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कब जागेगा सिस्टम, मार्ग किनारे बनें मकानों में पड़ी दरार
Updated Mon, 12 Feb 2018 01:04 AM IST
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बागपत। मेरठ रोड पर नया गांव हमीदाबाद में सड़क पर बने गड्ढों में जलभराव की स्थिति रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क किनारे के कई मकानों में दरार आ चुकी है। जलनिकासी की व्यवस्था भी नहीं है। शिकायत करने के बाद भी प्रशासन गंभीर नहीं है। इसको लेकर ग्रामीणों में आक्रोश पनप रहा है।
बागपत-मेरठ रोड पर शहर से सटे नया गांव हमीदाबाद से गुजर रहा मार्ग पूरी तरह से गहरे-गहरे गड्ढों में तब्दील हो चुका है। इस मार्ग पर जर्जर सड़क होने के कारण हादसे होना आम बात हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि जर्जर सड़क से गुजरने वाले वाहनों और मार्ग पर जलभराव से सड़क किनारे के घरों में दरारें तक आ गई है।
गांव की धर्मवीरी का कहना है कि लाखों रुपये की लागत से मकान बनाया , लेकिन अब इस मार्ग के चलते मकानों में दरारें आने लगी है। सरकार का कोई ध्यान नहीं है।
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ग्रामीण लक्ष्मण शर्मा का कहना है कि प्रशासन को चिंता करनी चाहिए, लेकिन शिकायत करने के बाद भी कोई समाधान अब तक इस मार्ग का नहीं किया जा सका है।
मनोज कुमार का कहना है कि जनप्रतिनिधियों को अपनी जिम्मेदारी पर खरा उतरना चाहिए। वोट लेने के बाद अपने कर्तव्यों को भूलना नहीं चाहिए। गांव परेशानी में हैं।
गृहणी उषा का कहना है कि उनके मकान में भी दरारें आने लगी है। जब इस जर्जर सड़क से कोई ओवरलोड वाहन गुजरता है, तो सड़क किनारे के मकानों में कंपन तक होता है।
ये हो गए बीमार
बागपत। ग्रामीणों ने बताया लंबे समय से सड़क पर धूल उड़ने के कारण ग्रामीण भूरी, इलमो, प्रेमो, आरती, इरफान, संजीव, रामकिशन आदि लोग सांस की बीमार से पीड़ित हैं, जिनका इलाज बागपत सहित अन्य जनपदों में चल रहा हैं। उन्होंने कहा सड़क पर धूल उड़ने के कारण गांव में सांस की बीमारी के लोगों की संख्या बढ़ रही है।
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बागपत-मेरठ रोड पर शहर से सटे नया गांव हमीदाबाद से गुजर रहा मार्ग पूरी तरह से गहरे-गहरे गड्ढों में तब्दील हो चुका है। इस मार्ग पर जर्जर सड़क होने के कारण हादसे होना आम बात हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि जर्जर सड़क से गुजरने वाले वाहनों और मार्ग पर जलभराव से सड़क किनारे के घरों में दरारें तक आ गई है।
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गांव की धर्मवीरी का कहना है कि लाखों रुपये की लागत से मकान बनाया , लेकिन अब इस मार्ग के चलते मकानों में दरारें आने लगी है। सरकार का कोई ध्यान नहीं है।
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ग्रामीण लक्ष्मण शर्मा का कहना है कि प्रशासन को चिंता करनी चाहिए, लेकिन शिकायत करने के बाद भी कोई समाधान अब तक इस मार्ग का नहीं किया जा सका है।
मनोज कुमार का कहना है कि जनप्रतिनिधियों को अपनी जिम्मेदारी पर खरा उतरना चाहिए। वोट लेने के बाद अपने कर्तव्यों को भूलना नहीं चाहिए। गांव परेशानी में हैं।
गृहणी उषा का कहना है कि उनके मकान में भी दरारें आने लगी है। जब इस जर्जर सड़क से कोई ओवरलोड वाहन गुजरता है, तो सड़क किनारे के मकानों में कंपन तक होता है।
ये हो गए बीमार
बागपत। ग्रामीणों ने बताया लंबे समय से सड़क पर धूल उड़ने के कारण ग्रामीण भूरी, इलमो, प्रेमो, आरती, इरफान, संजीव, रामकिशन आदि लोग सांस की बीमार से पीड़ित हैं, जिनका इलाज बागपत सहित अन्य जनपदों में चल रहा हैं। उन्होंने कहा सड़क पर धूल उड़ने के कारण गांव में सांस की बीमारी के लोगों की संख्या बढ़ रही है।