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50 हजार पशुओं का होगा कृत्रिम गर्भाधान
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गोकुल मिशन के तहत जिले को दिया गया लक्ष्य
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। शासन की ओर से गोकुल मिशन योजना के तहत जनपद के 245 गांवों के 50 हजार पशुओं का निशुल्क कृत्रिम गर्भाधान का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पशु पालन विभाग ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है।
सरकार की ओर से दुग्ध उत्पादन क्षमता को बढ़ाने के लिए और अच्छी नस्ल के देशी पशुओं की संख्या में इजाफा के लिए गोकुल मिशन योजना की शुरूआत की है। इस योजना के तहत सरकार ने वर्ष 2020-2021 में जनपद के 245 गांवों के 50 हजार पशुओं के कृत्रिम गर्भाधान का लक्ष्य निर्धारित किया है। जनपद में यह प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। गांवों के चयन के बाद कर्मचारियों की तैनाती कर निशुल्क गर्भाधान कराया जाएगा। इस कार्य के लिए हर कर्मचारी को गांव का आवंटन किया जाएगा। गांव में कर्मचारी मोबाइल नंबर को जगह-जगह चस्पा किया जाएगा।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा खुशी राम का कहना है कि गांवों को चयनित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके बाद उस गांव में कर्मचारियों की तैनाती कर गर्भाधान के कार्य को संपन्न कराया जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। शासन की ओर से गोकुल मिशन योजना के तहत जनपद के 245 गांवों के 50 हजार पशुओं का निशुल्क कृत्रिम गर्भाधान का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पशु पालन विभाग ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है।
सरकार की ओर से दुग्ध उत्पादन क्षमता को बढ़ाने के लिए और अच्छी नस्ल के देशी पशुओं की संख्या में इजाफा के लिए गोकुल मिशन योजना की शुरूआत की है। इस योजना के तहत सरकार ने वर्ष 2020-2021 में जनपद के 245 गांवों के 50 हजार पशुओं के कृत्रिम गर्भाधान का लक्ष्य निर्धारित किया है। जनपद में यह प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। गांवों के चयन के बाद कर्मचारियों की तैनाती कर निशुल्क गर्भाधान कराया जाएगा। इस कार्य के लिए हर कर्मचारी को गांव का आवंटन किया जाएगा। गांव में कर्मचारी मोबाइल नंबर को जगह-जगह चस्पा किया जाएगा।
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मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा खुशी राम का कहना है कि गांवों को चयनित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके बाद उस गांव में कर्मचारियों की तैनाती कर गर्भाधान के कार्य को संपन्न कराया जाएगा।
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