{"_id":"5995eedc4f1c1b04298b4665","slug":"61502998236-baghpat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आजादी में उलेमाओं का महत्वपूर्ण योगदान- गुलजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आजादी में उलेमाओं का महत्वपूर्ण योगदान- गुलजार
Updated Fri, 18 Aug 2017 01:13 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बड़ौत (बागपत)।
नगर के मदरसा दारुल उलूम रशीदिया मस्जिद अंगूर वाली में उलेमा शहीद गोष्ठी का आयोजन किया। इसमें मुल्क की आजादी में कुर्बानी देने वाले उलेमा को याद किया।
गोष्ठी में गुलजार मनव्वर ने कहा सन 1857 की क्रांति का बिगुल बजाने वाले टीपू सुल्तान साहब के साथ हजारों उलेमा ने साथ दिया था और सबसे पहले अंग्रेजी के खिलाफ फतवा देने वाले हजरत मौलाना हुसैन मदनी से अंग्रेजी सरकार घबरा गई थी और हजारों उलेमा को उठाकर दिल्ली के दरख्तों पर फांसी पर चढ़ा दिया था। मौलाना उबेदुल्ला सिंधी मरहूम, मौलाना हुसैन मदनी साहब आदि उलेमा ने अंग्रेजी सैनिक मार गिराए थे। गोष्ठी के समापन पर राष्ट्रगान गाया और उलेमा को याद किया। इसकी अध्यक्षता मौलाना गय्यूर ने की। संचालन उस्मान मनव्वर ने किया। कार्यक्रम में संयोजक मुफ्ती अशरफ पुत्र शहर ए मुफ्ती मोहम्मद अयूब, साबिर मौलाना हनीफ, मौलाना जब्बार, मौलाना मन्सब, कारी साजिद, हाजी चौधरी फतेहदीन, शान मोहम्मद, कुरैशी सभासद, अली हसन चौधरी, हारुण अली मनव्वर, हाजी मोहम्मद, उमर, अब्दुल रहमान आदि रहे।
विज्ञापन
नगर के मदरसा दारुल उलूम रशीदिया मस्जिद अंगूर वाली में उलेमा शहीद गोष्ठी का आयोजन किया। इसमें मुल्क की आजादी में कुर्बानी देने वाले उलेमा को याद किया।
गोष्ठी में गुलजार मनव्वर ने कहा सन 1857 की क्रांति का बिगुल बजाने वाले टीपू सुल्तान साहब के साथ हजारों उलेमा ने साथ दिया था और सबसे पहले अंग्रेजी के खिलाफ फतवा देने वाले हजरत मौलाना हुसैन मदनी से अंग्रेजी सरकार घबरा गई थी और हजारों उलेमा को उठाकर दिल्ली के दरख्तों पर फांसी पर चढ़ा दिया था। मौलाना उबेदुल्ला सिंधी मरहूम, मौलाना हुसैन मदनी साहब आदि उलेमा ने अंग्रेजी सैनिक मार गिराए थे। गोष्ठी के समापन पर राष्ट्रगान गाया और उलेमा को याद किया। इसकी अध्यक्षता मौलाना गय्यूर ने की। संचालन उस्मान मनव्वर ने किया। कार्यक्रम में संयोजक मुफ्ती अशरफ पुत्र शहर ए मुफ्ती मोहम्मद अयूब, साबिर मौलाना हनीफ, मौलाना जब्बार, मौलाना मन्सब, कारी साजिद, हाजी चौधरी फतेहदीन, शान मोहम्मद, कुरैशी सभासद, अली हसन चौधरी, हारुण अली मनव्वर, हाजी मोहम्मद, उमर, अब्दुल रहमान आदि रहे।
विज्ञापन