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मातृभाषा को कभी न भूलें : विवेकानंद सरस्वती
Updated Tue, 13 Nov 2018 12:56 AM IST
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दाहा (बागपत)। मुलसम गांव में चल रहे सामवेद पारायण यज्ञ का सोमवार को समापन हो गया। यज्ञ के ब्रह्मा स्वामी विवेकानंद सरस्वती रहे। उन्होंने कहा कि कभी भी अपनी मातृ भाषा को नहीं भूलना चाहिए। युवा पीढ़ी मातृ भाषा हिंदी को ही भूलती जा रही है। छपरौली विधायक सहेंद्र सिंह रमाला ने कहा कि बच्चों को संस्कार दिए जाने की जरूरत है।
सोमवार को यज्ञ का समापन हुआ। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा के नाम पर बच्चों को हिंदी, संस्कृत की जगह अंग्रेजी भाषा की तरफ ले जाया जा रहा है। जबकि हमें अपनी मातृ भाषा को कभी नहीं भूलना चाहिए। युवा पीढ़ी अपने मकसद से भटकती जा रही है। जिसे संस्कारवान बनाने की जरूरत है। नशा मनुष्य के पतन का कारण बनता है। समाज में अच्छी संगति सदा ही मनुष्य की उन्नति का कारण बनती है। विधायक सहेंद्र सिंह रमाला ने कार्यक्रम की सराहना की। इस दौरान मा. आंनद छिल्लर, ब्रह्मचारी आर्य, सोहनपाल, रूकमपाल यादव, कृष्णपाल, सुभाष, हरेंद्र, मनोज कुमार, डॉ. करुण भारद्वाज, सतपाल आर्य, विक्रम, संजीव कुमार आदि मौजूद रहे।
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सोमवार को यज्ञ का समापन हुआ। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा के नाम पर बच्चों को हिंदी, संस्कृत की जगह अंग्रेजी भाषा की तरफ ले जाया जा रहा है। जबकि हमें अपनी मातृ भाषा को कभी नहीं भूलना चाहिए। युवा पीढ़ी अपने मकसद से भटकती जा रही है। जिसे संस्कारवान बनाने की जरूरत है। नशा मनुष्य के पतन का कारण बनता है। समाज में अच्छी संगति सदा ही मनुष्य की उन्नति का कारण बनती है। विधायक सहेंद्र सिंह रमाला ने कार्यक्रम की सराहना की। इस दौरान मा. आंनद छिल्लर, ब्रह्मचारी आर्य, सोहनपाल, रूकमपाल यादव, कृष्णपाल, सुभाष, हरेंद्र, मनोज कुमार, डॉ. करुण भारद्वाज, सतपाल आर्य, विक्रम, संजीव कुमार आदि मौजूद रहे।
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