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छात्राओं ने अपने सर्वे का अनुभव साझा किया
Updated Thu, 17 May 2018 01:04 AM IST
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छात्र-छात्राओं ने सर्वे का अनुभव साझा किया
बड़ौत (बागपत)। जनता वैदिक डिग्री कॉलेज में बुधवार को कृषि अर्थशास्त्र विभाग में सेमिनार का आयोजन किया। इसमें छात्र-छात्राओं ने अपनी ओर से किए सर्वे का अनुभव साझा किया।
सेमिनार का शुभारंभ प्राचार्य डॉ. यशवीर सिंह, अध्यक्ष कृषि अर्थशास्त्र विभाग डॉ. अरुण सोलंकी ने संयुक्त रूप से दीप जलाकर किया। डॉ. सोलंकी ने बताया कि एमएससी एजी चतुर्थ सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं ने अलग-अलग तरह के सर्वे किए। सर्वे करने वाले छात्र भगवानदास ने बताया कि तालाबों का उपयोग सहीं ढंग से नहीं हो पा रहा है।
छात्र पंकज ने बताया कि उपभोक्ता पैक दूध गुणवत्ता और स्वाद के कारण अधिक खरीदते हैं। छात्र अभिषेक ने बताया कि पैक्ड आटा भी उपभोक्ता अधिकतर समय की बचत तथा सुविधा के कारण खरीदते हैं। डॉ. सोलंकी ने छात्राओं को तालाबों का सही ढंग से प्रयोग करने का तरीका भी बताया। प्राचार्य डॉ. यशवीर सिंह ने कहा कि इन सर्वे से छात्रों को आगे अनुसंधान मेें सहायता मिलेगी। सेमिनार को सफल बनाने में डॉ. श्याम किशोर, डॉ. लोकेंद्र सिंह, डॉ. मदन पाल, डॉ. एनएस राठी, डॉ. वीके द्विवेदी, डॉ. मौज पाल, डॉ. पुखराज सिंह, अनिरुद्ध आदि रहे।
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बड़ौत (बागपत)। जनता वैदिक डिग्री कॉलेज में बुधवार को कृषि अर्थशास्त्र विभाग में सेमिनार का आयोजन किया। इसमें छात्र-छात्राओं ने अपनी ओर से किए सर्वे का अनुभव साझा किया।
सेमिनार का शुभारंभ प्राचार्य डॉ. यशवीर सिंह, अध्यक्ष कृषि अर्थशास्त्र विभाग डॉ. अरुण सोलंकी ने संयुक्त रूप से दीप जलाकर किया। डॉ. सोलंकी ने बताया कि एमएससी एजी चतुर्थ सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं ने अलग-अलग तरह के सर्वे किए। सर्वे करने वाले छात्र भगवानदास ने बताया कि तालाबों का उपयोग सहीं ढंग से नहीं हो पा रहा है।
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छात्र पंकज ने बताया कि उपभोक्ता पैक दूध गुणवत्ता और स्वाद के कारण अधिक खरीदते हैं। छात्र अभिषेक ने बताया कि पैक्ड आटा भी उपभोक्ता अधिकतर समय की बचत तथा सुविधा के कारण खरीदते हैं। डॉ. सोलंकी ने छात्राओं को तालाबों का सही ढंग से प्रयोग करने का तरीका भी बताया। प्राचार्य डॉ. यशवीर सिंह ने कहा कि इन सर्वे से छात्रों को आगे अनुसंधान मेें सहायता मिलेगी। सेमिनार को सफल बनाने में डॉ. श्याम किशोर, डॉ. लोकेंद्र सिंह, डॉ. मदन पाल, डॉ. एनएस राठी, डॉ. वीके द्विवेदी, डॉ. मौज पाल, डॉ. पुखराज सिंह, अनिरुद्ध आदि रहे।
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