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3500 छात्रों की छात्रवृत्ति पर मंडराया संकट
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3500 छात्रों की छात्रवृत्ति पर मंडराया संकट
बागपत। छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना का लाभ पाने की उम्मीद लगाए बैठे हजारों विद्यार्थियों को जोर का झटका लगा है। डाटा मिलान नहीं होने के कारण इन छात्रों को छात्रवृत्ति से वंचित रहना पड़ सकता है। 3500 आवेदक संदिग्ध डाटा की श्रेणी में शामिल हैं। 20 जनवरी डाटा संशोधन करने की अंतिम तिथि है, जिस कारण विद्यार्थियों की परेशानी बढ़ गई है।
दशमेत्तर छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन होता है। डाटा फीड के बाद कागजात की जांच की जाती है। ऑनलाइन आवेदन के समय की गड़बड़ियों के कारण हजारों विद्यार्थियों के डाटा में अनियमितता मिल रही है। जिला समाज कल्याण अधिकारी विमल कुमार ढाका ने बताया कि एससी वर्ग के 5103 विद्यार्थियों ने छात्रवृत्ति के लिए आवेदन किया था। प्रमाण पत्र का मिलान नहीं हो पाने के कारण 1877 आवेदकों का डाटा लॉक कर दिया गया। इसके अलावा 1961 आवेदक संदेह के दायरे में हैं। इनकी जांच की जा रही है। सामान्य वर्ग में 2660 विद्यार्थियों ने आवेदन किया था। इनमें 861 का डाटा लॉक हो गया है। संदेह के दायरे में 1468 आवेदक हैं। विमल कुमार ढाका ने बताया कि जो आवेदक सही डाटा उपलब्ध करा रहे हैं, विभाग उनके आवेदन ठीक कर रहा है। छात्रवृत्ति के अब तक 131 आवेदन निरस्त हो चुके हैं। इनमें एससी वर्ग के 102 और सामान्य वर्ग के 29 आवेदन हैं।
क्या मिल रहीं खामियां
सरकार हर विद्यार्थी के डाटा की जांच कर रही है। नाम, आय, पिछले शैक्षणिक रिकॉर्ड, बैंक खाता नंबर में गड़बड़ी मिलने पर डाटा संदेह के दायरे में आ जाता है। इसकी जानकारी विद्यार्थी और शैक्षणिक संस्थान को ऑनलाइन दी जा रही है।
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इस तरह मिलती है छात्रवृत्ति
सामान्य वर्ग के परिवार की वार्षिक आय दो लाख रुपये और अनुसूचित जाति के परिवार की वार्षिक आय ढाई लाख रुपये तक होने पर विद्यार्थियों की फीस की भरपाई की जाती है। जिले में 138 शिक्षण संस्थान ऐसे हैं, जो प्रतिपूर्ति और छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करते हैं।
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बागपत। छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना का लाभ पाने की उम्मीद लगाए बैठे हजारों विद्यार्थियों को जोर का झटका लगा है। डाटा मिलान नहीं होने के कारण इन छात्रों को छात्रवृत्ति से वंचित रहना पड़ सकता है। 3500 आवेदक संदिग्ध डाटा की श्रेणी में शामिल हैं। 20 जनवरी डाटा संशोधन करने की अंतिम तिथि है, जिस कारण विद्यार्थियों की परेशानी बढ़ गई है।
दशमेत्तर छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन होता है। डाटा फीड के बाद कागजात की जांच की जाती है। ऑनलाइन आवेदन के समय की गड़बड़ियों के कारण हजारों विद्यार्थियों के डाटा में अनियमितता मिल रही है। जिला समाज कल्याण अधिकारी विमल कुमार ढाका ने बताया कि एससी वर्ग के 5103 विद्यार्थियों ने छात्रवृत्ति के लिए आवेदन किया था। प्रमाण पत्र का मिलान नहीं हो पाने के कारण 1877 आवेदकों का डाटा लॉक कर दिया गया। इसके अलावा 1961 आवेदक संदेह के दायरे में हैं। इनकी जांच की जा रही है। सामान्य वर्ग में 2660 विद्यार्थियों ने आवेदन किया था। इनमें 861 का डाटा लॉक हो गया है। संदेह के दायरे में 1468 आवेदक हैं। विमल कुमार ढाका ने बताया कि जो आवेदक सही डाटा उपलब्ध करा रहे हैं, विभाग उनके आवेदन ठीक कर रहा है। छात्रवृत्ति के अब तक 131 आवेदन निरस्त हो चुके हैं। इनमें एससी वर्ग के 102 और सामान्य वर्ग के 29 आवेदन हैं।
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क्या मिल रहीं खामियां
सरकार हर विद्यार्थी के डाटा की जांच कर रही है। नाम, आय, पिछले शैक्षणिक रिकॉर्ड, बैंक खाता नंबर में गड़बड़ी मिलने पर डाटा संदेह के दायरे में आ जाता है। इसकी जानकारी विद्यार्थी और शैक्षणिक संस्थान को ऑनलाइन दी जा रही है।
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इस तरह मिलती है छात्रवृत्ति
सामान्य वर्ग के परिवार की वार्षिक आय दो लाख रुपये और अनुसूचित जाति के परिवार की वार्षिक आय ढाई लाख रुपये तक होने पर विद्यार्थियों की फीस की भरपाई की जाती है। जिले में 138 शिक्षण संस्थान ऐसे हैं, जो प्रतिपूर्ति और छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करते हैं।