजार होने के बावजूद यह योजना धड़ाम हुई है। गांव के महमूद, जितेंद्र, महिपाल, प्रमोद, सहेंद्र ने बताते हैं कि घटिया पाइपों के कारण गांव को योजना का लाभ नहीं हो सका है।
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गांव में पानी सप्लाई कराने का प्रयास
हसनपुर जिवानी गांव के प्रधान नीरज तोमर ने बताया कि वर्ष 2000 में टंकी लगी थी। उस समय कुछ ही दिन टंकी चली, इसके बाद खराबी आ गई थी। उन्होंने पंचायत निधि से टंकी को चलवाया। समस्या यहां घटिया पाइपों की हैं। पानी छोड़ते ही जगह-जगह पाइप लाइन फट जाती है। अभी तक यह टंकी हस्तांतरित भी नहीं हुई है। एक ऑपरेटर रखा हुआ है, लेकिन उसे मानदेय नहीं दिया जाता है। 50 घरों में कनेक्शन हैं। इन घरों से होने वाली वसूली से टूटफूट को सही करवाते रहते हैं। पूरे गांव में पानी नहीं जाता है, इसके लिए पूरा प्रयास किया जा रहा है।
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हसनपुर जिवानी गांव निवासी ब्रजवीर ने बताया कि टंकी को लगे 18 वर्ष हो गए हैं, लेकिन पूरे गांव में पानी सप्लाई नहीं होता है। गांव के लोगों को इसका कोई लाभ नहीं मिल रहा है।
अन्नु का कहना है कि सरकार की उपेक्षा के कारण ही गांव के लोगों को शुद्ध पानी नहीं मिल रहा है। प्रशासन अगर जांच कराकर समाधान कराए तो हर घर में शुद्ध पानी मिले।
संजीव ने कहा कि घटिया पाइपों के कारण पानी सप्लाई नहीं होता है। टंकी का लोगों को कोई लाभ नहीं मिला है। अपने विकल्पों से जलापूर्ति कर रहे है। टंकी भी चालू करवाई जानी चाहिए।
रविंद्र सिंह ने कहा कि ग्रामीणों को पेयजल की आपूर्ति होनी चाहिए। जहां पाइप खराब लगे हैं, उन्हें ठीक कराया जाना चाहिए।