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पहले से था शौचालय, दोबारा फिर मिला बजट
Updated Thu, 10 Aug 2017 12:48 AM IST
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पहले से था शौचालय, फिर मिला लाभ
बागपत। स्वच्छता अभियान में योजनाओं का दुरुपयोग करने का मामला सामने आया है। मीतली गांव में कई परिवार ऐसे हैं, जिन्हें छह साल में दो बार योजना का लाभ दे दिया गया। एडीएम तक मामला पहुंचा तो उन्होंने जांच बैठा दी।
मीतली के सुभाष चंद ने एडीएम लोकपाल सिंह से शिकायत कर बताया वर्ष 2010-11 की स्वच्छ शौचालय योजना में मीतली गांव की मामो पत्नी सद्दीक, संतोष पत्नी कृष्णपाल, सुनीता पत्नी नरेश को अनुदान मिला था। इसके अलावा फूलवती पत्नी महेश, मंजू पत्नी धीरे ने भी अनुदान की धनराशि लेकर शौचालय निर्माण कराया था, लेकिन इसके बाद वर्ष 2016 -17 में गांव में 44 शौचालयों का निर्माण कराया। इसमें पहले ही योजना का लाभ ले चुकी मामो, संतोष और सुनीता के अलावा फूलवती और मंजू के पति के नाम से योजना का लाभ दिया गया है। इससे सरकारी योजना का दुरुपयोग हो रहा है। एडीएम ने मामले की जांच बीडीओ बागपत कृपाल सिंह को सौंप दी है। शिकायतकर्ता ने दोनों योजनाओं की पत्रावलियों की कापी भी एडीएम को सौंपी है।
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बागपत। स्वच्छता अभियान में योजनाओं का दुरुपयोग करने का मामला सामने आया है। मीतली गांव में कई परिवार ऐसे हैं, जिन्हें छह साल में दो बार योजना का लाभ दे दिया गया। एडीएम तक मामला पहुंचा तो उन्होंने जांच बैठा दी।
मीतली के सुभाष चंद ने एडीएम लोकपाल सिंह से शिकायत कर बताया वर्ष 2010-11 की स्वच्छ शौचालय योजना में मीतली गांव की मामो पत्नी सद्दीक, संतोष पत्नी कृष्णपाल, सुनीता पत्नी नरेश को अनुदान मिला था। इसके अलावा फूलवती पत्नी महेश, मंजू पत्नी धीरे ने भी अनुदान की धनराशि लेकर शौचालय निर्माण कराया था, लेकिन इसके बाद वर्ष 2016 -17 में गांव में 44 शौचालयों का निर्माण कराया। इसमें पहले ही योजना का लाभ ले चुकी मामो, संतोष और सुनीता के अलावा फूलवती और मंजू के पति के नाम से योजना का लाभ दिया गया है। इससे सरकारी योजना का दुरुपयोग हो रहा है। एडीएम ने मामले की जांच बीडीओ बागपत कृपाल सिंह को सौंप दी है। शिकायतकर्ता ने दोनों योजनाओं की पत्रावलियों की कापी भी एडीएम को सौंपी है।
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