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बागपत की मिलों पर किसानों के 392 करोड़
Updated Sun, 15 Apr 2018 01:52 AM IST
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बागपत। चीनी मिलों पर किसानों के गन्ने के बकाया भुगतान के 392 करोड़ रुपये बकाया है। मलकपुर चीनी मिल ने पिछले सत्र का भुगतान पूरा कर दिया, लेकिन वर्तमान सत्र के ही 332 करोड़ रुपये मिल पर बकाया है। किसानों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
चीनी मिलों पर सख्ती के बावजूद किसानों को नियमित भुगतान नहीं मिल रहा है। जिला गन्ना अधिकारी सुशील कुमार ने बताया कि पांच अप्रैल तक मलकपुर चीनी मिल पर वर्तमान पेराई सत्र के 33265.15 लाख रुपये, रमाला चीनी मिल पर 2871.26 लाख और बागपत चीनी मिल पर 3114.31 लाख रुपये बकाया है। चीनी मिलों को नियमानुसार भुगतान के निर्देश विभाग ने दिए हैं। उधर, किसानों ने कहा नियमित रूप से भुगतान नहीं मिलने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मलकपुर मिल ने पूरा किया भुगतान
बागपत। डीसीओ सुशील कुमार ने बताया कि हाईकोर्ट में दिए शपथपत्र के अनुसार ही 15 अप्रैल से पहले ही मलकपुर चीनी मिल ने संपूर्ण भुगतान कर दिया। चीनी मिल अब वर्तमान पेराई सत्र का भुगतान शुरू कर देगी। किसानों को किसी तरह की समस्या का सामना नहीं करने दिया जाएगा।
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सीएम से मिले थे सत्यपाल सिंह
बागपत। चीनी मिलों के बकाया भुगतान का मामला बड़ौत में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के समक्ष उठाया। इसके बाद केंद्रीय मानव संसाधन राज्यमंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह ने लखनऊ जाकर सीएम योगी आदित्यनाथ से भुगतान कराने की मांग भी रखी थी।
क्या कहते हैं किसान
बागपत। युवा रालोद के जिलाध्यक्ष प्रमेंद्र तोमर का कहना है कि मलकपुर मिल पर करोड़ों रुपये बकाया है। चीनी मिलें इंडेंट ही जारी नहीं कर रही है, इससे कारण गन्ना खेतों में खड़ा है। किसान परेशान है। भाकियू जिलाध्यक्ष प्रताप गुर्जर का कहना है कि भाजपा सरकार किसानों को पर्याप्त इंडेंट दिलाने और भुगतान कराने में नाकाम रही है।
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चीनी मिलों पर सख्ती के बावजूद किसानों को नियमित भुगतान नहीं मिल रहा है। जिला गन्ना अधिकारी सुशील कुमार ने बताया कि पांच अप्रैल तक मलकपुर चीनी मिल पर वर्तमान पेराई सत्र के 33265.15 लाख रुपये, रमाला चीनी मिल पर 2871.26 लाख और बागपत चीनी मिल पर 3114.31 लाख रुपये बकाया है। चीनी मिलों को नियमानुसार भुगतान के निर्देश विभाग ने दिए हैं। उधर, किसानों ने कहा नियमित रूप से भुगतान नहीं मिलने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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मलकपुर मिल ने पूरा किया भुगतान
बागपत। डीसीओ सुशील कुमार ने बताया कि हाईकोर्ट में दिए शपथपत्र के अनुसार ही 15 अप्रैल से पहले ही मलकपुर चीनी मिल ने संपूर्ण भुगतान कर दिया। चीनी मिल अब वर्तमान पेराई सत्र का भुगतान शुरू कर देगी। किसानों को किसी तरह की समस्या का सामना नहीं करने दिया जाएगा।
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सीएम से मिले थे सत्यपाल सिंह
बागपत। चीनी मिलों के बकाया भुगतान का मामला बड़ौत में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के समक्ष उठाया। इसके बाद केंद्रीय मानव संसाधन राज्यमंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह ने लखनऊ जाकर सीएम योगी आदित्यनाथ से भुगतान कराने की मांग भी रखी थी।
क्या कहते हैं किसान
बागपत। युवा रालोद के जिलाध्यक्ष प्रमेंद्र तोमर का कहना है कि मलकपुर मिल पर करोड़ों रुपये बकाया है। चीनी मिलें इंडेंट ही जारी नहीं कर रही है, इससे कारण गन्ना खेतों में खड़ा है। किसान परेशान है। भाकियू जिलाध्यक्ष प्रताप गुर्जर का कहना है कि भाजपा सरकार किसानों को पर्याप्त इंडेंट दिलाने और भुगतान कराने में नाकाम रही है।