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इतिहास को भूलने की नहीं समेटने की जरूरत
Updated Fri, 03 Nov 2017 12:58 AM IST
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बागपत। एसपीआरसी डिग्री कॉलेज में इतिहास दिवस पर गोष्ठी हुई। इसमें वक्ताओं ने देश के इतिहास और संस्कृति की जानकारी दी। वक्ताओं ने कहा कि हर व्यक्ति को देश के इतिहास को जानना चाहिए।
बृहस्पतिवार को कॉलेज परिसर स्थित डॉ. कालूराम प्रेक्षागृह में गोष्ठी का आयोजन किया । इसमें मुख्य अतिथि दर्शन लाल अरोरा ने कहा इतिहास विषय पर गोष्ठी से देश और समाज को नई दिशा मिलती है। इसकी जानकारी हर छात्र-छात्राओं को रहनी चाहिए। देश का इतिहास और संस्कृति सबसे प्राचीन है। डॉ. बाल मुकुंद पांडेय ने कहा कि भारतीय इतिहास के वास्तविक पक्षों को नकार कर सुनियोजित षड्यंत्र के तहत भ्रामक एवं गलत इतिहास देश के सामने प्रस्तुत किया गया है। इसका खामियाजा राष्ट्र भुगत रहा है। इतिहास एवं हिस्ट्री, नेशन और राष्ट्र में अंतर समझना आवश्यक है। स्वयं को अपने आसपास के स्थानीय इतिहास की जानकारी प्रत्येक व्यक्ति और समाज को जानना आवश्यक है। मध्य कालीन भारतीय इतिहास संघर्ष का रहा है न कि पराजय का। भारत के संघर्षशील और गौरवशाली इतिहास को जानना आवश्यक है। छात्रों को इस पर गहनता से कार्य करना चाहिए। संचालन डॉ. कुलदीप त्यागी ने किया। इसमें समिति अध्यक्ष सत्यपाल चौहान, मैनेजर सुरेंद्र चौहान, प्राचार्य डॉ. अनिल चौहान, रामपाल नेहरा एडवोकेट, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. विद्योत्तमा, डॉ. राजलक्ष्मी, डॉ. अरविंद वर्मा, डॉ बबली चौहान, डॉ. राजीव, तरुण, संजय आदि रहे।
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बृहस्पतिवार को कॉलेज परिसर स्थित डॉ. कालूराम प्रेक्षागृह में गोष्ठी का आयोजन किया । इसमें मुख्य अतिथि दर्शन लाल अरोरा ने कहा इतिहास विषय पर गोष्ठी से देश और समाज को नई दिशा मिलती है। इसकी जानकारी हर छात्र-छात्राओं को रहनी चाहिए। देश का इतिहास और संस्कृति सबसे प्राचीन है। डॉ. बाल मुकुंद पांडेय ने कहा कि भारतीय इतिहास के वास्तविक पक्षों को नकार कर सुनियोजित षड्यंत्र के तहत भ्रामक एवं गलत इतिहास देश के सामने प्रस्तुत किया गया है। इसका खामियाजा राष्ट्र भुगत रहा है। इतिहास एवं हिस्ट्री, नेशन और राष्ट्र में अंतर समझना आवश्यक है। स्वयं को अपने आसपास के स्थानीय इतिहास की जानकारी प्रत्येक व्यक्ति और समाज को जानना आवश्यक है। मध्य कालीन भारतीय इतिहास संघर्ष का रहा है न कि पराजय का। भारत के संघर्षशील और गौरवशाली इतिहास को जानना आवश्यक है। छात्रों को इस पर गहनता से कार्य करना चाहिए। संचालन डॉ. कुलदीप त्यागी ने किया। इसमें समिति अध्यक्ष सत्यपाल चौहान, मैनेजर सुरेंद्र चौहान, प्राचार्य डॉ. अनिल चौहान, रामपाल नेहरा एडवोकेट, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. विद्योत्तमा, डॉ. राजलक्ष्मी, डॉ. अरविंद वर्मा, डॉ बबली चौहान, डॉ. राजीव, तरुण, संजय आदि रहे।
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