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आर्य समाज बड़ौत की संपति को लेकर बखेड़ा
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बागपत। आर्य समाज, बड़ौत की संपत्ति को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। आर्य प्रतिनिधि सभा लखनऊ से नियुक्त किए गए प्रशासक अमित खोखर और पूर्व कार्यकारिणी के पदाधिकारी आमने-सामने आ गए हैं। दोनों पक्षों ने एएसपी को प्रार्थना पत्र देकर एक-दूसरे पर संपत्ति कब्जाने का आरोप लगाया। एएसपी ने निष्पक्ष जांच कराकर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
बृहस्पतिवार को दोनों पक्षों के लोग एएसपी राजेश कुमार श्रीवास्तव से मिले। पूर्व कार्यकारिणी के पदाधिकारियों ने एएसपी को बताया कि 1975 में आर्य समाज, बड़ौत की स्थापना की। चौधरान पट्टी बड़ौत के किसानों ने अपनी जमीन दान देकर एवं धन एकत्रित कर आर्य समाज की संस्थाओं के भवनों का निर्माण कराया। स्वर्गीय चौधरी माधव सिंह ने 1940 में बनी आर्य प्रतिनिधि सभा लखनऊ से इसे जोड़ दिया। वर्तमान में आर्य प्रतिनिधि सभा के धीरज सिंह कार्यवाहक अध्यक्ष हैं। उन्होंने गलत तरीके से आर्य समाज की सदस्यता ग्रहण की। जिस पर उनके खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं। आरोप लगाया कि आर्य समाज में अवैध कब्जा करने के प्रयास किए। ढ़िकौली, बागपत, टटीरी, लूंब, बड़ौत, आदर्श नंगला में प्रशासक नियुक्त कर धन की मांग की जा रही है। आरोप लगाया कि षड्यंत्र के तहत अमित खोखर को प्रशासक नियुक्त किया है। उन्होंने एएसपी से कार्रवाई करने की मांग की।
वहीं आर्य प्रतिनिधि सभा लखनऊ से नियुक्त किए गए आर्य समाज बड़ौत के प्रशासक डॉ. अमित खोखर ने बताया कि पांच जनवरी को आर्य प्रतिनिधि सभा ने आर्य समाज बड़ौत की अंतरंग सभा को अनियमितताओं एवं आर्य प्रतिनिधि सभा लखनऊ के विरुद्ध कार्य करने के कारण भंग करके उन्हें प्रशासक नियुक्त किया। 16 जनवरी को आर्य समाज, बड़ौत के पूर्व मंत्री डॉ. ओमवीर सिंह ने आर्य समाज की सभी संस्थानों का चार्ज देकर एवं सभी संस्थानों के बैंक खातों में उनके हस्ताक्षर प्रमाणित करा दिए, लेकिन कुछ व्यक्ति आर्य समाज, बड़ौत के विरुद्ध कार्य कर रहे हैं। प्रशासक के कार्य में बाधा पहुंचा रहे हैं। इससे कार्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कार्रवाई की मांग की। एएसपी राजेश कुमार श्रीवास्तव ने निष्पक्ष जांच कराकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस मौके पर सतपाल पथौलिया, धर्मपाल सिंह, हरपाल सिंह, अंगिरस मुनि, डॉ. ओमवीर सिंह, गौरव, हरबीर, सहदेव सिंह, प्रधानाचार्य सुशील कुमार आदि रहे।
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बृहस्पतिवार को दोनों पक्षों के लोग एएसपी राजेश कुमार श्रीवास्तव से मिले। पूर्व कार्यकारिणी के पदाधिकारियों ने एएसपी को बताया कि 1975 में आर्य समाज, बड़ौत की स्थापना की। चौधरान पट्टी बड़ौत के किसानों ने अपनी जमीन दान देकर एवं धन एकत्रित कर आर्य समाज की संस्थाओं के भवनों का निर्माण कराया। स्वर्गीय चौधरी माधव सिंह ने 1940 में बनी आर्य प्रतिनिधि सभा लखनऊ से इसे जोड़ दिया। वर्तमान में आर्य प्रतिनिधि सभा के धीरज सिंह कार्यवाहक अध्यक्ष हैं। उन्होंने गलत तरीके से आर्य समाज की सदस्यता ग्रहण की। जिस पर उनके खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं। आरोप लगाया कि आर्य समाज में अवैध कब्जा करने के प्रयास किए। ढ़िकौली, बागपत, टटीरी, लूंब, बड़ौत, आदर्श नंगला में प्रशासक नियुक्त कर धन की मांग की जा रही है। आरोप लगाया कि षड्यंत्र के तहत अमित खोखर को प्रशासक नियुक्त किया है। उन्होंने एएसपी से कार्रवाई करने की मांग की।
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वहीं आर्य प्रतिनिधि सभा लखनऊ से नियुक्त किए गए आर्य समाज बड़ौत के प्रशासक डॉ. अमित खोखर ने बताया कि पांच जनवरी को आर्य प्रतिनिधि सभा ने आर्य समाज बड़ौत की अंतरंग सभा को अनियमितताओं एवं आर्य प्रतिनिधि सभा लखनऊ के विरुद्ध कार्य करने के कारण भंग करके उन्हें प्रशासक नियुक्त किया। 16 जनवरी को आर्य समाज, बड़ौत के पूर्व मंत्री डॉ. ओमवीर सिंह ने आर्य समाज की सभी संस्थानों का चार्ज देकर एवं सभी संस्थानों के बैंक खातों में उनके हस्ताक्षर प्रमाणित करा दिए, लेकिन कुछ व्यक्ति आर्य समाज, बड़ौत के विरुद्ध कार्य कर रहे हैं। प्रशासक के कार्य में बाधा पहुंचा रहे हैं। इससे कार्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कार्रवाई की मांग की। एएसपी राजेश कुमार श्रीवास्तव ने निष्पक्ष जांच कराकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस मौके पर सतपाल पथौलिया, धर्मपाल सिंह, हरपाल सिंह, अंगिरस मुनि, डॉ. ओमवीर सिंह, गौरव, हरबीर, सहदेव सिंह, प्रधानाचार्य सुशील कुमार आदि रहे।
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