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सीबीआई जांच के लिए जारी रहेगी भूख हड़ताल
Updated Thu, 20 Sep 2018 01:08 AM IST
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बागपत। खेकड़ा नगर पालिका की पूर्व चेयरमैन नीलम धामा के देवर पुष्पेंद्र और उसके दोस्त बाशिद की हत्या में डासना जेल में बंद आरोपी कर्मवीर को पुलिस न्यायालय में पेशी पर लेकर आई। आरोपी ने कहा कि दोहरे हत्याकांड में उन्हें झूठा फंसाया है। मामले की जब तक सीबीआई से जांच नहीं कराई जाती, तब तक उसकी भूख हड़ताल जारी रहेगी। वहीं खेकड़ा में कर्मवीर की पत्नी ने एक दिवसीय कर्मिक अनशन किया।
खेकड़ा कस्बे में 19 फरवरी 2017 को पूर्व चेयरमैन नीलम धामा के देवर पुष्पेंद्र और बाशिद की बाइक सवार बदमाशों ने गोलियों से भूनकर हत्या की। इस मामले में रोहताश, कर्मवीर, राम कुमार, सहदेव, जयवीर, रोहन, प्रवेंद्र के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया । पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा। छह आरोपी बागपत जेल में बंद है। जबकि कर्मवीर गाजियाबाद जनपद की डासना जेल में बंद है। कर्मवीर ने 13 सितंबर को मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग को लेकर डासना जेल में भूख हड़ताल शुरू कर थी, जो अभी तक जारी है। बुधवार को डासना जेल से पुलिस कर्मवीर को न्यायालय में पेश पर लेकर आई। इस दौरान कर्मवीर ने पत्रकारों को बताया कि सातों लोगों को निर्दोष फंसाया है। मानव आयोग ने केस की सीबीसीआईडी से जांच कराई। इससे वे संतुष्ट नहीं है। मामले की सीबीआई से जांच कराई जाए। जब कि उनकी मांग पूरी नहीं होती, उनकी भूख हड़ताल जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि वे नाकों टेस्ट के लिए भी तैयार है। वहीं खेकड़ा कस्बे में कर्मवीर की पत्नी बबीता ने भी एक दिवसीय कर्मिक अनशन किया। उन्होंने कहा कि उनके परिवार के सात लोगों को रंजिश हत्या के मामले में फंसाया गया है।
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खेकड़ा कस्बे में 19 फरवरी 2017 को पूर्व चेयरमैन नीलम धामा के देवर पुष्पेंद्र और बाशिद की बाइक सवार बदमाशों ने गोलियों से भूनकर हत्या की। इस मामले में रोहताश, कर्मवीर, राम कुमार, सहदेव, जयवीर, रोहन, प्रवेंद्र के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया । पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा। छह आरोपी बागपत जेल में बंद है। जबकि कर्मवीर गाजियाबाद जनपद की डासना जेल में बंद है। कर्मवीर ने 13 सितंबर को मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग को लेकर डासना जेल में भूख हड़ताल शुरू कर थी, जो अभी तक जारी है। बुधवार को डासना जेल से पुलिस कर्मवीर को न्यायालय में पेश पर लेकर आई। इस दौरान कर्मवीर ने पत्रकारों को बताया कि सातों लोगों को निर्दोष फंसाया है। मानव आयोग ने केस की सीबीसीआईडी से जांच कराई। इससे वे संतुष्ट नहीं है। मामले की सीबीआई से जांच कराई जाए। जब कि उनकी मांग पूरी नहीं होती, उनकी भूख हड़ताल जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि वे नाकों टेस्ट के लिए भी तैयार है। वहीं खेकड़ा कस्बे में कर्मवीर की पत्नी बबीता ने भी एक दिवसीय कर्मिक अनशन किया। उन्होंने कहा कि उनके परिवार के सात लोगों को रंजिश हत्या के मामले में फंसाया गया है।
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