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भुगतान के लिएदफ्तर का चक्कर काट रहा है ठेकेदार
Updated Sun, 08 Jul 2018 01:20 AM IST
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बड़ौत (बागपत)।
दिल्ली-सहारनपुर हाईवे स्थित ट्रांसमिशन विभाग में तीन साल पहले निगम के अफसरों के निर्देश पर लगाएं गए पांच एसी के भुगतान के लिए ठेकेदार बिजली दफ्तर के चक्कर काटने को मजबूर है, लेकिन शिकायतों के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है। पीड़ित ठेकेदार ने इसकी शिकायत सीएम से करने की बात कहीं।
पीड़ित ठेकेदार अशोक आजाद नगर कॉलोनी का रहने वाला है। उसने बताया कि वर्ष 2015 में ट्रांसमिशन विभाग के अधिशासी अभियंता पूर्णचंद के निर्देश पर कार्यालय में पांच एसी लगाएं थे। इनकी कीमत करीबन 2.30 लाख है। काफी मिन्नते के बाद अधिशासी अभियंता ने एक लाख का भुगतान को कराया, लेकिन अभी भी एक लाख 30 हजार रुपये बकाया है। इसके लिए निगम के अफसरों के दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
पीड़ित ठेकेदार अशोक ने कहा यदि जल्द ही उनका भुगतान नहीं कराया तो वे सीएम योगी आदित्यनाथ योगी से इसकी शिकायत करेंगे। इस संबंध में अधिशासी अभियंता पूर्णचंद ने कहा अभी ठेकेदार का कुछ कार्य अधर में लटका हुआ है, जैसे ही कार्य पूरा होगा, उसका भुगतान करा दिया जाएगा।
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जांच की मांग की
बड़ौत। मुख्य शिकायत केंद्र से अवैध वसूली की शिकायत पर हटाएं गए एक संविदा कर्मचारी ने निगम के अफसरों से अवैध वसूली के प्रकरण की जांच करने की मांग की।
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दिल्ली-सहारनपुर हाईवे स्थित ट्रांसमिशन विभाग में तीन साल पहले निगम के अफसरों के निर्देश पर लगाएं गए पांच एसी के भुगतान के लिए ठेकेदार बिजली दफ्तर के चक्कर काटने को मजबूर है, लेकिन शिकायतों के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है। पीड़ित ठेकेदार ने इसकी शिकायत सीएम से करने की बात कहीं।
पीड़ित ठेकेदार अशोक आजाद नगर कॉलोनी का रहने वाला है। उसने बताया कि वर्ष 2015 में ट्रांसमिशन विभाग के अधिशासी अभियंता पूर्णचंद के निर्देश पर कार्यालय में पांच एसी लगाएं थे। इनकी कीमत करीबन 2.30 लाख है। काफी मिन्नते के बाद अधिशासी अभियंता ने एक लाख का भुगतान को कराया, लेकिन अभी भी एक लाख 30 हजार रुपये बकाया है। इसके लिए निगम के अफसरों के दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
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पीड़ित ठेकेदार अशोक ने कहा यदि जल्द ही उनका भुगतान नहीं कराया तो वे सीएम योगी आदित्यनाथ योगी से इसकी शिकायत करेंगे। इस संबंध में अधिशासी अभियंता पूर्णचंद ने कहा अभी ठेकेदार का कुछ कार्य अधर में लटका हुआ है, जैसे ही कार्य पूरा होगा, उसका भुगतान करा दिया जाएगा।
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जांच की मांग की
बड़ौत। मुख्य शिकायत केंद्र से अवैध वसूली की शिकायत पर हटाएं गए एक संविदा कर्मचारी ने निगम के अफसरों से अवैध वसूली के प्रकरण की जांच करने की मांग की।