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बहन-भाई ने पीएम से न्याय की गुहार लगा मांगी इच्छा मृत्यु
Updated Mon, 28 May 2018 01:04 AM IST
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बागपत। बड़ौत की गीता की हत्या के मामले में पुलिस पर उसके पति को ही फंसाकर जेल भेजने का आरोप लगाया। सीबीआई जांच की मांग को लेकर भाई-बहन प्रधानमंत्री की सभा में मवी कलां गांव पहुंचे। उन्होंने पीएम से मिलने की कोशिश की, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने रोक दिया। न्याय की गुहार लगाकर इच्छा मृत्यु की मांग की।
रामबाग कॉलोनी बड़ौत निवासी वैशाली पुत्री विपेंद्र अपने भाई के साथ रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने के लिए मवी कलां गांव में कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि 17 जनवरी 2018 को उनकी मां गीता का विकास और उसके साथियों ने अपहरण कर उसकी हत्या कर दी । बाद में विकास ने गीता का शव बरामद कराया। आरोप है कि उसके पिता विपेंद्र का झूठा नाम लिखा दिया। पुलिस से मिलकर अपने साथ उसके पिता को भी फंसा कर जेल भिजवा दिया। उन्होंने बताया कि उसके पिता बीएसएफ के जवान हैं। घटना के समय अपनी ड्यूटी पर तैनात थे। पीड़ित ने मामले की सीबीआई जांच कराकर असली आरोपियों को पकड़ने की मांग की है। बहन-भाई ने प्रधानमंत्री से अपील की कि या तो उनको न्याय दिलाया जाए या फिर उनको इच्छा मृत्यु की अनुमति दी जाए। उनकी प्रधानमंत्री से मुलाकात तो नहीं हो सकी, लेकिन बाद में केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह को ज्ञापन सौंपा। मंत्री ने पीएम तक ज्ञापन पहुंचाने का भरोसा दिया।
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रामबाग कॉलोनी बड़ौत निवासी वैशाली पुत्री विपेंद्र अपने भाई के साथ रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने के लिए मवी कलां गांव में कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि 17 जनवरी 2018 को उनकी मां गीता का विकास और उसके साथियों ने अपहरण कर उसकी हत्या कर दी । बाद में विकास ने गीता का शव बरामद कराया। आरोप है कि उसके पिता विपेंद्र का झूठा नाम लिखा दिया। पुलिस से मिलकर अपने साथ उसके पिता को भी फंसा कर जेल भिजवा दिया। उन्होंने बताया कि उसके पिता बीएसएफ के जवान हैं। घटना के समय अपनी ड्यूटी पर तैनात थे। पीड़ित ने मामले की सीबीआई जांच कराकर असली आरोपियों को पकड़ने की मांग की है। बहन-भाई ने प्रधानमंत्री से अपील की कि या तो उनको न्याय दिलाया जाए या फिर उनको इच्छा मृत्यु की अनुमति दी जाए। उनकी प्रधानमंत्री से मुलाकात तो नहीं हो सकी, लेकिन बाद में केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह को ज्ञापन सौंपा। मंत्री ने पीएम तक ज्ञापन पहुंचाने का भरोसा दिया।
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