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अमर उजाला की मुहिम चढने लगी परवान
Updated Thu, 04 Jan 2018 01:37 AM IST
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बड़ौत (बागपत)।
सरकारी विद्यालयों मेें फर्नीचर लगवाने की अमर उजाला की मुहिम अब परवान चढ़ने लगी है। शासनादेश जारी होते ही प्रशासनिक अफसर हरकत मेें आए गए हैं। मामले को गंभीरता से लेकर सीडीओ ने अवर अभियंताओं को स्टीमेट बनाने के निर्देश दिए। साथ ही लापरवाही बरतने पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी।
उल्लेखनीय है कि अमर उजाला ने सरकारी विद्यालयों मेें बच्चों के लिए फर्नीचर लगवाने की मांग को प्रमुखता से प्रकाशित किया । अमर उजाला द्वारा चलाएं जा रहे इस मुद्दे को व्यापक रूप देने के लिए गुराना गांव मेें कुछ दिन पूर्व हुई पंचायत में सहमति देकर कमेठी गठित की। कमेटी को गांव-गांव जाकर अभिभावकों और ग्रामीणों को सरकारी विद्यालयों में फर्नीचर लगवाने के लिए जागरूक करने की जिम्मेदारी सौंपी। बाद मेें कमेटी के सदस्यों ने सैकड़ों अभिभावकों के हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन प्रदेश के मुख्यमंत्री सहित विभागीय अफसरों को फैक्स भेजा।
सरकारी स्कूलों में फर्नीचर लगवाने की बढ़ती मांग को देखकर शासन से सरकारी विद्यालयों में ग्राम पंचायत की धनराशि से फर्नीचर लगवाने की अनुमति मिली। इस संबंध में शासनादेश भी जारी हो चुका है। शासनादेश मेें स्पष्ट किया है कि सरकारी विद्यालय ग्राम पंचायत की संपत्ति है। इसमें टूट-फूटी, मरम्मत, रंग-पुताई के अलावा फर्नीचर भी लगवाया जा सकता है। शासनादेश जारी होते ही प्रशासनिक अफसर हरकत में आए गए हैं। मामले को गंभीरता से लेकर सीडीओ चांदनी सिंह ने अवर अभियंताओं को सरकारी विद्यालयों में लगने वाले फर्नीचर का स्टीमेंट बनाने के निर्देश दिए है। साथ ही लापरवाही पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी है। बीडीओ प्रेमचंद ने कहा शासनादेश जारी हो चुका है। ग्राम प्रधानों, सचिवों व अवर अभियंताओं को शासनादेश से अवगत कराया जा चुका है। सीडीओ चांदनी सिंह ने इस संबंध में क्षेत्र के शिकोहपुर गांव के प्राथमिक विद्यालय में लगने वाले फर्नीचर के लिए अवर अभियंता विपिन त्यागी को स्टीमेट बनाने के निर्देश दिए हैं।
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सरकारी विद्यालयों मेें फर्नीचर लगवाने की अमर उजाला की मुहिम अब परवान चढ़ने लगी है। शासनादेश जारी होते ही प्रशासनिक अफसर हरकत मेें आए गए हैं। मामले को गंभीरता से लेकर सीडीओ ने अवर अभियंताओं को स्टीमेट बनाने के निर्देश दिए। साथ ही लापरवाही बरतने पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी।
उल्लेखनीय है कि अमर उजाला ने सरकारी विद्यालयों मेें बच्चों के लिए फर्नीचर लगवाने की मांग को प्रमुखता से प्रकाशित किया । अमर उजाला द्वारा चलाएं जा रहे इस मुद्दे को व्यापक रूप देने के लिए गुराना गांव मेें कुछ दिन पूर्व हुई पंचायत में सहमति देकर कमेठी गठित की। कमेटी को गांव-गांव जाकर अभिभावकों और ग्रामीणों को सरकारी विद्यालयों में फर्नीचर लगवाने के लिए जागरूक करने की जिम्मेदारी सौंपी। बाद मेें कमेटी के सदस्यों ने सैकड़ों अभिभावकों के हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन प्रदेश के मुख्यमंत्री सहित विभागीय अफसरों को फैक्स भेजा।
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सरकारी स्कूलों में फर्नीचर लगवाने की बढ़ती मांग को देखकर शासन से सरकारी विद्यालयों में ग्राम पंचायत की धनराशि से फर्नीचर लगवाने की अनुमति मिली। इस संबंध में शासनादेश भी जारी हो चुका है। शासनादेश मेें स्पष्ट किया है कि सरकारी विद्यालय ग्राम पंचायत की संपत्ति है। इसमें टूट-फूटी, मरम्मत, रंग-पुताई के अलावा फर्नीचर भी लगवाया जा सकता है। शासनादेश जारी होते ही प्रशासनिक अफसर हरकत में आए गए हैं। मामले को गंभीरता से लेकर सीडीओ चांदनी सिंह ने अवर अभियंताओं को सरकारी विद्यालयों में लगने वाले फर्नीचर का स्टीमेंट बनाने के निर्देश दिए है। साथ ही लापरवाही पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी है। बीडीओ प्रेमचंद ने कहा शासनादेश जारी हो चुका है। ग्राम प्रधानों, सचिवों व अवर अभियंताओं को शासनादेश से अवगत कराया जा चुका है। सीडीओ चांदनी सिंह ने इस संबंध में क्षेत्र के शिकोहपुर गांव के प्राथमिक विद्यालय में लगने वाले फर्नीचर के लिए अवर अभियंता विपिन त्यागी को स्टीमेट बनाने के निर्देश दिए हैं।
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