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नौरोजपुर में दहशत, तीन बच्चों की मौत की जांच शुरू
Updated Fri, 14 Sep 2018 01:00 AM IST
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बागपत। पिछले दस दिन में तीन बच्चों की बीमारी से मौत के बाद नौरोजपुर गुर्जर गांव में दहशत का माहौल बन गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में कैंप लगाया। ग्रामीणों ने गल घोंटू से बीमारी की आशंका जताई है। विश्व स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर बीमारी की जांच की। बच्चों के रक्त के नमूने लिए।
बीमारी से दहशत का यह मामला नौराजपुर गुर्जर गांव का है। पिछले 10 दिन में गौरव (07), आशु (10) और नाजमा (05) की मौत हो चुकी है। ग्रामीणों ने बताया कि बच्चों को पहले बुखार आता है, इसके बाद गले में सूजन आनी शुरू हो जाती है। हल्का-हल्का दर्द महसूस होता है। बच्चों ने सांस लेने में शिकायत की। परिजन उपचार के लिए प्राइवेट डॉक्टर के यहां लेकर पहुंचे, लेकिन बच्चों की मौत हो गई। इससे ग्रामीणों में दहशत बन गई। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग को जानकारी दी। इसके बाद गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने डेरा डाल लिया है।
सीएमओ डॉ. सुषमा चंद्रा का कहना है कि जिन बच्चों की मौत की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को दी गई है, उनके परिजनों ने किसी भी सरकारी अस्पताल में उपचार नहीं कराया है। जानकारी मिली है कि झोलाछाप डॉक्टरों से दवाई लेकर इलाज कराते रहे। प्राथमिक आधार पर किसी बड़ी बीमारी के लक्षण नजर नहीं आ रहे हैं, स्वास्थ्य विभाग की टीम कैंप कर रही है। तीन लोगों के रक्त के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए है। कैंप लगाकर उपचार निरंतर चल रहा, कीटनाशक स्प्रे, कलोरिन की दवा बांटी जा चुकी है।
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प्रतिरक्षण अधिकारी एसीएमओ डॉ. नीरज त्यागी ने बताया बच्चों की मौत के बाद जांच पड़ताल कराई गई है। नमूने जांच के लिए भेजे हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जाएगा की बच्चों की मौत किस वजह से हुई है। ग्राम प्रधान ओमप्रकाश ने बताया कि गांव में कीटनाशक का छिड़काव कराया है। तालाब की गंदगी के बारे में प्रशासन को संसाधन के लिए लिखा है। ओवर हैड टैंक चालू करवाने के लिए गलियों में बिछे पाइपों की मरम्मत के लिए डीपीआरओ को दो लाख रुपये पंचायत निधि से दिए गए हैं। आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। हैंडपंपों पर लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है। जिस हैंडपंप का पानी खराब है उसको रिबोर करवा दिया।
विश्व स्वास्थ्य संगठन की टीम पहुंची, नमूने लिए
बागपत। सीएमओ डॉ. सुषमा चंद्रा ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत के बाद दिल्ली से डब्ल्यूएचओ की टीम बुलाई गई थी। दो बच्चों और एक महिला के रक्त के नमूने लेकर जांच के लिए गए हैं। रिपोर्ट के बाद ही पता चलेगा, क्या किसी बीमारी का वायरल फैल रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 56 लोगों की जांच कर खून के नमूने लिए गए हैं। जांच में अधिकतर मरीज बुखार के हैं।
क्या कहते हैं ग्रामीण
गांव में है गंदगी का अंबार
ग्रामीण धर्मवीर सिंह भगत ने कहा कि स्वच्छता की ओर प्रशासन का ध्यान नहीं है। उनके परिवार में एक बच्चे की मौत हो चुकी है, जबकि दूसरा बच्चा अनुज इससे ग्रस्त हो गया था। परिवार दहशत में है। प्राइवेट में उपचार करा है।
ग्रामीण भोपाल सिंह कहते हैं कि शिविर में सभी मरीजों को एक ही तरह की दवा दें रहे है। जिससे आराम कम लग रहा है। गांव में स्वच्छता अभियान चलना चाहिए।
ग्रामीण अनिल ने बताया कि गांव का पानी खराब हो गया है। जिस कारण लोग बीमार हो रहे है। खराब पानी के कारण ही यह बीमारी फैल रही है। सभी बच्चों की जांच होनी चाहिए।
ग्रामीण जयप्रकाश शर्मा ने बताया कि गंदगी का अंबार है। जल निकासी का कोई प्रबंध नहीं है। नालियों में दवा छिड़कने के बजाय घरों में दवा डाली गई। तालाब की गंदगी ने जीना मुहाल है।
स्कूलों में घट गए बच्चे
बागपत। जनता वैदिक इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य अशोक कुमार का कहना है कि बीमारी के चलते स्कूल में बच्चों की संख्या में कमी आई है। बच्चों को साफ-सफाई के प्रति जागरूक किया जा रहा है। बच्चों को जागरूक किया जा रहा है कि स्वच्छ रहें और किसी भी बीमारी के लक्षण मिलने पर परिजनों को बताएं और इलाज कराएं।
तीन बुजुर्गों की मौत से गांव में गम
बागपत। गांव में बृहस्पतिवार को तीन लोगों की मौत हुई है। मौत का कारण ह्दय रोग बताया जा रहा है। पहले तीन बच्चों की और अब तीन बुजुर्ग लोगों की मौत से गांव में गम का माहौल है। ग्रामीण जयप्रकाश शर्मा ने बताया अलग-अलग पट्टी में मौत का मामला सामने आया है। तीनों बुजुर्गों की मौत को ग्रामीण हालांकि बीमारी से नहीं जोड़ रहे हैं।
स्कूल में छात्रा के बेहोश होते ही मचा हड़कंप
बागपत। जनता वैदिक इंटर कॉलेज में बृहस्पतिवार की सुबह अचानक एक छात्रा नरगिस पुत्री महबूब बेहोश होकर गिर गई। इससे कॉलेज में ह़ड़कंप मच गया। सभी शिक्षक और प्रधानाचार्य छात्रा के पास पहुंचे। प्रधानाचार्य अशोक कुमार ने बताया कि छात्रा के बेहोश होते ही परिजनों को इसकी जानकारी दी। आनन-फानन मेें परिवार के लोग पहुंचे। बाइक से लेकर चिकित्सक के यहां गए। अभी छात्रा की हालत में सुधार है।
ओवर हैड टैंक बना शोपीस
बागपत। गांव में लाखों रुपये लागत से ओवर हैड टैंक कई वर्ष पूर्व बनकर तैयार हो गया था। गलियों में पाइप बिछे हैं। आज तक भी इसका लाभ लोगों को नहीं मिला। इस कारण ओवर हैड टैंक शोपीस बना हुआ है। लोगों का आरोप है योजना का लाभ नहीं मिला है।
कैंप में 18 मरीजों की हुई जांच
बागपत। नौरोजपुर गुर्जर गांव में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बागपत की ओर से लगाए गए कैंप में 18 मरीजों की जांच की। इसमें चार मरीजों की रक्त के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे । सीएचसी अधीक्षक डॉ. विभाष राजपूत ने कहा कि हरिजन चौपाल से लिए गए दस नमूने की रिपोर्ट नकारात्मक आई है। लोगों को साफ-सफाई के प्रति जागरूक किया जा रहा है। बागपत सीएचसी अधीक्षक डॉ. विभाष राजपूत कहा कि बारिश के बाद संक्रमण फैला है। अभी बच्चों की मौत किस वजह से हुई कुछ कहा नहीं जा सकता है। उनकी टीकाकरण रिपोर्ट देखी गई तो उन्हें सभी टीके लगे थे। इस लिए गल घोंटू बीमारी नहीं हो सकती है। बच्चों की मौत के बाद से लगातार कैंप लगाकर लोगों का उपचार किया जा रहा है।
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बीमारी से दहशत का यह मामला नौराजपुर गुर्जर गांव का है। पिछले 10 दिन में गौरव (07), आशु (10) और नाजमा (05) की मौत हो चुकी है। ग्रामीणों ने बताया कि बच्चों को पहले बुखार आता है, इसके बाद गले में सूजन आनी शुरू हो जाती है। हल्का-हल्का दर्द महसूस होता है। बच्चों ने सांस लेने में शिकायत की। परिजन उपचार के लिए प्राइवेट डॉक्टर के यहां लेकर पहुंचे, लेकिन बच्चों की मौत हो गई। इससे ग्रामीणों में दहशत बन गई। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग को जानकारी दी। इसके बाद गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने डेरा डाल लिया है।
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सीएमओ डॉ. सुषमा चंद्रा का कहना है कि जिन बच्चों की मौत की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को दी गई है, उनके परिजनों ने किसी भी सरकारी अस्पताल में उपचार नहीं कराया है। जानकारी मिली है कि झोलाछाप डॉक्टरों से दवाई लेकर इलाज कराते रहे। प्राथमिक आधार पर किसी बड़ी बीमारी के लक्षण नजर नहीं आ रहे हैं, स्वास्थ्य विभाग की टीम कैंप कर रही है। तीन लोगों के रक्त के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए है। कैंप लगाकर उपचार निरंतर चल रहा, कीटनाशक स्प्रे, कलोरिन की दवा बांटी जा चुकी है।
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प्रतिरक्षण अधिकारी एसीएमओ डॉ. नीरज त्यागी ने बताया बच्चों की मौत के बाद जांच पड़ताल कराई गई है। नमूने जांच के लिए भेजे हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जाएगा की बच्चों की मौत किस वजह से हुई है। ग्राम प्रधान ओमप्रकाश ने बताया कि गांव में कीटनाशक का छिड़काव कराया है। तालाब की गंदगी के बारे में प्रशासन को संसाधन के लिए लिखा है। ओवर हैड टैंक चालू करवाने के लिए गलियों में बिछे पाइपों की मरम्मत के लिए डीपीआरओ को दो लाख रुपये पंचायत निधि से दिए गए हैं। आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। हैंडपंपों पर लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है। जिस हैंडपंप का पानी खराब है उसको रिबोर करवा दिया।
विश्व स्वास्थ्य संगठन की टीम पहुंची, नमूने लिए
बागपत। सीएमओ डॉ. सुषमा चंद्रा ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत के बाद दिल्ली से डब्ल्यूएचओ की टीम बुलाई गई थी। दो बच्चों और एक महिला के रक्त के नमूने लेकर जांच के लिए गए हैं। रिपोर्ट के बाद ही पता चलेगा, क्या किसी बीमारी का वायरल फैल रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 56 लोगों की जांच कर खून के नमूने लिए गए हैं। जांच में अधिकतर मरीज बुखार के हैं।
क्या कहते हैं ग्रामीण
गांव में है गंदगी का अंबार
ग्रामीण धर्मवीर सिंह भगत ने कहा कि स्वच्छता की ओर प्रशासन का ध्यान नहीं है। उनके परिवार में एक बच्चे की मौत हो चुकी है, जबकि दूसरा बच्चा अनुज इससे ग्रस्त हो गया था। परिवार दहशत में है। प्राइवेट में उपचार करा है।
ग्रामीण भोपाल सिंह कहते हैं कि शिविर में सभी मरीजों को एक ही तरह की दवा दें रहे है। जिससे आराम कम लग रहा है। गांव में स्वच्छता अभियान चलना चाहिए।
ग्रामीण अनिल ने बताया कि गांव का पानी खराब हो गया है। जिस कारण लोग बीमार हो रहे है। खराब पानी के कारण ही यह बीमारी फैल रही है। सभी बच्चों की जांच होनी चाहिए।
ग्रामीण जयप्रकाश शर्मा ने बताया कि गंदगी का अंबार है। जल निकासी का कोई प्रबंध नहीं है। नालियों में दवा छिड़कने के बजाय घरों में दवा डाली गई। तालाब की गंदगी ने जीना मुहाल है।
स्कूलों में घट गए बच्चे
बागपत। जनता वैदिक इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य अशोक कुमार का कहना है कि बीमारी के चलते स्कूल में बच्चों की संख्या में कमी आई है। बच्चों को साफ-सफाई के प्रति जागरूक किया जा रहा है। बच्चों को जागरूक किया जा रहा है कि स्वच्छ रहें और किसी भी बीमारी के लक्षण मिलने पर परिजनों को बताएं और इलाज कराएं।
तीन बुजुर्गों की मौत से गांव में गम
बागपत। गांव में बृहस्पतिवार को तीन लोगों की मौत हुई है। मौत का कारण ह्दय रोग बताया जा रहा है। पहले तीन बच्चों की और अब तीन बुजुर्ग लोगों की मौत से गांव में गम का माहौल है। ग्रामीण जयप्रकाश शर्मा ने बताया अलग-अलग पट्टी में मौत का मामला सामने आया है। तीनों बुजुर्गों की मौत को ग्रामीण हालांकि बीमारी से नहीं जोड़ रहे हैं।
स्कूल में छात्रा के बेहोश होते ही मचा हड़कंप
बागपत। जनता वैदिक इंटर कॉलेज में बृहस्पतिवार की सुबह अचानक एक छात्रा नरगिस पुत्री महबूब बेहोश होकर गिर गई। इससे कॉलेज में ह़ड़कंप मच गया। सभी शिक्षक और प्रधानाचार्य छात्रा के पास पहुंचे। प्रधानाचार्य अशोक कुमार ने बताया कि छात्रा के बेहोश होते ही परिजनों को इसकी जानकारी दी। आनन-फानन मेें परिवार के लोग पहुंचे। बाइक से लेकर चिकित्सक के यहां गए। अभी छात्रा की हालत में सुधार है।
ओवर हैड टैंक बना शोपीस
बागपत। गांव में लाखों रुपये लागत से ओवर हैड टैंक कई वर्ष पूर्व बनकर तैयार हो गया था। गलियों में पाइप बिछे हैं। आज तक भी इसका लाभ लोगों को नहीं मिला। इस कारण ओवर हैड टैंक शोपीस बना हुआ है। लोगों का आरोप है योजना का लाभ नहीं मिला है।
कैंप में 18 मरीजों की हुई जांच
बागपत। नौरोजपुर गुर्जर गांव में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बागपत की ओर से लगाए गए कैंप में 18 मरीजों की जांच की। इसमें चार मरीजों की रक्त के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे । सीएचसी अधीक्षक डॉ. विभाष राजपूत ने कहा कि हरिजन चौपाल से लिए गए दस नमूने की रिपोर्ट नकारात्मक आई है। लोगों को साफ-सफाई के प्रति जागरूक किया जा रहा है। बागपत सीएचसी अधीक्षक डॉ. विभाष राजपूत कहा कि बारिश के बाद संक्रमण फैला है। अभी बच्चों की मौत किस वजह से हुई कुछ कहा नहीं जा सकता है। उनकी टीकाकरण रिपोर्ट देखी गई तो उन्हें सभी टीके लगे थे। इस लिए गल घोंटू बीमारी नहीं हो सकती है। बच्चों की मौत के बाद से लगातार कैंप लगाकर लोगों का उपचार किया जा रहा है।