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टीबी के 2662 मरीज पर 45 लाख खर्च
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मरीज तलाश करने में बागपत का प्रदेश में छठा व उपचार करने में पांचवां स्थान
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत जिले में 2662 टीबी के मरीज मिले थे। इन मरीजों पर 31 दिसंबर तक भरण पोषण के लिए 45 लाख 65 हजार 500 रुपये खर्च किए जा चुके है। टीबी के मरीजों को उपचार उपलब्ध कराने में जिले का प्रदेश में पांचवां स्थान है, जबकि मरीजों को तलाश करने में छठा स्थान रहा है।
सीएमओ डॉ दिनेश कुमार और जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ यशवीर सिंह ने मंगलवार को पत्रकार वार्ता में बताया कि जिले को वित्त वर्ष 2020-21 में तीन हजार मरीजों को चिह्नित कर उपचार कराने का लक्ष्य मिला था। विभाग ने लक्ष्य के सापेक्ष सर्वे कर 2662 लोगों की पहचान कर उपचार दिलाया। इनमें से 1419 लोगों का छह माह का उपचार पूरा हो चुका है। विभाग की ओर से टीबी के मरीजों को पांच सौ रुपये प्रतिमाह के हिसाब से छह माह तक भरण पोषण के लिए दिया जाता है। वित्त वर्ष में टीबी के मरीजों को 45,65,500 रुपये का डीबीटी के माध्यम से भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि नौ जनवरी तक आईकॉनिक वीक ऑफ हेल्थ मनाया जा रहा है। इसमें स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्कूल कालेजों में छात्र-छात्राओं को और ग्रामीण स्तर पर बैठक और नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को टीबी के प्रति जागरूक किया जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत जिले में 2662 टीबी के मरीज मिले थे। इन मरीजों पर 31 दिसंबर तक भरण पोषण के लिए 45 लाख 65 हजार 500 रुपये खर्च किए जा चुके है। टीबी के मरीजों को उपचार उपलब्ध कराने में जिले का प्रदेश में पांचवां स्थान है, जबकि मरीजों को तलाश करने में छठा स्थान रहा है।
सीएमओ डॉ दिनेश कुमार और जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ यशवीर सिंह ने मंगलवार को पत्रकार वार्ता में बताया कि जिले को वित्त वर्ष 2020-21 में तीन हजार मरीजों को चिह्नित कर उपचार कराने का लक्ष्य मिला था। विभाग ने लक्ष्य के सापेक्ष सर्वे कर 2662 लोगों की पहचान कर उपचार दिलाया। इनमें से 1419 लोगों का छह माह का उपचार पूरा हो चुका है। विभाग की ओर से टीबी के मरीजों को पांच सौ रुपये प्रतिमाह के हिसाब से छह माह तक भरण पोषण के लिए दिया जाता है। वित्त वर्ष में टीबी के मरीजों को 45,65,500 रुपये का डीबीटी के माध्यम से भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि नौ जनवरी तक आईकॉनिक वीक ऑफ हेल्थ मनाया जा रहा है। इसमें स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्कूल कालेजों में छात्र-छात्राओं को और ग्रामीण स्तर पर बैठक और नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को टीबी के प्रति जागरूक किया जाएगा।
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