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ईंट भट्ठे बंद होने से लाखों लोग होंगे बेरोजगार- विक्रम राणा
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ईंट भट्ठे बंद होने से लाखों लोग होंगे बेरोजगार : राणा
बड़ौत (बागपत)। बागपत ईट निर्माता एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष विक्रम राणा ने कहा कि सरकार ईंट भट्ठा मालिकों का उत्पीड़न कर रही है और भट्ठे बंद करने की तैयारी की जा रही है। इससे लाखों लोग बेरोजगार हो जाएंगे। इसे लेकर भट्ठा मालिक आंदोलन करने के साथ-साथ न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।
पत्रकारों से बातचीत में विक्रम राणा ने बताया कि केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्रालय की ओर से 25 फरवरी 2019 को फ्लाई ऐश ईंट निर्माण को लेकर लाया जा रहे प्रस्ताव का ईट भट्ठा मालिक विरोध करते हैं। इस प्रस्ताव के तहत लाल ईंट का निर्माण प्रभावित होगा। इसके लिए साधारण जनता से 20 अप्रैल तक आपत्ति पत्र मांगे गए हैं। इस प्रस्ताव में शामिल किया गया कि पूरे देश में सिर्फ फ्लाई ऐश ईंटों का निर्माण ही होगा और भवन निर्माण, राज्य राजमार्ग, नहरों, गलियों, खंड़जा आदि मेें लाल ईंटों का प्रयोग नहीं किया जाएगा। एक वर्ष के अंदर ईंटों को बंद कर केवल फ्लाई ऐश निर्माण फैक्टरी ही चलेगी, जबकि फ्लाई ऐश से ईट निर्माण स्वास्थ्य के लिए हानिकारक, फेफड़ों मेें कैंसर का खतरा बढ़ाने वाला होगा। बताया कि फ्लाई ऐश से चरम रोग का खतरा है। वर्तमान फ्लाई ऐश की उपलब्धी नौ प्रतिशत है जो छह माह के लिए पर्याप्त है। बताया कि सरकार थर्मल प्लांटों को सौर ऊर्जा, वायु ऊर्जा में बदलने जा रही है, र्जो इंट का मुख्य कारण है। ऐसे मेें निर्माण को ईट कहां से मिलेगा, यदि ईट बंद हो गए तो ईट भट्ठे से जुड़े लाखों लोग बेरोजगार हो जाएंगे और क्षेत्र में बेरोजगारी बढ़ेगी। इस अवसर पर दीपक राणा, विक्रम सिंह कंडेरा, नीरज नैन, सतेंद्र पंवार, मनोज यादव, मुकेश शर्मा, वेदपाल, विनेश तोमर, विनोद गोयल उपस्थित रहे।
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बड़ौत (बागपत)। बागपत ईट निर्माता एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष विक्रम राणा ने कहा कि सरकार ईंट भट्ठा मालिकों का उत्पीड़न कर रही है और भट्ठे बंद करने की तैयारी की जा रही है। इससे लाखों लोग बेरोजगार हो जाएंगे। इसे लेकर भट्ठा मालिक आंदोलन करने के साथ-साथ न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।
पत्रकारों से बातचीत में विक्रम राणा ने बताया कि केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्रालय की ओर से 25 फरवरी 2019 को फ्लाई ऐश ईंट निर्माण को लेकर लाया जा रहे प्रस्ताव का ईट भट्ठा मालिक विरोध करते हैं। इस प्रस्ताव के तहत लाल ईंट का निर्माण प्रभावित होगा। इसके लिए साधारण जनता से 20 अप्रैल तक आपत्ति पत्र मांगे गए हैं। इस प्रस्ताव में शामिल किया गया कि पूरे देश में सिर्फ फ्लाई ऐश ईंटों का निर्माण ही होगा और भवन निर्माण, राज्य राजमार्ग, नहरों, गलियों, खंड़जा आदि मेें लाल ईंटों का प्रयोग नहीं किया जाएगा। एक वर्ष के अंदर ईंटों को बंद कर केवल फ्लाई ऐश निर्माण फैक्टरी ही चलेगी, जबकि फ्लाई ऐश से ईट निर्माण स्वास्थ्य के लिए हानिकारक, फेफड़ों मेें कैंसर का खतरा बढ़ाने वाला होगा। बताया कि फ्लाई ऐश से चरम रोग का खतरा है। वर्तमान फ्लाई ऐश की उपलब्धी नौ प्रतिशत है जो छह माह के लिए पर्याप्त है। बताया कि सरकार थर्मल प्लांटों को सौर ऊर्जा, वायु ऊर्जा में बदलने जा रही है, र्जो इंट का मुख्य कारण है। ऐसे मेें निर्माण को ईट कहां से मिलेगा, यदि ईट बंद हो गए तो ईट भट्ठे से जुड़े लाखों लोग बेरोजगार हो जाएंगे और क्षेत्र में बेरोजगारी बढ़ेगी। इस अवसर पर दीपक राणा, विक्रम सिंह कंडेरा, नीरज नैन, सतेंद्र पंवार, मनोज यादव, मुकेश शर्मा, वेदपाल, विनेश तोमर, विनोद गोयल उपस्थित रहे।
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