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यज्ञ संसार का सर्व श्रेष्ठ कर्म- अरविंद शास्त्री
Updated Sat, 03 Feb 2018 12:56 AM IST
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यज्ञ संसार का सर्व श्रेष्ठ कर्म : अरविंद शास्त्री
बिनौली। बरनावा के लाक्षागृह स्थित श्री महानंद संस्कृत विद्यालय में दो दिवसीय सामवेद पारायण यज्ञ का शुभारंभ हुआ। इसमें काफी संख्या में लोगों ने भाग लिया।
यज्ञ के ब्रह्मा आचार्य अरविंद शास्त्री ने कहा कि यज्ञ संसार का सर्वश्रेष्ठ कर्म है। जीवन में श्रेष्ठ कर्म करने वाला वाला मनुष्य सदा सुखी रहता है। वर्तमान परिवेश में प्रदूषण दिनों दिन बढ़ रहा है। इसका कारण मनुष्य द्वारा प्रकृति का अत्यधिक दोहन है। इन विषम परिस्थितियों में अग्निहोत्र ही एकमात्र समाधान है। यज्ञ संसार का सर्वश्रेष्ठ कर्म है। इससे पर्यावरण के साथ आत्मिक शुद्धि भी होती है। आचार्य ऋषि ब्रह्मचारी व आचार्य अंकुर भारद्वाज ने सस्वर वेदपाठ किया। बीएसएनएल के पूर्व महाप्रबंधक चंद्रहास और उनकी पत्नी अनीता देवी यज्ञमान रहे। खंड शिक्षाधिकारी बिनौली सतीश शर्मा, आचार्य विनोद शास्त्री, गुरुवचन शास्त्री, संजीव आर्य, देवेंद्र शास्त्री, विनोद करनावल, महिपाल सिंह, विपिन, कंवरपाल, चिराग आदि ने भाग लिया।
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बिनौली। बरनावा के लाक्षागृह स्थित श्री महानंद संस्कृत विद्यालय में दो दिवसीय सामवेद पारायण यज्ञ का शुभारंभ हुआ। इसमें काफी संख्या में लोगों ने भाग लिया।
यज्ञ के ब्रह्मा आचार्य अरविंद शास्त्री ने कहा कि यज्ञ संसार का सर्वश्रेष्ठ कर्म है। जीवन में श्रेष्ठ कर्म करने वाला वाला मनुष्य सदा सुखी रहता है। वर्तमान परिवेश में प्रदूषण दिनों दिन बढ़ रहा है। इसका कारण मनुष्य द्वारा प्रकृति का अत्यधिक दोहन है। इन विषम परिस्थितियों में अग्निहोत्र ही एकमात्र समाधान है। यज्ञ संसार का सर्वश्रेष्ठ कर्म है। इससे पर्यावरण के साथ आत्मिक शुद्धि भी होती है। आचार्य ऋषि ब्रह्मचारी व आचार्य अंकुर भारद्वाज ने सस्वर वेदपाठ किया। बीएसएनएल के पूर्व महाप्रबंधक चंद्रहास और उनकी पत्नी अनीता देवी यज्ञमान रहे। खंड शिक्षाधिकारी बिनौली सतीश शर्मा, आचार्य विनोद शास्त्री, गुरुवचन शास्त्री, संजीव आर्य, देवेंद्र शास्त्री, विनोद करनावल, महिपाल सिंह, विपिन, कंवरपाल, चिराग आदि ने भाग लिया।
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