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हिसाब-किताब में उलझेगा कपड़ा व्यापार

Tue, 27 Jun 2017 12:43 AM IST
Updated Tue, 27 Jun 2017 12:43 AM IST
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हिसाब-किताब में उलझेगा कपड़ा व्यापार
हिसाब-किताब में उलझेगा कपड़ा व्यापार
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बागपत। करीब 70 साल बाद कपड़ों पर जीएसटी लगने से व्यापारियों के बीच बेचैनी है। टैक्स से कपड़ा बाजार धड़ाम होने की संभावनाएं जताई जा रही है। व्यापारी भी बर्बाद हो जाएगा। हिसाब-किताब में उलझकर रह जाएंगे। इससे नुकसान आम जन को भी उठाना पड़ेगा। शहर के व्यापारियों ने कहा स्टॉक का हिसाब मांगा जाएगा, जो बेहद गलत है। कपड़े को कर से बाहर रखा जाना चाहिए।
कपड़ा व्यापारी प्रदीप कुमार ने कहा तीन माह के स्टॉक का भी रिकॉर्ड मांगा जा रहा है, जो गलत है। इस टैक्स से व्यापारी बर्बाद हो जाएगा। जीएसटी से व्यापारी के साथ-साथ ग्राहकों को भी नुकसान पहुंचेगा। इसका विरोध किया जाएगा। दुकानें बंद रख कर विरोध करेंगे।
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संजय चावला ने कहा जीएसटी से कपड़ा व्यापारी बर्बाद हो जाएगा। हिसाब-किताब रखना महाभारत रहेगा। 10-10 रुपये के कपड़े का भी रिकार्ड बनाना पड़ेगा जो सबसे बड़ा सर दर्द बनेगा।
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जगदीश प्रसाद खरबंदा ने कहा जीएसटी से नुकसान के अलावा और कुछ होने वाला नहीं है। फाइलों में व्यापार उलझेगा। ग्राहकों के लिए परेशानी खड़ी होने जा रही है।

हर्ष मिगलानी ने कहा जीएसटी लागू होते ही व्यापारी को एक माह में तीन बार रिटर्न जमा करना होगा। इससे परेशानी बढ़ेगी। इस टैक्स ने कपड़ा व्यापारियों में भूचाल की स्थिति पैदा की हुई है। कुछ माह तो परेशानी होगी, बाद में सब कुछ ठीक हो जाएगा।
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