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फाइल संख्या-38 का इनसेट
Updated Sat, 16 Sep 2017 02:04 AM IST
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अपनों को तलाशती रही निगाहें
बागपत। यमुना किनारे काठा के ग्रामीण पहुंचे। निगाहें यहां अपनों की तलाश करती रही। महिलाओं की आंखों से आंसू निकल पड़े। नाव हादसे का जिक्र करते ही महिलाएं सहम गई। युवाओं में आक्रोश था तो बच्चे किनारे पर जाने से बचते रहे।
छपरौली-बदरखा में चल रही नाव
बागपत। यमुना में तीन जगह नाव का संचालन होता है। छपरौली, बदरखा और काठा मुख्य प्वाइंट है। शुक्रवार को छपरौली और बदरखा में नाव चलती दिखी, लेकिन इनमें लोग कम ही सवार हुए।
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बागपत। यमुना किनारे काठा के ग्रामीण पहुंचे। निगाहें यहां अपनों की तलाश करती रही। महिलाओं की आंखों से आंसू निकल पड़े। नाव हादसे का जिक्र करते ही महिलाएं सहम गई। युवाओं में आक्रोश था तो बच्चे किनारे पर जाने से बचते रहे।
छपरौली-बदरखा में चल रही नाव
बागपत। यमुना में तीन जगह नाव का संचालन होता है। छपरौली, बदरखा और काठा मुख्य प्वाइंट है। शुक्रवार को छपरौली और बदरखा में नाव चलती दिखी, लेकिन इनमें लोग कम ही सवार हुए।
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