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कागजों में विकास कार्य कराकर 2.89 लाख का घोटाला
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नंदन कानन पार्क
- फोटो : BAGHPAT
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- लोकपाल की जांच में गौरीपुर जवाहरनगर व चौहल्दा गांव में मौके पर कोई भी कार्य हुए नहीं मिले
- नंदन कानन पार्क में साफ सफाई और पौधरोपण के लिए भी निकाले रुपये
- परियोजना निदेशक ने दोनों गांव के पूर्व प्रधान, पंचायत सचिव व मनरेगा तकनीकि सहायक से रिकवरी करने के आदेश दिए
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। गौरीपुर जवाहरनगर व चौहल्दा गांव में कागजों में विकास कार्य कराकर प्रधान, पंचायत सचिव व तकनीकी सहायक मनरेगा ने 2.89 लाख रुपये का घोटाला कर दिया। नंदन कानन पार्क में भी सफाई व पौधरोपण तक दिखाकर रुपये निकाले गए। लोकपाल की जांच में इसका खुलासा हुआ है। लोकपाल की रिपोर्ट पर परियोजना निदेशक ने दोनों गांव के पूर्व प्रधान, पंचायत सचिव व मनरेगा तकनीकी सहायक से रिकवरी के साथ ही विभागीय कार्रवाई के आदेश जारी किए है।
गौरीपुर जवाहरनगर व चौहल्दा गांव में कागजों में विकास कार्य कराए हुए दिखाकर तत्कालीन प्रधान, पंचायत सचिव ने सरकारी खाते से रुपये निकाल लिए। मनरेगा से कराए गए कार्यों की जांच करने लोकपाल अंशु त्यागी जब गांव में पहुंची तो धरातल पर कोई भी विकास कार्य नहीं कराने का खुलासा हुआ। गौरीपुर जवाहरनगर के नंदन कानन पार्क में सफाई कार्य कराने व पौधरोपण के साथ ही मिट्टी भराव आदि कार्यों के नाम पर एक लाख 45 हजार 164 रुपये निकाल लिए गए है। दस्तावेज मांगने पर नहीं दिखाए गए। इस तरह ही चौहल्दा गांव में वर्ष 2016-17 से अभी तक एक लाख 44 हजार 565 रुपये मनरेगा खाते से निकाले गए। दोनों गांव के पंचायत सचिव व तत्कालीन प्रधान घोटाले में शामिल रहे।
लोकपाल की रिपोर्ट के आधार पर डीआरडीए के परियोजना निदेशक विद्यानाथ शुक्ल ने रिकवरी के आदेश दिए है। गौरीपुर जवाहरनगर में पंचायत सचिव प्रदीप, तत्कालीन प्रधान कमलेश व तकनीकी सहायक संजीव कुमार से बराबर-बराबर रिकवरी की जाएगी। ऐसे ही चौहल्दा गांव में सचिव गंगाराम, पूर्व प्रधान रोशनी व तकनीकी सहायक मनरेगा संजीव कुमार से रिकवरी की जाएगी। इसके साथ ही इन सभी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने के आदेश दिए है।
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गौरीपुर में इस तरह हुआ खेल
गौरीपुर जवाहरनगर गांव में वर्ष 2020-21 में नंदन कानन पार्क में नर्सरी निर्माण कार्य के नाम पर 31,557 रुपये, 2019-20 में नंदन कानन नर्सरी से झाड़ी सफाई व समतलीकरण के नाम पर 81,718 रुपये, 2018-19 में मंगल के घर से प्रदीप के खेत तक नाले पर मिट्टी कार्य पर 8,225 रुपये, वर्ष 2016-17 में सुरेश के खेत से जितेंद्र के खेत तक संपर्क मार्ग के निर्माण के नाम पर 23,664 रुपये की धनराशि निकाली गई।
चौहल्दा में इस तरह हुआ खेल
चौहल्दा गांव में वर्ष 2019-20 में बरसाती नाले पर पौधरोपण को 28,392 रुपये, 2020-21 में रेलवे स्टेशन वाले रास्ते पर पौधरोपण पर 5,829 रुपये, वर्ष 2018-19 में अनूप के खेत से सबे के खेत तक मिट्टी कार्य पर 17,627 रुपये निकाले गए। वर्ष 2019-20 में बरसाती नाले की खुदाई व सफाई पर 3,185 रुपये, वर्ष 2016-17 में कब्रिस्तान व नहर के किनारे पौधरोपण पर 6,438 रुपये व बेरोजगार भत्ता 45 दिन के नाम पर 1,968 रुपये की धनराशि निकाली गई।
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- नंदन कानन पार्क में साफ सफाई और पौधरोपण के लिए भी निकाले रुपये
- परियोजना निदेशक ने दोनों गांव के पूर्व प्रधान, पंचायत सचिव व मनरेगा तकनीकि सहायक से रिकवरी करने के आदेश दिए
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। गौरीपुर जवाहरनगर व चौहल्दा गांव में कागजों में विकास कार्य कराकर प्रधान, पंचायत सचिव व तकनीकी सहायक मनरेगा ने 2.89 लाख रुपये का घोटाला कर दिया। नंदन कानन पार्क में भी सफाई व पौधरोपण तक दिखाकर रुपये निकाले गए। लोकपाल की जांच में इसका खुलासा हुआ है। लोकपाल की रिपोर्ट पर परियोजना निदेशक ने दोनों गांव के पूर्व प्रधान, पंचायत सचिव व मनरेगा तकनीकी सहायक से रिकवरी के साथ ही विभागीय कार्रवाई के आदेश जारी किए है।
गौरीपुर जवाहरनगर व चौहल्दा गांव में कागजों में विकास कार्य कराए हुए दिखाकर तत्कालीन प्रधान, पंचायत सचिव ने सरकारी खाते से रुपये निकाल लिए। मनरेगा से कराए गए कार्यों की जांच करने लोकपाल अंशु त्यागी जब गांव में पहुंची तो धरातल पर कोई भी विकास कार्य नहीं कराने का खुलासा हुआ। गौरीपुर जवाहरनगर के नंदन कानन पार्क में सफाई कार्य कराने व पौधरोपण के साथ ही मिट्टी भराव आदि कार्यों के नाम पर एक लाख 45 हजार 164 रुपये निकाल लिए गए है। दस्तावेज मांगने पर नहीं दिखाए गए। इस तरह ही चौहल्दा गांव में वर्ष 2016-17 से अभी तक एक लाख 44 हजार 565 रुपये मनरेगा खाते से निकाले गए। दोनों गांव के पंचायत सचिव व तत्कालीन प्रधान घोटाले में शामिल रहे।
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लोकपाल की रिपोर्ट के आधार पर डीआरडीए के परियोजना निदेशक विद्यानाथ शुक्ल ने रिकवरी के आदेश दिए है। गौरीपुर जवाहरनगर में पंचायत सचिव प्रदीप, तत्कालीन प्रधान कमलेश व तकनीकी सहायक संजीव कुमार से बराबर-बराबर रिकवरी की जाएगी। ऐसे ही चौहल्दा गांव में सचिव गंगाराम, पूर्व प्रधान रोशनी व तकनीकी सहायक मनरेगा संजीव कुमार से रिकवरी की जाएगी। इसके साथ ही इन सभी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने के आदेश दिए है।
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गौरीपुर में इस तरह हुआ खेल
गौरीपुर जवाहरनगर गांव में वर्ष 2020-21 में नंदन कानन पार्क में नर्सरी निर्माण कार्य के नाम पर 31,557 रुपये, 2019-20 में नंदन कानन नर्सरी से झाड़ी सफाई व समतलीकरण के नाम पर 81,718 रुपये, 2018-19 में मंगल के घर से प्रदीप के खेत तक नाले पर मिट्टी कार्य पर 8,225 रुपये, वर्ष 2016-17 में सुरेश के खेत से जितेंद्र के खेत तक संपर्क मार्ग के निर्माण के नाम पर 23,664 रुपये की धनराशि निकाली गई।
चौहल्दा में इस तरह हुआ खेल
चौहल्दा गांव में वर्ष 2019-20 में बरसाती नाले पर पौधरोपण को 28,392 रुपये, 2020-21 में रेलवे स्टेशन वाले रास्ते पर पौधरोपण पर 5,829 रुपये, वर्ष 2018-19 में अनूप के खेत से सबे के खेत तक मिट्टी कार्य पर 17,627 रुपये निकाले गए। वर्ष 2019-20 में बरसाती नाले की खुदाई व सफाई पर 3,185 रुपये, वर्ष 2016-17 में कब्रिस्तान व नहर के किनारे पौधरोपण पर 6,438 रुपये व बेरोजगार भत्ता 45 दिन के नाम पर 1,968 रुपये की धनराशि निकाली गई।