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बुखार का कहर : 20 दिन में 39 मौतें
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Sun, 20 Sep 2015 11:51 PM IST
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बागपत जिले में बुखार ने सितम ढा दिया है। बुखार की चपेट में आकर 20 दिन के अंदर 39 लोगों की जान जा चुकी है। अकेले हरचंदपुर गांव में नौ लोगों की मौत हो चुकी है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी दावा कर रहे हैं कि जनपद में बुखार से अभी तक एक भी मौत नहीं हुई है।
जनपद में इस माह लोगों की सेहत पर भारी पड़ रहा है। एक सितंबर को ही सरूरपुर गांव की किशोरी शिवानी की बुखार से मौत हो गई। इसके बाद बुखार की चपेट में आकर कई लोगों की जान चली गई। आए दिन किसी न किसी गांव में बुखार से लोगों की मौतें हो रही है।
एक-एक दिन में पांच-पांच लोगों की जान चली गई। 20 दिन के अंदर 39 लोगों की मौत हो गई। दहशत के चलते रिश्तेदारों ने जिले में आना बंद कर दिया। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग मौत के आंकड़ों को नजरअंदाज कर रहा है। जिले में यह स्थिति तब है, जबकि स्वास्थ्य विभाग के सर्वे में दस हजार से अधिक लोग बुखार से पीड़ित हैं। एमओ डॉक्टर रविंद्र कुमार मिश्र का कहना है कि जनपद में बुखार से कोई मौत नहीं हुई है। जिन लोगों की बुखार से मौत बताई जा रही है कि उनकी मौत दूसरे कारणों से हुई है।
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बुखार ने इन गांवों में सितम ढाया
जिले में अब तक बुखार की चपेट में आकर सरूरपुर गांव की शिवानी, एडीएम के पेशकार राजीव की पत्नी नम्रता देवी, सरूरपुर गांव के शाहरुख, खट्टा प्रहृलादपुर के निशांत, केतीपुरा मोहल्ला निवासी रफीकन, केतीपुरा मोहल्ला के गुलजार की सात वर्षीय बेटी आसमीन की मौत हो गई।
इसके अलावा खेकड़ा के पवन, खट्टा प्रहृलादपुर गांव की महिला सुरेश देवी, टांडा गांव के सतपाल की आठ वर्षीय बेटी आरती, बौड्ढा गांव के चंद्रभान की मौत हो चुकी है। इसके अलावा सिंघावली अहीर गांव के सराजुद्दीन, बौड्ढा गांव के महेंद्र सिंह, महिला बलदेई (65), महिला भरपाई और अकतरी की मौत हो चुकी है।
हरचंदपुर गांव में शाकिब, महिला जैनम, गांधी गांव की महिला केला देवी, खुर्शीदा, खट्टा प्रहृलादपुर गांव के युवक राजू की मौत हो चुकी है। रटौल गांव में बच्ची अनीसा, गांगनौली में चंद्रपाल, खेकड़ा निवासी मुस्कान की मौत हो गई। इसके अलावा हरचंदपुर, शेखपुरा, पिचौकरा, किरठल, सूप, अंगदपुर गांव और डौला गबऊ की में बुखार से लोगों की जानें जा चुकी है। इन गांवों में अभी तक कई लोग बुखार से पीड़ित हैं।
डौला में छात्रा की बुखार से मौत
अमीनगर सराय/अग्रवाल मंडी टटीरी। डौला निवासी तमूल की 13 वर्षीय बेटी गुलफशा, छह दिन से बुखार से पीड़ित थी। परिजनों ने पहले गांव के निजी चिकित्सक से उपचार कराया। हालत में सुधार न होने पर चिकित्सकों ने उसे मेरठ के लिए रेफर कर दिया।
मेरठ के निजी अस्पताल में उपचार के दौरान शनिवार देर रात उसकी हालत बिगड़ गई और कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई। रविवार को उसका शव गांव में पहुंचा। गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। इससे परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है।
शमशाद आदि ग्रामीणों का कहना है कि गांव में कई लोग बुखार से ग्रस्त हैं। शिकायत करने के बावजूद गांव में न हेल्थ कैंप लगाया गया और न ही फॉगिंग कराई गई। इस बारे में पिलाना सीएचसी अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह का कहना है कि बच्ची की मौत की जानकारी मिली है। गांव मेें चिकित्सकों की टीम भेजकर जांच कराई जाएगी।
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जनपद में इस माह लोगों की सेहत पर भारी पड़ रहा है। एक सितंबर को ही सरूरपुर गांव की किशोरी शिवानी की बुखार से मौत हो गई। इसके बाद बुखार की चपेट में आकर कई लोगों की जान चली गई। आए दिन किसी न किसी गांव में बुखार से लोगों की मौतें हो रही है।
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एक-एक दिन में पांच-पांच लोगों की जान चली गई। 20 दिन के अंदर 39 लोगों की मौत हो गई। दहशत के चलते रिश्तेदारों ने जिले में आना बंद कर दिया। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग मौत के आंकड़ों को नजरअंदाज कर रहा है। जिले में यह स्थिति तब है, जबकि स्वास्थ्य विभाग के सर्वे में दस हजार से अधिक लोग बुखार से पीड़ित हैं। एमओ डॉक्टर रविंद्र कुमार मिश्र का कहना है कि जनपद में बुखार से कोई मौत नहीं हुई है। जिन लोगों की बुखार से मौत बताई जा रही है कि उनकी मौत दूसरे कारणों से हुई है।
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बुखार ने इन गांवों में सितम ढाया
जिले में अब तक बुखार की चपेट में आकर सरूरपुर गांव की शिवानी, एडीएम के पेशकार राजीव की पत्नी नम्रता देवी, सरूरपुर गांव के शाहरुख, खट्टा प्रहृलादपुर के निशांत, केतीपुरा मोहल्ला निवासी रफीकन, केतीपुरा मोहल्ला के गुलजार की सात वर्षीय बेटी आसमीन की मौत हो गई।
इसके अलावा खेकड़ा के पवन, खट्टा प्रहृलादपुर गांव की महिला सुरेश देवी, टांडा गांव के सतपाल की आठ वर्षीय बेटी आरती, बौड्ढा गांव के चंद्रभान की मौत हो चुकी है। इसके अलावा सिंघावली अहीर गांव के सराजुद्दीन, बौड्ढा गांव के महेंद्र सिंह, महिला बलदेई (65), महिला भरपाई और अकतरी की मौत हो चुकी है।
हरचंदपुर गांव में शाकिब, महिला जैनम, गांधी गांव की महिला केला देवी, खुर्शीदा, खट्टा प्रहृलादपुर गांव के युवक राजू की मौत हो चुकी है। रटौल गांव में बच्ची अनीसा, गांगनौली में चंद्रपाल, खेकड़ा निवासी मुस्कान की मौत हो गई। इसके अलावा हरचंदपुर, शेखपुरा, पिचौकरा, किरठल, सूप, अंगदपुर गांव और डौला गबऊ की में बुखार से लोगों की जानें जा चुकी है। इन गांवों में अभी तक कई लोग बुखार से पीड़ित हैं।
डौला में छात्रा की बुखार से मौत
अमीनगर सराय/अग्रवाल मंडी टटीरी। डौला निवासी तमूल की 13 वर्षीय बेटी गुलफशा, छह दिन से बुखार से पीड़ित थी। परिजनों ने पहले गांव के निजी चिकित्सक से उपचार कराया। हालत में सुधार न होने पर चिकित्सकों ने उसे मेरठ के लिए रेफर कर दिया।
मेरठ के निजी अस्पताल में उपचार के दौरान शनिवार देर रात उसकी हालत बिगड़ गई और कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई। रविवार को उसका शव गांव में पहुंचा। गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। इससे परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है।
शमशाद आदि ग्रामीणों का कहना है कि गांव में कई लोग बुखार से ग्रस्त हैं। शिकायत करने के बावजूद गांव में न हेल्थ कैंप लगाया गया और न ही फॉगिंग कराई गई। इस बारे में पिलाना सीएचसी अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह का कहना है कि बच्ची की मौत की जानकारी मिली है। गांव मेें चिकित्सकों की टीम भेजकर जांच कराई जाएगी।