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दिव्यागों को प्रोत्साहि करना जरूरी- प्रीती मोंगा
Updated Mon, 05 Mar 2018 12:33 AM IST
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बड़ौत (बागपत)।
वर्ष 2013 में राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित सिलवर लाइनिंग्स संस्था की सीईओ प्रीति मोंगा ने बताया कि उनकी संस्था काफी दिनों से दृष्टिहीनता के निवारण के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा दिव्यागों को प्रोत्साहित करना जरूरी है।
वे रविवार को बावली रोड स्थित पूनिया पब्लिक स्कूल मेें आयोजित कार्यक्रम मेें बोल रही थी। स्वयं प्रीति मोंगा बचपन से ही दृष्टि बाधित हैं और पिछले तीन दशकों से अकेले ही विकलांगों एवं महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कार्यरत हैं। प्रीति मोंगा ने बताया कि समाज मेें दिव्यांगों को लोग हीन भावना से देखते हैं, जोकि बिल्कुल गलत है। हमें दिव्यांगों को समय-समय पर प्रोत्साहित करना चाहिए। ताकि दिव्यांगों का जीवन सरल हो जाए। उन्होंने बताया कि नेत्रदान को बढ़ावा देने के लिए यह कार्य दिल्ली के डॉ. श्रॉफ चैरिटी आई अस्पताल के सौजन्य से संचालित है। संस्था विकलांग एवं सामान्य व्यक्तियों को एकत्रित करवाकर उनमेें दोस्ती, भाईचारा कायम कराती है। बाद में विकलांगों को रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए हम निजी कंपनियों से जोड़ते हैं और उन्हें कंपनी में कार्य करने के लिए कार्यशालाएं करवाते हैं। इसमें अश्वनी मोंगा, सौरभ, सुनील, अवनीत मलिक, कृष्णा सिंह, डा. एचपी सिंह, आरती चौधरी, डा. महक सिंह, इकबाल कवि, प्रीतम सिह, राजेंद्र सिंह, महेंद्र कपिल, ओमवीर सिंह, हेमंत आदि शामिल रहे।
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वर्ष 2013 में राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित सिलवर लाइनिंग्स संस्था की सीईओ प्रीति मोंगा ने बताया कि उनकी संस्था काफी दिनों से दृष्टिहीनता के निवारण के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा दिव्यागों को प्रोत्साहित करना जरूरी है।
वे रविवार को बावली रोड स्थित पूनिया पब्लिक स्कूल मेें आयोजित कार्यक्रम मेें बोल रही थी। स्वयं प्रीति मोंगा बचपन से ही दृष्टि बाधित हैं और पिछले तीन दशकों से अकेले ही विकलांगों एवं महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कार्यरत हैं। प्रीति मोंगा ने बताया कि समाज मेें दिव्यांगों को लोग हीन भावना से देखते हैं, जोकि बिल्कुल गलत है। हमें दिव्यांगों को समय-समय पर प्रोत्साहित करना चाहिए। ताकि दिव्यांगों का जीवन सरल हो जाए। उन्होंने बताया कि नेत्रदान को बढ़ावा देने के लिए यह कार्य दिल्ली के डॉ. श्रॉफ चैरिटी आई अस्पताल के सौजन्य से संचालित है। संस्था विकलांग एवं सामान्य व्यक्तियों को एकत्रित करवाकर उनमेें दोस्ती, भाईचारा कायम कराती है। बाद में विकलांगों को रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए हम निजी कंपनियों से जोड़ते हैं और उन्हें कंपनी में कार्य करने के लिए कार्यशालाएं करवाते हैं। इसमें अश्वनी मोंगा, सौरभ, सुनील, अवनीत मलिक, कृष्णा सिंह, डा. एचपी सिंह, आरती चौधरी, डा. महक सिंह, इकबाल कवि, प्रीतम सिह, राजेंद्र सिंह, महेंद्र कपिल, ओमवीर सिंह, हेमंत आदि शामिल रहे।
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