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जनप्रतिनिधियों की निधि से नहीं हुआ कोई कार्य- राठी
Updated Thu, 26 Apr 2018 01:12 AM IST
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बड़ौत (बागपत)
पूर्व विधायक और रालोद के किसान प्रकोष्ठ के वेस्ट यूपी के अध्यक्ष वीरपाल राठी ने कहा जनपद के जनप्रतिनिधियों द्वारा विकास कार्य नहीं कराने के कारण जनपद बागपत 72वें पायदान पर पहुंच गया है। दूसरी ओर रमाला मिल का विस्तारीकरण भी अधर मेें लटकने की आशंका है, क्योंकि चीनी मिल के पास पैसा नहीं है।
पूर्व विधायक पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। रालोद नेता ने कहा कि 2017 से पहले जिले में विकास की रफ्तार बढ़ रही थी। उन्होंने कहा अब जनप्रतिनिधियों का एक भी विकास कार्यों प्रस्ताव उनकी निधि से पास नहीं हुआ है, कोई सड़क भी नहीं बनी है, इसलिए विकास कार्यों में पिछड़ने के कारण जिला बागपत 72वें पायदान पर पहुंच गया है। उन्होंने दावा है कि वर्ष 2017-18 मेें एक भी पैसा जनप्रतिनिधियों को नहीं मिला। उन्होंने दावा किया कि हमारे प्रस्ताव पर बड़ौत-बुढाना मार्ग विश्व बैंक से चौड़ीकरण का प्रस्ताव गया था, लेकिन इसकेे बाद दस मीटर चौड़ीकरण का प्रस्ताव भेजा, इसका पैसा रोक लिया गया, इसके अलावा देहात क्षेत्र में किशनपुर- बराल, पुसार- टांडा मार्ग का चौड़ीकरण का प्रस्ताव गया था, इनके रुपये नहीं मिले।
उन्होंने कहा वर्तमान जनप्रतिनिधियों के प्रस्ताव पर एक सड़क बनाई हो तो जनप्रतिनिधि सार्वजनिक रुप से बताएं। उन्होंने बताया कि सांसद महोदय चार साल से क्षेत्र के लोगों को छपरौली पुल और रेलवे का दोहरीकरण का सपना दिखा रहे हैं । उन्होंने कहा विद्युत की वृद्धि पर जनप्रतिनिधि कुछ नहीं बोल रहे हैं, गन्ने का बकाया गन्ना भुगतान भी नहीं दिलाया जा रहा है और मिल मालिक मुनाफा कमा रहे है, मिलों में रिकवरी छह प्रतिशत है, इसकेे हिसाब से गन्ने का 500 क्विंटल के हिसाब से गन्ने का भाव मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि रमाला मिल के विस्तारीकरण के लिए 311 करोड़ का स्टीमेट बना है। प्रदेश सरकार ने इसमें भी आपत्ति जता दी है कि इसकी आधी धनराशि मिल देगा, लेकिन मिल के पास पैसा देने को नहीं है तो यह कार्य भी अधर में लटकता नजर आ रहा है। उन्होंने कहा विकास कार्य नहीं होने के कारण जिले विकास के मामले में 72वें पायदान पर पहुंच गया है।
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पूर्व विधायक और रालोद के किसान प्रकोष्ठ के वेस्ट यूपी के अध्यक्ष वीरपाल राठी ने कहा जनपद के जनप्रतिनिधियों द्वारा विकास कार्य नहीं कराने के कारण जनपद बागपत 72वें पायदान पर पहुंच गया है। दूसरी ओर रमाला मिल का विस्तारीकरण भी अधर मेें लटकने की आशंका है, क्योंकि चीनी मिल के पास पैसा नहीं है।
पूर्व विधायक पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। रालोद नेता ने कहा कि 2017 से पहले जिले में विकास की रफ्तार बढ़ रही थी। उन्होंने कहा अब जनप्रतिनिधियों का एक भी विकास कार्यों प्रस्ताव उनकी निधि से पास नहीं हुआ है, कोई सड़क भी नहीं बनी है, इसलिए विकास कार्यों में पिछड़ने के कारण जिला बागपत 72वें पायदान पर पहुंच गया है। उन्होंने दावा है कि वर्ष 2017-18 मेें एक भी पैसा जनप्रतिनिधियों को नहीं मिला। उन्होंने दावा किया कि हमारे प्रस्ताव पर बड़ौत-बुढाना मार्ग विश्व बैंक से चौड़ीकरण का प्रस्ताव गया था, लेकिन इसकेे बाद दस मीटर चौड़ीकरण का प्रस्ताव भेजा, इसका पैसा रोक लिया गया, इसके अलावा देहात क्षेत्र में किशनपुर- बराल, पुसार- टांडा मार्ग का चौड़ीकरण का प्रस्ताव गया था, इनके रुपये नहीं मिले।
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उन्होंने कहा वर्तमान जनप्रतिनिधियों के प्रस्ताव पर एक सड़क बनाई हो तो जनप्रतिनिधि सार्वजनिक रुप से बताएं। उन्होंने बताया कि सांसद महोदय चार साल से क्षेत्र के लोगों को छपरौली पुल और रेलवे का दोहरीकरण का सपना दिखा रहे हैं । उन्होंने कहा विद्युत की वृद्धि पर जनप्रतिनिधि कुछ नहीं बोल रहे हैं, गन्ने का बकाया गन्ना भुगतान भी नहीं दिलाया जा रहा है और मिल मालिक मुनाफा कमा रहे है, मिलों में रिकवरी छह प्रतिशत है, इसकेे हिसाब से गन्ने का 500 क्विंटल के हिसाब से गन्ने का भाव मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि रमाला मिल के विस्तारीकरण के लिए 311 करोड़ का स्टीमेट बना है। प्रदेश सरकार ने इसमें भी आपत्ति जता दी है कि इसकी आधी धनराशि मिल देगा, लेकिन मिल के पास पैसा देने को नहीं है तो यह कार्य भी अधर में लटकता नजर आ रहा है। उन्होंने कहा विकास कार्य नहीं होने के कारण जिले विकास के मामले में 72वें पायदान पर पहुंच गया है।
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