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जिला अस्पताल में महिला मरीज की मौत, हंगामा
Updated Wed, 09 May 2018 12:48 AM IST
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बागपत।
जिला अस्पताल में इलाज के दौरान महिला मरीज की मौत हो गई। अस्पताल में परिजनों ने चिकित्सकों और कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाक हंगामा किया। सूचना पर पहुंची पुलिस से भी परिजनों की तीखी नोंक झोंक हुई। पुलिस ने परिजनों को समझाकर शांत किया। बाद में परिवार वाले महिला के शव को साथ ले गए। उधर, महिला डॉक्टर ने परिजनों पर हाथापाई का आरोप लगाया है।
छपरौली थाना क्षेत्र के शबगा गांव निवासी ब्रहम सिंह की पत्नी बाला देवी (60) को सांस संबंधी बीमारी थी। परिजनों ने पांच मई को उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां महिला का इलाज चल रहा था। बाला देवी के बेटे प्रदीप ने बताया कि सोमवार रात 12 बजे अचानक मां की हालत बिगड़ गई। उन्हें सांस लेने में परेशानी होने लगी। अस्पताल में मौजूद कर्मचारियों को बताया गया, लेकिन उन्होंने मरीज को ऑक्सीजन नहीं लगाई। कई घंटे तक मां बिना इलाज के तड़पती रही। चिकित्सक को सूचना देने के बावजूद वे नहीं पहुंचे। मंगलवार दोपहर 12 बजे सही इलाज न मिलने पर महिला की मौत हो गई। इसके बाद महिला के परिजनों ने चिकित्सकों व कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर एसआई बाजी लाल भास्कर पुलिस बल के साथ अस्पताल पहुंचे और परिजनों को समझाबुझा कर शांत किया। परिजनों ने पुलिस से लापरवाही बरतने वाले चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। बाद में चिकित्सकों से बातचीत के बाद परिजन शव को लेकर चले गए।
सीएमएस ने कहा दिल्ली के लिए किया था रेफर
बागपत। जिला अस्पताल के सीएमएस बीएलएस कुशवाह ने बताया कि सोमवार को ही मरीज को दिल्ली के लिए रेफर कर दिया गया था, लेकिन परिजन उसे लेकर नहीं गए। अस्पताल में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है। मरीज को रात में भी ऑक्सीजन दी गई।
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जिला अस्पताल में बाहर से आ रही है दवाईयां
बागपत। मृतका के बेटे प्रदीप समेत कई मरीजों के तीमारदारों ने आरोप लगाया कि जिला अस्पताल में बुखार तक की दवाइयां नहीं है। मरीज के तीमारदारों से बाहर से दवाइयां मंगवाई जाती है। महिला के परिजनों ने गौरीपुर स्थित स्टोर से दवाई लाकर दी। अस्पताल में भर्ती सिंघावली अहीर निवासी साबरी पत्नी एजाज ने बताया कि उन्हें सांस की बीमारी है। उनका भी इलाज सही तरीके से नहीं हो रहा है। अस्पताल में लापरवाही बरती जा रही है। रठौड़ा निवासी रमेशचंद ने बताया कि छह दिनों से अस्पताल में उसकी छह माह की बेटी भर्ती है। वह बुखार से पीड़ित है। अस्पताल में बुखार की दवाई नहीं है। चिकित्सक ने उनसे बाहर से दवाई मंगवाई। सीएमएस का कहना है कि सभी आरोप गलत है। बाहर से कोई दवा नहीं मंगवाई जाती है। अस्पताल में सारी दवाइयां उपलब्ध है।
महिला चिकित्सक ने हाथापाई का लगाया आरोप
बागपत। जिला अस्पताल में तैनात महिला चिकित्सक नुपुर ने मृतक महिला के परिजनों पर हाथापाई करने का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि परिजन उनके रूम में घुस आए और उसे मारपीट की कोशिश की गई। इसकी शिकायत डीएम व लखनऊ में की जाएगी।
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जिला अस्पताल में इलाज के दौरान महिला मरीज की मौत हो गई। अस्पताल में परिजनों ने चिकित्सकों और कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाक हंगामा किया। सूचना पर पहुंची पुलिस से भी परिजनों की तीखी नोंक झोंक हुई। पुलिस ने परिजनों को समझाकर शांत किया। बाद में परिवार वाले महिला के शव को साथ ले गए। उधर, महिला डॉक्टर ने परिजनों पर हाथापाई का आरोप लगाया है।
छपरौली थाना क्षेत्र के शबगा गांव निवासी ब्रहम सिंह की पत्नी बाला देवी (60) को सांस संबंधी बीमारी थी। परिजनों ने पांच मई को उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां महिला का इलाज चल रहा था। बाला देवी के बेटे प्रदीप ने बताया कि सोमवार रात 12 बजे अचानक मां की हालत बिगड़ गई। उन्हें सांस लेने में परेशानी होने लगी। अस्पताल में मौजूद कर्मचारियों को बताया गया, लेकिन उन्होंने मरीज को ऑक्सीजन नहीं लगाई। कई घंटे तक मां बिना इलाज के तड़पती रही। चिकित्सक को सूचना देने के बावजूद वे नहीं पहुंचे। मंगलवार दोपहर 12 बजे सही इलाज न मिलने पर महिला की मौत हो गई। इसके बाद महिला के परिजनों ने चिकित्सकों व कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर एसआई बाजी लाल भास्कर पुलिस बल के साथ अस्पताल पहुंचे और परिजनों को समझाबुझा कर शांत किया। परिजनों ने पुलिस से लापरवाही बरतने वाले चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। बाद में चिकित्सकों से बातचीत के बाद परिजन शव को लेकर चले गए।
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सीएमएस ने कहा दिल्ली के लिए किया था रेफर
बागपत। जिला अस्पताल के सीएमएस बीएलएस कुशवाह ने बताया कि सोमवार को ही मरीज को दिल्ली के लिए रेफर कर दिया गया था, लेकिन परिजन उसे लेकर नहीं गए। अस्पताल में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है। मरीज को रात में भी ऑक्सीजन दी गई।
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जिला अस्पताल में बाहर से आ रही है दवाईयां
बागपत। मृतका के बेटे प्रदीप समेत कई मरीजों के तीमारदारों ने आरोप लगाया कि जिला अस्पताल में बुखार तक की दवाइयां नहीं है। मरीज के तीमारदारों से बाहर से दवाइयां मंगवाई जाती है। महिला के परिजनों ने गौरीपुर स्थित स्टोर से दवाई लाकर दी। अस्पताल में भर्ती सिंघावली अहीर निवासी साबरी पत्नी एजाज ने बताया कि उन्हें सांस की बीमारी है। उनका भी इलाज सही तरीके से नहीं हो रहा है। अस्पताल में लापरवाही बरती जा रही है। रठौड़ा निवासी रमेशचंद ने बताया कि छह दिनों से अस्पताल में उसकी छह माह की बेटी भर्ती है। वह बुखार से पीड़ित है। अस्पताल में बुखार की दवाई नहीं है। चिकित्सक ने उनसे बाहर से दवाई मंगवाई। सीएमएस का कहना है कि सभी आरोप गलत है। बाहर से कोई दवा नहीं मंगवाई जाती है। अस्पताल में सारी दवाइयां उपलब्ध है।
महिला चिकित्सक ने हाथापाई का लगाया आरोप
बागपत। जिला अस्पताल में तैनात महिला चिकित्सक नुपुर ने मृतक महिला के परिजनों पर हाथापाई करने का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि परिजन उनके रूम में घुस आए और उसे मारपीट की कोशिश की गई। इसकी शिकायत डीएम व लखनऊ में की जाएगी।