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गणेश जी आरती पर थिरके श्रद्धालु
Updated Fri, 01 Sep 2017 01:44 AM IST
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गणेश जी आरती पर थिरके श्रद्धालु
बड़ौत (बागपत)।
महाराष्ट्र गणेश मंडल के तत्वावधान में सराफा बाजार में चल रहे गणेश महोत्सव में भगवान गणेश की आरती उतारी। नृत्य नाटिका का मंचन किया। दूसरी तरफ भजन संध्या में श्रद्धालु थिरकते नजर आए।
गणेश महोत्सव में नृत्य नाटिका का आयोजन किया । इसमें इंदु शर्मा ने गणपति का है सच्चा दरबार यहां से कोई खाली हाथ नहीं जाएगा। सुदीप कुमार ने सारी दुनिया है दीवानी राधा-रानी आपकी। इसके अलावा गणपति बप्पा आदि के भजन प्रस्तुत किए। डांडिया नृत्य भी खेला। इस मौके पर पंडित सनित प्रसाद ने बताया देवताओं द्वारा किस प्रकार गणेश वंदना की गई। एक बार गोमती के उत्तर तट पर देवताओं ने यज्ञ प्रारंभ किया, किंतु यज्ञ में विघ्न पड़ने लगे। यज्ञ संपन्न नहीं हो सका। देवताओं ने बह्मा विष्णु से इसका कारण पूछा। उन्होंने पता लगाया कि यज्ञ में गणेश जी विघ्न उत्पन्न कर रहे हैं। इसी कारण यज्ञ संपन्न नहीं हो पा रहा है। आप यदि गणेश को प्रश्न कर लें तब यज्ञ पूर्ण होगा। देवताओं ने गोमती नदी के जल से स्नान कर गणेश का ध्यान किया तो गणेश जी खुश हुए और यज्ञ संपन्न हुआ। बाद में गणेश जी का प्रिय प्रसाद मोदक वितरण किया। इसमें आदेश गुप्ता, अनिल गुप्ता, मारुति, शिवा, विट्ठल, अरविंद, विजय, रोहित जैन, महेश, प्रकाश, विद्या, जयंती, शारदा, सपना, स्वाति आदि रहे।
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बड़ौत (बागपत)।
महाराष्ट्र गणेश मंडल के तत्वावधान में सराफा बाजार में चल रहे गणेश महोत्सव में भगवान गणेश की आरती उतारी। नृत्य नाटिका का मंचन किया। दूसरी तरफ भजन संध्या में श्रद्धालु थिरकते नजर आए।
गणेश महोत्सव में नृत्य नाटिका का आयोजन किया । इसमें इंदु शर्मा ने गणपति का है सच्चा दरबार यहां से कोई खाली हाथ नहीं जाएगा। सुदीप कुमार ने सारी दुनिया है दीवानी राधा-रानी आपकी। इसके अलावा गणपति बप्पा आदि के भजन प्रस्तुत किए। डांडिया नृत्य भी खेला। इस मौके पर पंडित सनित प्रसाद ने बताया देवताओं द्वारा किस प्रकार गणेश वंदना की गई। एक बार गोमती के उत्तर तट पर देवताओं ने यज्ञ प्रारंभ किया, किंतु यज्ञ में विघ्न पड़ने लगे। यज्ञ संपन्न नहीं हो सका। देवताओं ने बह्मा विष्णु से इसका कारण पूछा। उन्होंने पता लगाया कि यज्ञ में गणेश जी विघ्न उत्पन्न कर रहे हैं। इसी कारण यज्ञ संपन्न नहीं हो पा रहा है। आप यदि गणेश को प्रश्न कर लें तब यज्ञ पूर्ण होगा। देवताओं ने गोमती नदी के जल से स्नान कर गणेश का ध्यान किया तो गणेश जी खुश हुए और यज्ञ संपन्न हुआ। बाद में गणेश जी का प्रिय प्रसाद मोदक वितरण किया। इसमें आदेश गुप्ता, अनिल गुप्ता, मारुति, शिवा, विट्ठल, अरविंद, विजय, रोहित जैन, महेश, प्रकाश, विद्या, जयंती, शारदा, सपना, स्वाति आदि रहे।
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