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सिनौली की राजकुमारी के सिरहाने रखा मिला चाकू, बगल में शाही ताबूत
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बड़ौत (बागपत)। सिनौली उत्खनन में मिले महिला कंकाल के सिरहाने की तरफ चाकू मिला है। इसके कुछ ही दूर पर शाही ताबूत है। महिला कंकाल के पास चाकू मिलने से अनुमान लगाया जा रहा है कि महिला शस्त्र चलाना जानती रही होगी। स्वर्ण आभूषण, चाकू और शाही ताबूत से माना जा रहा है कि महिला का ताल्लुक शाही परिवार से होगा।
सिनौली गांव में तीसरे चरण का उत्खनन कार्य चल रहा है। पुरातत्व विभाग के मुताबिक अब तक दो कंकाल मिल चुके हैं। महिला के कंकाल के साथ स्वर्ण आभूषण भी मिले थे। उत्खनन में अब नया मोड़ आ गया है। शाही परिवार से जोड़कर देखी जा रही महिला के कंकाल के सिरहाने की तरफ एक चाकू रखा मिला है। यही नहीं इससे कुछ ही दूर पर शाही ताबूत है। हालांकि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण उत्खनन शाखा द्वितीय एवं भारतीय पुरातत्व संस्थान लाल किला दिल्ली की टीम ने अभी इस पर कुछ भी कहने से इंकार किया है। लेकिन अनुमान लगाया जा रहा है कि महिला शाही घराने से ही होगी और शस्त्र चलाना भी जानती होगी। यह भी संभव है कि सिर्फ प्रदर्शन के लिए यह चाकू रखा गया होगा।
कब्र में थी पसंदीदा शस्त्र रखने की परंपरा
बड़ौत। सिनौली में दूसरे और तीसरे चरण के उत्खनन में शाही ताबूत, कंकाल और तलवारें मिल चुकी हैं। दूसरे चरण के उत्खनन में शाही ताबूत, रथ, ढाल मिले थे। यह भी स्पष्ट हो चुका है कि मरने के बाद योद्धा के साथ उसके पसंदीदा शस्त्र को भी दफनाने की परंपरा रही होगी।
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साढ़े चार हजार साल पुराना इतिहास
बड़ौत। सिनौली मेें तृतीय चरण के उत्खनन में अभी तक महत्वपूर्ण पुरावशेष मिले हैं। ईटों की विशाल दीवार, दुर्लभ पॉट्री के साथ-साथ एक ट्रेंच से मानव कंकाल प्राप्त हुआ था। संभावना जताई जा रही है कि यह महिला का कंकाल 4500 वर्ष पुराना है और किसी रॉयल परिवार से है। दीवार, भट्ठी, जानवरों के जबड़े, धनुष की आकृति, कॉपर के टुकड़े, मनके भी यहां से मिल चुके हैं।
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सिनौली गांव में तीसरे चरण का उत्खनन कार्य चल रहा है। पुरातत्व विभाग के मुताबिक अब तक दो कंकाल मिल चुके हैं। महिला के कंकाल के साथ स्वर्ण आभूषण भी मिले थे। उत्खनन में अब नया मोड़ आ गया है। शाही परिवार से जोड़कर देखी जा रही महिला के कंकाल के सिरहाने की तरफ एक चाकू रखा मिला है। यही नहीं इससे कुछ ही दूर पर शाही ताबूत है। हालांकि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण उत्खनन शाखा द्वितीय एवं भारतीय पुरातत्व संस्थान लाल किला दिल्ली की टीम ने अभी इस पर कुछ भी कहने से इंकार किया है। लेकिन अनुमान लगाया जा रहा है कि महिला शाही घराने से ही होगी और शस्त्र चलाना भी जानती होगी। यह भी संभव है कि सिर्फ प्रदर्शन के लिए यह चाकू रखा गया होगा।
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कब्र में थी पसंदीदा शस्त्र रखने की परंपरा
बड़ौत। सिनौली में दूसरे और तीसरे चरण के उत्खनन में शाही ताबूत, कंकाल और तलवारें मिल चुकी हैं। दूसरे चरण के उत्खनन में शाही ताबूत, रथ, ढाल मिले थे। यह भी स्पष्ट हो चुका है कि मरने के बाद योद्धा के साथ उसके पसंदीदा शस्त्र को भी दफनाने की परंपरा रही होगी।
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साढ़े चार हजार साल पुराना इतिहास
बड़ौत। सिनौली मेें तृतीय चरण के उत्खनन में अभी तक महत्वपूर्ण पुरावशेष मिले हैं। ईटों की विशाल दीवार, दुर्लभ पॉट्री के साथ-साथ एक ट्रेंच से मानव कंकाल प्राप्त हुआ था। संभावना जताई जा रही है कि यह महिला का कंकाल 4500 वर्ष पुराना है और किसी रॉयल परिवार से है। दीवार, भट्ठी, जानवरों के जबड़े, धनुष की आकृति, कॉपर के टुकड़े, मनके भी यहां से मिल चुके हैं।