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आज से 46 टीम खोजेगी टीबी मरीज
Updated Sat, 24 Feb 2018 01:08 AM IST
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बागपत। घर-घर पहुंचकर स्वास्थ्य विभाग टीबी के मरीजों को खोजेंगे। शनिवार से अभियान की शुरूआत होगी। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. लोकेश कुमार ने बताया कि अभियान में46 टीम घर घर जानकर मरीजों का सर्वे करेगी।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. लोकेश कुमार ने सीएमओ कार्यालय में पत्रकारों को बताया सरकार का लक्ष्य है देश को 2025 तक टीबी से मुक्त करना है। इसके लिए जिला स्तर पर टीबी के मरीजों को खोजा जाएगा। शनिवार से इसकी शुरूआत होगी जो 10 मार्च तक चलेगी। उन्होंने बताया विश्व में 14 लाख लोगों की टीबी से मौत हो चुकी है। इसमें 4.8 लाख भारत के हैं। जो विश्व के एक चौथाई हिस्सा भारत में है। देश के टीबी मरीजों की संख्या का पांचवां भाग उत्तर प्रदेश में है। उन्होंने बताया कि जिला स्तर पर 2206 मरीज पंजीकृत हैं। इनका उपचार चल रहा है। 2017 में 3.14 लाख मरीजों का पंजीकरण नि:क्षय पोर्टल पर हुआ है। इसके लिए भारत सरकार की ओर से इस रोग को खात्मे का प्लान बनाया है।
जिला कार्यक्रम समन्वयक मनीष पांडेय ने बताया कि जिला स्तर पर टीमें गठित हो गई है। 46 टीम घर-घर जाकर टीबी के मरीजों को खोजेगी। इनके बलगम का नमूने लेकर जांच करेगी। लक्षण मिलने पर दो-तीन दिन में इलाज शुरू होगा। फील्ड टीम में तीन सदस्य होंगे। एक दिन में 50-50 घरों का सर्वे करेंगे। टीम दस दिन में 20429 घरों का सर्वे करेगी। नौ सुपरवाइजर, चार नोडल अधिकारी की तैनाती की। टीबी हेल्थ विजिटर प्रवीण कुमार घर-घर पहुंचकर निरीक्षण करेंगे। इसमें आशा, एनजीओ, ट्रीटमेंट स्पोर्टर, आंगनबाड़ी रहेंगे।
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जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. लोकेश कुमार ने सीएमओ कार्यालय में पत्रकारों को बताया सरकार का लक्ष्य है देश को 2025 तक टीबी से मुक्त करना है। इसके लिए जिला स्तर पर टीबी के मरीजों को खोजा जाएगा। शनिवार से इसकी शुरूआत होगी जो 10 मार्च तक चलेगी। उन्होंने बताया विश्व में 14 लाख लोगों की टीबी से मौत हो चुकी है। इसमें 4.8 लाख भारत के हैं। जो विश्व के एक चौथाई हिस्सा भारत में है। देश के टीबी मरीजों की संख्या का पांचवां भाग उत्तर प्रदेश में है। उन्होंने बताया कि जिला स्तर पर 2206 मरीज पंजीकृत हैं। इनका उपचार चल रहा है। 2017 में 3.14 लाख मरीजों का पंजीकरण नि:क्षय पोर्टल पर हुआ है। इसके लिए भारत सरकार की ओर से इस रोग को खात्मे का प्लान बनाया है।
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जिला कार्यक्रम समन्वयक मनीष पांडेय ने बताया कि जिला स्तर पर टीमें गठित हो गई है। 46 टीम घर-घर जाकर टीबी के मरीजों को खोजेगी। इनके बलगम का नमूने लेकर जांच करेगी। लक्षण मिलने पर दो-तीन दिन में इलाज शुरू होगा। फील्ड टीम में तीन सदस्य होंगे। एक दिन में 50-50 घरों का सर्वे करेंगे। टीम दस दिन में 20429 घरों का सर्वे करेगी। नौ सुपरवाइजर, चार नोडल अधिकारी की तैनाती की। टीबी हेल्थ विजिटर प्रवीण कुमार घर-घर पहुंचकर निरीक्षण करेंगे। इसमें आशा, एनजीओ, ट्रीटमेंट स्पोर्टर, आंगनबाड़ी रहेंगे।
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